Logo
Breaking News Exclusive
कारोबारी के घर से 7 किलो सोना और 1 किलो चांदी पार, पति-पत्नी और साली गिरफ्तार हथियार-कार और 4.5 किलो चांदी बरामद, जानिए किस कातिल ने चलाई थी गोली 48 गांवों के ग्रामीणों ने PM मोदी को खून से लिखे 500 पत्र, समाधान शिविर भी फेल, टाइगर रिजर्व की NOC में अटकी परियोजना फ्रेंड्स भी संबंध बनाने दवाब बनाकर ब्लैकमेल करने लगे, 2 साल से था अफेयर, 10 आरोपी गिरफ्तार चावल देखकर बताता था लोगों को भविष्य, महिला की शिकायत पर पॉक्सो और दुष्कर्म की धाराओं में FIR कांग्रेस बोली-इसके खिलाफ कोर्ट जाएंगे, दिल्ली-भोपाल में चुनाव आयोग के बाहर धरना कार-बाइक की टक्कर के बाद नाले में गिरी गाड़ी, हादसे में दोनों ड्राइवरों की हालत नाजुक 15 दिन से खराब था एकमात्र हैंडपंप; खाली बर्तन रख ग्रामीणों ने बंद किया राजेंद्रग्राम-अमरकंटक मार्ग कार ने बाइक को सामने से मारी जोरदार टक्कर; एक की मौत, 2 दिन में यह दूसरा बड़ा हादसा गरियाबंद में 79 साल से अंधेरे में 48 गांव, डस्टबीन में अर्जी फेंक देते हैं अधिकारी, अब PM को खून से लेटर लिखेंगे आदिवासी कारोबारी के घर से 7 किलो सोना और 1 किलो चांदी पार, पति-पत्नी और साली गिरफ्तार हथियार-कार और 4.5 किलो चांदी बरामद, जानिए किस कातिल ने चलाई थी गोली 48 गांवों के ग्रामीणों ने PM मोदी को खून से लिखे 500 पत्र, समाधान शिविर भी फेल, टाइगर रिजर्व की NOC में अटकी परियोजना फ्रेंड्स भी संबंध बनाने दवाब बनाकर ब्लैकमेल करने लगे, 2 साल से था अफेयर, 10 आरोपी गिरफ्तार चावल देखकर बताता था लोगों को भविष्य, महिला की शिकायत पर पॉक्सो और दुष्कर्म की धाराओं में FIR कांग्रेस बोली-इसके खिलाफ कोर्ट जाएंगे, दिल्ली-भोपाल में चुनाव आयोग के बाहर धरना कार-बाइक की टक्कर के बाद नाले में गिरी गाड़ी, हादसे में दोनों ड्राइवरों की हालत नाजुक 15 दिन से खराब था एकमात्र हैंडपंप; खाली बर्तन रख ग्रामीणों ने बंद किया राजेंद्रग्राम-अमरकंटक मार्ग कार ने बाइक को सामने से मारी जोरदार टक्कर; एक की मौत, 2 दिन में यह दूसरा बड़ा हादसा गरियाबंद में 79 साल से अंधेरे में 48 गांव, डस्टबीन में अर्जी फेंक देते हैं अधिकारी, अब PM को खून से लेटर लिखेंगे आदिवासी

: कौन बनेगा करोड़पति ने जगाई आदिवासी बच्चों की पढ़ाई में रुचि, पुरुस्कारों से मिल रहा प्रोत्साहन

News Desk / Sat, Feb 11, 2023


शिक्षक सुरेश मिश्रा बच्चों को कौन बनेगा विजेता खेल खिलाते हुए

शिक्षक सुरेश मिश्रा बच्चों को कौन बनेगा विजेता खेल खिलाते हुए - फोटो : अमर उजाला, इंदौर

विस्तार

भारत में आज यदि सबसे अधिक किसी क्षेत्र में काम करने की जरूरत है तो वह है शिक्षा और स्वास्थ्य। सरकार अपने स्तर पर पूरे प्रयास कर रही है लेकिन यदि इसमें स्थानीय स्तर पर नवाचारों को शामिल कर लिया जाए तो बड़े सकारात्मक बदलाव आ सकते हैं। ऐसा ही एक उदाहरण है मप्र के शहडोल जिले के दूर दराज के गांव बड़ी छतबई का। बैगा आदिवासियों का यह क्षेत्र बेहद पिछड़ा हुआ है और यहां पर शिक्षा का स्तर तो बेहद कमजोर है। ऐसे में बच्चों को स्कूल तक लाना और उन्हें बेहतर शिक्षा देना अपने आप में एक चुनौती बना रहता है। यहां के शिक्षक सुरेश मिश्रा ने इन्हीं सब बातों को समझते हुए यहां के सरकारी स्कूल में कई प्रयोग किए जो आज चर्चा का विषय बनते जा रहे हैं।  
 
केबीसी की तर्ज पर शुरू किया कौन बनेगा विजेता 
सुरेश मिश्रा बताते हैं कि उन्होंने कौन बनेगा करोड़पति टीवी सीरियल की तर्ज पर यहां कौन बनेगा विजेता आयोजित करना शुरू किया। इसमें वे पहले एक सवाल देते हैं और जो छात्र सबसे पहले सही उत्तर देता है उसे हॉट सीटने पर बैठने का मौका मिलता है। सोलह सवाल पूछे जाते हैं और पांच सवाल के बाद बच्चे को एक पेन, फिर पांच के बाद एक कंपास और छह के बाद एक और उससे भी अच्छा कंपास दिया जाता है। बच्चा बीच में खेल छोड़कर भी जा सकता है और हॉट लाइन का उपयोग करके दोस्तों से एक सवाल का उत्तर भी पूछ सकता है। जो सोलह प्रश्न पूछे गए उनके लिए भी एक सप्ताह पहले तीस सवाल दिए गए थे। उन तीस को याद करना था और उन्हीं में से यह सोलह पूछे जाने थे। सुरेश मिश्रा कहते हैं खेल, जीत और पुरुस्कार का उत्साह अलग ही होता है। बच्चे सारे सवाल याद करके आते हैं। यही एक शिक्षक की सफलता है।  
 
सोशल मीडिया पर सराहे जाते हैं इस स्कूल के प्रयोग 
यह स्कूल बहुत दूर दराज में और ग्रामीण क्षेत्र में होने के बावजूद सुरेश मिश्रा और उनके साथी शिक्षक यहां पर नए नए प्रयोग करते रहते हैं। बच्चों को गिफ्ट देना, उनकी पसंद का खाना खिलाना आदि कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं ताकि पढ़ाई में उनकी रुचि बनी रहे। उनके यह प्रयोग सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियां बटोरते हैं।

Source link

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन