MP राज्यसभा उम्मीदवार नटराजन का नामांकन खारिज : कांग्रेस बोली-इसके खिलाफ कोर्ट जाएंगे, दिल्ली-भोपाल में चुनाव आयोग के बाहर धरना
MP CG Times / Tue, Jun 9, 2026
मध्य प्रदेश की राजनीति में मंगलवार को उस वक्त बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब राज्यसभा चुनाव की तीसरी सीट से कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र खारिज कर दिया गया। भारतीय जनता पार्टी की आपत्ति के बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने कांग्रेस प्रत्याशी से जवाब मांगा था, लेकिन जवाब से संतुष्ट नहीं होने पर नामांकन रद्द कर दिया।
इस फैसले ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताते हुए अदालत जाने का ऐलान किया है, जबकि दिल्ली से लेकर भोपाल तक चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
भाजपा की आपत्ति के बाद फंसा मामला
मध्य प्रदेश से राज्यसभा की तीन सीटों के लिए चुनाव होना है। कांग्रेस ने तीसरी सीट के लिए वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाया था। हालांकि, भाजपा ने उनके नामांकन पर आपत्ति दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने तेलंगाना की हैदराबाद कोर्ट में लंबित एक मामले की जानकारी अपने नामांकन पत्र में छिपाई है। चुनावी नियमों के तहत प्रत्याशी को अपने खिलाफ लंबित मामलों की जानकारी देना अनिवार्य होता है। इसी आधार पर भाजपा ने नामांकन खारिज करने की मांग की।
रिटर्निंग ऑफिसर ने मांगा जवाब
भाजपा की आपत्ति मिलने के बाद राज्यसभा चुनाव के रिटर्निंग ऑफिसर अरविंद शर्मा ने मीनाक्षी नटराजन को कारण बताओ नोटिस जारी किया। उन्हें शाम साढ़े पांच बजे तक अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया। कांग्रेस प्रत्याशी ने अपना जवाब प्रस्तुत किया, लेकिन रिटर्निंग ऑफिसर ने उसे पर्याप्त नहीं माना और नामांकन पत्र को निरस्त कर दिया।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस फैसले के बाद मध्य प्रदेश की तीनों राज्यसभा सीटों पर भाजपा उम्मीदवारों का निर्विरोध निर्वाचन लगभग तय हो गया है।
कांग्रेस का पलटवार, बोली- कोई आपराधिक मामला नहीं
नामांकन रद्द होने के तुरंत बाद कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा के आरोपों को खारिज कर दिया। पार्टी नेताओं ने कहा कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ कोई आपराधिक प्रकरण लंबित नहीं है। उन्हें केवल एक नोटिस प्राप्त हुआ था, जिसे आपराधिक मामला बताकर राजनीतिक साजिश रची जा रही है।
कांग्रेस का कहना है कि नामांकन निरस्त करने का फैसला नियमों की गलत व्याख्या पर आधारित है और इसे कानूनी चुनौती दी जाएगी। पार्टी ने साफ किया कि वह इस मामले को अदालत में ले जाएगी और न्यायिक प्रक्रिया के जरिए अपना पक्ष रखेगी।
दिल्ली में चुनाव आयोग के बाहर कांग्रेस का प्रदर्शन
मामले ने राष्ट्रीय स्तर पर भी तूल पकड़ लिया। कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल के नेतृत्व में पार्टी का प्रतिनिधिमंडल नई दिल्ली स्थित भारत निर्वाचन आयोग पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से मुलाकात का समय मांगा और इस कार्रवाई के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। आयोग ने कांग्रेस नेताओं को बुधवार दोपहर 12 बजे मिलने का समय दिया है।
भोपाल में भी धरना
राजधानी भोपाल में भी कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग के कार्यालय पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। नेताओं ने आरोप लगाया कि विपक्षी उम्मीदवारों को तकनीकी आधार पर चुनाव से बाहर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने इस फैसले को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया और तत्काल पुनर्विचार की मांग की।
अब आगे क्या होगा?
कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि वह कानूनी लड़ाई लड़ेगी। यदि अदालत में याचिका दायर होती है, तो यह तय होगा कि नामांकन निरस्त करने का फैसला विधिसम्मत था या नहीं। दूसरी ओर, यदि फैसला बरकरार रहता है तो मध्य प्रदेश की तीनों राज्यसभा सीटों पर भाजपा उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो सकते हैं।
सियासी मायने
मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज होना सिर्फ एक चुनावी प्रक्रिया का मामला नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे मध्य प्रदेश की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है। भाजपा इसे नियमों के पालन की कार्रवाई बता रही है, जबकि कांग्रेस इसे विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश करार दे रही है। अब सबकी नजरें अदालत और चुनाव आयोग की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं, क्योंकि इस फैसले का असर राज्यसभा चुनाव के साथ-साथ प्रदेश की राजनीतिक गर्माहट पर भी पड़ सकता है।
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