Logo
Breaking News Exclusive
85 में 68 MLA नहीं चाहते BJP का मुख्यमंत्री, जानिए 97% MLA किसे बनाना चाह रहे CM ? Online Earning 2026, MP के युवाओं के लिए घर बैठे ₹30,000 महीना कमाने के 5 आसान तरीके Health Insurance 2026 MP, ₹5 लाख तक का इलाज सिर्फ ₹500 महीना में, जानिए बेस्ट प्लान Government Jobs 2026 MP, 10वीं-12वीं पास के लिए बंपर भर्ती, ऐसे करें आवेदन, पूरी गाइड Personal Loan 2026, बिना गारंटी ₹5 लाख तक लोन कैसे लें, Interest Rate, Eligibility, Documents पूरी जानकारी क्या PM Modi ने CG की गाड़ी से किया प्रचार ? कांग्रेस बोली-पुद्दुचेरी में गाड़ी नंबर बता रही फंडिंग कहां से हो रही MP में SBI Personal Loan 2026, ₹5 लाख तक लोन लेने का आसान तरीका, पूरी जानकारी Health Insurance 2026, ₹5 लाख तक का कवर सिर्फ ₹500 महीने में, कैसे लें सही पॉलिसी, पूरी गाइड ? Insurance & Investment से पैसे कैसे बढ़ाएं 2026, घर बैठे ₹50,000 तक कमाने के 5 आसान तरीके, पूरी गाइड SBI Personal Loan 2026: 7% ब्याज पर ₹5 लाख तक लोन, EMI, Eligibility और Apply Process पूरी जानकारी 85 में 68 MLA नहीं चाहते BJP का मुख्यमंत्री, जानिए 97% MLA किसे बनाना चाह रहे CM ? Online Earning 2026, MP के युवाओं के लिए घर बैठे ₹30,000 महीना कमाने के 5 आसान तरीके Health Insurance 2026 MP, ₹5 लाख तक का इलाज सिर्फ ₹500 महीना में, जानिए बेस्ट प्लान Government Jobs 2026 MP, 10वीं-12वीं पास के लिए बंपर भर्ती, ऐसे करें आवेदन, पूरी गाइड Personal Loan 2026, बिना गारंटी ₹5 लाख तक लोन कैसे लें, Interest Rate, Eligibility, Documents पूरी जानकारी क्या PM Modi ने CG की गाड़ी से किया प्रचार ? कांग्रेस बोली-पुद्दुचेरी में गाड़ी नंबर बता रही फंडिंग कहां से हो रही MP में SBI Personal Loan 2026, ₹5 लाख तक लोन लेने का आसान तरीका, पूरी जानकारी Health Insurance 2026, ₹5 लाख तक का कवर सिर्फ ₹500 महीने में, कैसे लें सही पॉलिसी, पूरी गाइड ? Insurance & Investment से पैसे कैसे बढ़ाएं 2026, घर बैठे ₹50,000 तक कमाने के 5 आसान तरीके, पूरी गाइड SBI Personal Loan 2026: 7% ब्याज पर ₹5 लाख तक लोन, EMI, Eligibility और Apply Process पूरी जानकारी

: MP में महिलाओं ने लूट लिया बाजार: बुंदेलखंड की 184 साल पुरानी अनोखी परंपरा, जानिए क्या है Sagar Unique Tradition ?

Market looted for Sheetla Mata Prasad: जब चिकित्सा विज्ञान ने तरक्की नहीं की थी और हमारे देश में स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर नीम हकीम और वैद्यराज ही एकमात्र सहारा थे। जब ये लोग किसी बीमारी पर काबू नहीं पा पाते थे, तो लोग भगवान के दर पर जाते थे। महामारी और आपदाओं से मुक्ति के लिए वे विशेष पूजा-अर्चना के जरिए भगवान को प्रसन्न करते थे।

MP में खोले गए बरगी डैम के 7 गेट: 10 लाख लीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से निकला पानी, नर्मदा नदी किनारे अलर्ट Market looted for Sheetla Mata Prasad: जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी खसरे की बीमारी के चलते लोग माता की पूजा करते हैं। इसी तरह सागर शहर में 184 साल पहले महामारी के चलते शीतला माता की विशेष पूजा की परंपरा शुरू हुई, जिसे तिसला पूजा के नाम से जाना जाता है। Electric Vehicles Subsidy: इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर मिलेगी सब्सिडी, जानिए सरकार ने कितने सौ करोड़ बढ़ाए EMPS ? Market looted for Sheetla Mata Prasad: इस पूजा की खास बात यह है कि इसमें महिलाएं 10 दिनों तक शीतला माता की विशेष पूजा करती हैं। 10वें दिन माता की शोभायात्रा निकाली जाती है। शोभायात्रा से दो दिन पहले महिलाएं माता के प्रसाद के लिए बाजार लूट लेती हैं। MP में इस मंत्री से भाजपा महामंत्री के नाम पर मांगे 5 लाख: कहा- उपचुनाव में लोगों की व्यवस्था करनी है, पुलिस ने किया गिरफ्तार सागर शहर में केशरवानी समाज द्वारा इस परंपरा का निरंतर पालन किया जा रहा है। आज भी लोग आपदाओं और बीमारियों से बचने के लिए शीतला माता की पूजा करते हैं। जिंदगी नर्क बन गई, जीना मंजूर नहीं: MP में महिला ने जहर खाकर की खुदकुशी, परिजन बोले- पति ने दिया जहर

184 साल पुरानी परंपरा

Market looted for Sheetla Mata Prasad: सागर शहर की इस अनूठी परंपरा की बात करें तो यह परंपरा करीब 184 साल पुरानी है। इस परंपरा की शुरुआत के बारे में कहा जाता है कि सागर शहर में महामारी के कारण लोग मर रहे थे। महामारी अपना दायरा बढ़ा रही थी। MP में इस मंत्री से भाजपा महामंत्री के नाम पर मांगे 5 लाख: कहा- उपचुनाव में लोगों की व्यवस्था करनी है, पुलिस ने किया गिरफ्तार Market looted for Sheetla Mata Prasad: ब्रिटिश शासन के दौरान स्वास्थ्य सुविधाएं इतनी अच्छी नहीं थीं कि लोगों का इलाज हो सके। ऐसे में लोग नीम, हकीम और वैद्यराज पर निर्भर रहते थे। जब ये भी बीमारी पर काबू नहीं पा सके तो लोगों के लिए भगवान ही एकमात्र सहारा बचा था। MP में महिलाओं ने पटवारी का सिर फोड़ा: खेत का सीमांकन करने पहुंची राजस्व टीम पर ईंट-लाठियों से हमला, तहसीलदार हटाए गए Market looted for Sheetla Mata Prasad: कहते हैं कि 184 साल पहले आई महामारी की रोकथाम को लेकर लोग काफी चिंतित थे। तब शीतला माता ने अपनी एक महिला भक्त को स्वप्न दिया और बताया कि महामारी पर काबू पाने के लिए 10 दिन का अनुष्ठान करो, तभी बीमारी ठीक होगी। शीतला माता ने अपनी महिला भक्तों को पूजा की विधि भी बताई। MP में महिलाओं ने पटवारी का सिर फोड़ा: खेत का सीमांकन करने पहुंची राजस्व टीम पर ईंट-लाठियों से हमला, तहसीलदार हटाए गए

महिलाएं भीख मांगती हैं और बाजार लूटती हैं

Market looted for Sheetla Mata Prasad: महामारी से बचने के लिए शहर के केशरवानी समाज ने मां शीतला का 10 दिवसीय अनुष्ठान करने का निर्णय लिया और मां द्वारा बताई गई विधि के अनुसार अनुष्ठान शुरू किया गया. जो आज 184 साल बाद भी अनवरत जारी है. सागर में इसे तिसला पूजा के नाम से जाना जाता है. MP में मोहन सरकार का यू टर्न: बेसिक स्कूल एडमिशन रूल को पलटा, जानिए क्या है School Admission New Guideline ? Market looted for Sheetla Mata Prasad: स्थानीय युवा विकास केसरवानी बताते हैं कि 'यह 10 दिवसीय अनुष्ठान है. जिसकी शुरुआत शहर की नाकाबंदी से होती है. समाज की नवविवाहित महिलाएं अनुष्ठान के पहले 5 दिनों में शहर की नाकाबंदी करती हैं. 5 दिनों में शहर की सीमा को सात बार जल की धारा से नाकाबंदी की जाती है. इसके बाद महिलाएं अपने रिश्तेदारों के यहां जाकर भीख मांगती हैं. MP में कुएं में दम घुटने से 4 लोगों की मौत: पंप लगाने उतरा था किसान, मदद के लिए उतरे तीन लोगों की एक के बाद एक मौत Market looted for Sheetla Mata Prasad: उन्हें गेहूं का आटा और पैसे मिलते हैं. पूजा के छठे दिन महिलाएं भीख में मिले अनाज और पैसों से अपने परिवार के हर पुरुष सदस्य के लिए 20-20 गुझिया बनाती हैं. इन 20 गुझिया में से पुरुष सदस्य अपने परिवार की महिलाओं को पांच गुझिया देते हैं. उन्हें दसवें दिन तक बची हुई 15 गुझिया खानी होती हैं। MP में जल संसाधन मंत्री का एक्सीडेंट: कैबिनेट की बैठक में जाते समय कार ने मारी टक्कर, उड़े परखच्चे Market looted for Sheetla Mata Prasad: पूजा के आठवें दिन महिलाएं बाजार लूटने की परंपरा निभाती हैं। बाजार लूटने के दौरान महिलाओं को जो भी मिलता है, उससे वे देवी के लिए भोग तैयार करती हैं और पूजा के दसवें दिन यानी आखिरी दिन देवी को भोग लगाने के बाद शहर में जुलूस निकाला जाता है। [caption id="attachment_54110" align="alignnone" width="1024"] Sagar Unique Tradition[/caption] Read more- Landmines, Tanks, Ruins: The Afghanista Taliban Left Behind in 2001 29 IAS-IPS

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन