शहडोल में लापता युवक का शव 8 दिन बाद कुएं में मिला : पत्नी बोली- पति का शव कुएं में सड़ता रहा, पुलिस कहती रही- लड़की लेकर भाग गया
MP CG Times / Sat, Jan 24, 2026
मध्यप्रदेश के शहडोल जिले के पकरिया गांव में एक महिला का दर्द भरा आरोप सामने आया है। 22 जनवरी को 31 वर्षीय शिवपाल भारिया का शव गांव से करीब 800 मीटर दूर एक कुएं में मिला। शिवपाल 14 जनवरी से लापता था। उसकी पत्नी श्रद्धा भारिया का आरोप है कि पुलिस ने समय रहते खोजबीन नहीं की और उल्टा उसके पति को ही गलत ठहराती रही।
परिजनों के अनुसार शिवपाल 14 जनवरी की रात घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। अगले दिन 15 जनवरी को केशवाही चौकी में गुमशुदगी दर्ज कराई गई। परिवार का कहना है कि यदि पुलिस गंभीरता दिखाती तो शायद शिवपाल की जान बच सकती थी।

पत्नी का आरोप- पुलिस ने गुमराह किया
शिवपाल की पत्नी श्रद्धा भारिया ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी उनके घर आकर कहते थे कि उनका पति किसी लड़की के साथ भाग गया है और ऐश कर रहा है। उन्होंने पुलिस पर मानसिक प्रताड़ना और लापरवाही का आरोप लगाया। पति की तस्वीर देखकर श्रद्धा बेसुध होकर गिर पड़ीं और हत्या की आशंका जताती रहीं।
कियोस्क सेंटर में करता था काम
शिवपाल गांव में स्थित एक कियोस्क सेंटर में काम करता था, जो सीताशरण शर्मा का बताया जा रहा है। 14 जनवरी की शाम वह घर आया था, लेकिन खाना खाए बिना बस्ती की ओर जाने की बात कहकर निकल गया था। इसके बाद वह लौटकर नहीं आया।
हार्डवेयर दुकान के पास मिला मोबाइल
लापता होने के अगले दिन शिवपाल का मोबाइल गांव की सिया हार्डवेयर दुकान के पास मिला, जिसे दुकान संचालक ने परिजनों को सौंपा। शव मिलने के बाद परिजनों ने हार्डवेयर संचालक पर भी संदेह जताया है।
मां बोली- बेटे की हत्या हुई, पुलिस बचा रही दोषियों को
शिवपाल की मां दमयंती भारिया ने बेटे की हत्या का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कियोस्क सेंटर में काम करना बेटे के लिए भारी पड़ गया। उन्होंने पुलिस पर हार्डवेयर संचालक और एक महिला को बचाने का आरोप भी लगाया।
एक महिला से 50 से ज्यादा बार हुई थी बात
पुलिस जांच में सामने आया कि शिवपाल की कॉल डिटेल में एक महिला से 50 से ज्यादा बार बातचीत हुई थी। महिला को पूछताछ के लिए बुलाया गया, हालांकि उसने घटना से किसी भी तरह के संबंध से इनकार किया है।
पुलिस के खिलाफ सड़क पर उतरे लोग
शव मिलने के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। समझाइश के बाद पोस्टमॉर्टम कराया गया। अगले दिन भी परिजनों ने शव रखकर धरना दिया, जिसके बाद प्रशासन के आश्वासन पर अंतिम संस्कार किया गया।
एसडीओपी बोले- हर एंगल से जांच जारी
धनपुरी एसडीओपी विकास पाण्डेय ने बताया कि मामला गंभीर है और हर पहलू से जांच की जा रही है। एफएसएल टीम को मौके पर बुलाया गया है। मोबाइल कॉल डिटेल खंगाली जा रही है और संदिग्ध महिला व हार्डवेयर संचालक से पूछताछ जारी है।
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