भू-माफिया से क्यों घबरा गए जिले के भगवान ? : राजिम में अवैध प्लॉटिंग, नहर-तालाब तक पाट दिए, सबूत में VIDEO दिए, एक्शन के बजाए खुली छूट ?
MP CG Times / Thu, Jul 16, 2026
गिरीश जगत, गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के प्रयाग कहे जाने वाले राजिम में भू-माफिया खुलेआम सरकारी जमीन, निस्तारी तालाब और सिंचाई विभाग की नहर तक निगलने में जुटे हैं। अवैध प्लाटिंग के लिए न सिर्फ कृषि भूमि को बिना डायवर्सन कॉलोनियों में बदला जा रहा है, बल्कि सरकारी जलस्रोतों को भी मिट्टी डालकर खत्म किया जा रहा है। शिकायतें होती रहीं, वीडियो सबूत दिए गए, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर भू-माफिया के हौसले इतने बुलंद क्यों हैं? आरोप सिर्फ अवैध प्लाटिंग का नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की चुप्पी का भी है। एक तरफ प्रभावशाली लोगों पर तालाब और नहर पाटकर करोड़ों के प्लॉट काटने के आरोप लग रहे हैं, तो दूसरी तरफ प्रशासन अब कह रहा है कि मामला संज्ञान में आया है। जांच कराएंगे।
हालांकि एसडीएम का दावा है कि अब तक 100 से ज्यादा रकबों की खरीदी-बिक्री पर रोक लगाई जा चुकी है, लेकिन जिन तालाबों और नहरों पर कब्जे के आरोप हैं, वहां लंबे समय तक कार्रवाई नहीं होना कई सवाल खड़े करता है।
सरकारी तालाब और नहर पर कब्जे के आरोप, अवैध प्लाटिंग का बड़ा खेल
राजिम में भू-माफियाओं द्वारा नियम-कायदों को ताक पर रखकर अवैध प्लाटिंग किए जाने के आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि कृषि भूमि का डायवर्सन कराए बिना कॉलोनियां बसाई जा रही हैं, मुरम की सड़कें बनाकर प्लॉट काटे जा रहे हैं।
इस अवैध कारोबार को बढ़ाने के लिए सरकारी नहर और निस्तारी तालाब तक पाटे जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सब खुलेआम हो रहा है, लेकिन प्रशासन की ओर से समय रहते कार्रवाई नहीं की गई।
2 जुलाई को कलेक्टर से शिकायत, वीडियो भी सौंपा
बरोंडा निवासी नेतराम धृतलहरे ने 2 जुलाई को कलेक्टर भगवान सिंह उइके को लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया कि कई प्रभावशाली लोग सरकारी तालाब को पाट रहे हैं। उन्होंने शिकायत के साथ वीडियो भी सौंपा, जिसमें मशीनों से तालाब भरने का काम दिखाई देने का दावा किया गया।
नेतराम का कहना है कि जून के अंतिम सप्ताह में ही उन्होंने स्थानीय तहसीलदार और एसडीएम से भी शिकायत की थी, लेकिन किसी ने काम नहीं रुकवाया।

डेढ़ एकड़ का निस्तारी तालाब पाटने का आरोप
शिकायत के मुताबिक खसरा नंबर-584 में दर्ज करीब डेढ़ एकड़ के निस्तारी तालाब को उन्हीं लोगों ने पाट दिया, जो आसपास की कृषि भूमि खरीदकर अवैध प्लाटिंग कर रहे हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जब इस मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो चौबे बांधा मार्ग स्थित दानी तालाब को भी सड़क की तरफ से मिट्टी डालकर पाटना शुरू कर दिया गया।
पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष का दावा- रिकॉर्ड में था डेढ़ एकड़ तालाब
तत्कालीन नगर पंचायत अध्यक्ष पवन सोनकर ने दावा किया कि वर्ष 2016 में केतकी तालाब करीब डेढ़ एकड़ क्षेत्र में दर्ज था। उसी समय नगर के एक धीवर को मछली पालन के लिए 10 साल की लीज भी दी गई थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में राजनीतिक संरक्षण प्राप्त लोगों ने रिकॉर्ड में छेड़छाड़ कर तालाब का रकबा कम कर दिया। उनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद तालाब का बड़ा हिस्सा पाट दिया गया और उसका मूल स्वरूप बदल दिया गया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि करीब एक साल पहले हुई जांच में तालाब के कुछ हिस्से को निजी जमीन बताया गया, जबकि संविधान और न्यायालय के निर्देशों के अनुसार सार्वजनिक जलाशय का मूल स्वरूप बदला नहीं जा सकता।

कबीर नगर बसाने के बाद अब पार्ट-2 की तैयारी
राजिम-गरियाबंद मार्ग पर जमीनों की मांग बढ़ने के साथ अवैध प्लाटिंग का कारोबार भी तेजी से फैलने का आरोप है। बताया गया कि शहर से करीब पांच किलोमीटर तक 20 से अधिक रकबों में अवैध प्लाटिंग की गई है।
हाईवे किनारे कृषि भूमि में मुरम डालकर पहले 'कबीर नगर' नाम से कॉलोनी बसाई गई। आरोप है कि करीब एक एकड़ से अधिक जमीन पर प्लॉट काटकर बेचे जा चुके हैं। अब इसी कॉलोनी के पार्ट-2 की तैयारी चल रही है।
नहर पर पाइप डालकर बना दिया रास्ता
आरोप है कि कॉलोनी के दूसरे हिस्से तक पहुंचने के लिए सिंचाई विभाग की नहर में बड़ा पाइप डालकर उसके ऊपर मिट्टी भर दी गई और रास्ता बना दिया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सब प्रशासन की नाक के नीचे हुआ, लेकिन किसी विभाग ने रोकने की कोशिश नहीं की।
प्रभावशाली लोगों के संरक्षण का आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि अवैध प्लाटिंग करने वालों को सत्ता से जुड़े प्रभावशाली लोगों का संरक्षण प्राप्त है। यही कारण है कि प्रशासन सख्त कार्रवाई करने से बचता रहा। यह भी दावा किया गया कि राजिम क्षेत्र में हर महीने करीब 200 अवैध प्लॉटों की रजिस्ट्री हो रही है, जो पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है।
एसडीएम बोले- 100 से ज्यादा रकबों की खरीदी-बिक्री पर रोक
राजिम एसडीएम विशाल महाराणा ने कहा कि अवैध प्लाटिंग की शिकायतों के आधार पर अब तक 100 से ज्यादा रकबों की खरीदी-बिक्री पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है।
तालाब और सिंचाई नहर पाटने के आरोपों पर उन्होंने कहा कि मामला अभी संज्ञान में आया है। इसकी जांच कराई जाएगी और जांच के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
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