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: Indore Cleanest City: इन खूबियों की वजह से मिला इंदौर को पुरस्कार, अब सामने होंगी यह चुनौतियां

News Desk / Thu, Jan 11, 2024


Swachh Survekshan Indore 2023: Indore and Surat crown in cleanliness,

इंदौर सातवीं बार सफाई में सरताज - फोटो : amar ujala digital

विस्तार

इंदौर ने लगातार सातवीं बार स्वच्छता का ताज अपने पास बरकार रखा, लेकिन साथ में सूरत को भी संयुक्त रुप से पहला पुरस्कार मिला है। सबसे ज्यादा अंकों के साथ इंदौर रैंकिंग में सबसे आगे रहा, जबकि इस बार सर्वेक्षण की टीम इंदौर बारिश के दिनों में आई थी, लेकिन तब भी उन्हें शहर साफ नजर आया। दिल्ली में आयोजित समारोह में जब देश के सबसे साफ शहर के लिए इंदौर का नाम पुकारा गया तो खुशी का आलम इंदौर में भी छाया। निगम मुख्यालय पर एलईडी स्क्रीन पर प्रसारण देख रहे जनप्रतिनिधि, अफसर, कर्मचारी खुशी से झूम उठे। इंदौरवासियों को एक बार फिर खुद पर गर्व करने का मौका मिला। स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 की थीम वेस्ट टू वेल्थ थी। 4477 शहरों में 9500 अंकों में सबसे ज्यादा अंक इंदौर और सूरत को मिले।

सुबह 11 बजे  आयोजित समारोह में राष्ट्रपति दोपद्री मुर्मू ने इस मौके पर कहा कि वेस्ट यू वेल्थ आज की जरूरत है। स्वच्छता अभियान को जन आंदोलन बनाने में सभी का योगदान है। स्वच्छता के महत्व पर गांधी जी के विचार और कार्य हमारी विरासत है। स्वच्छत भारत मिशन के दूसरे चरण पर अधिक से अधिक वस्तुअेां को रिसायकल और रीयूज करने पर जोर दिया जा रहा है।

वर्ष 2024 में भी यही थीम रहेगी। जीरो वेस्ट के प्रयासों को जी-20 के सभी देशों ने सहमति दी है। हमारे देश के एक तिहाई देशवासी शहरों में रहते है। कई शहरों में कुड़े के पहाड़ है। वे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। उन पहाड़ों को कई शहर समाप्त किया जा रहा है। हमें जीरो डंप साइट का लक्ष्य हासिल करना होगा। सफाई के लिए जनता की भागीदारी सबसे जरुरी है। हमारे युवा सबसे महत्वपूर्ण स्टेग होल्डर है। वे ठान ले तो भारत आने वाले वर्षों में विश्व के सबसे साफ देश को बनाने का लक्ष्य पूरा कर सकते है।

केंद्रीय शहरी व आवास मंत्री हरदीप पुरी ने कहा कि आज भारत में सभी नगरीय निकाय खुले में शौच से मुक्त है, क्योकि स्वच्छता मिशन एक जनआंदोलन बन गया। स्वच्छता सर्वेक्षण ने हमारे शहरों को स्वच्छ बनाने के लिए सख्त प्रक्रिया और अनुशासन प्रदान किया।


उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के कारण स्वास्थ्य, शिक्षा, जीवन स्तर में बदलाव हुए है। स्वच्छता केवल एक बार का प्रयास नहीं है, बल्कि जीवन जीने का सतत तरीका है। स्वच्छता ने जीवन में बदलाव लाया है। सेंड आर्टिस्ट सुदर्शन पटनायक बालूरेत से स्वच्छता थीम पर पेंटिंग बनाई। इसके अलावा गायक कैलाश खेर ने स्वच्छता एंथम सुनाया।

इन कामों के कारण बढ़े इंदौर के नंबर

- इंदौर ने वर्ष 2024 में सौदर्यीकरण पर जोर दिया। बैकलेन को सुंदर बनाया। वहां पोहा पार्टियां की गई।

- जीरो वेस्ट वार्ड बनाए गए। थ्री आर यानि रिड्यूज, रिसायकल और रियूज को अपनाकर नए गार्डन, चौराहे और कलाकृतियां बनाई गई।

- कई शहरों में कचरा अलग-अलग संग्रहित नहीं हो पा रहा है। इंदौर मेें अलग-अलग छह तरीकों से कचरा संग्रहित होकर सीधे ट्रेंचिंग ग्राउंड तक पहुंच रहा है। इस कारण कचरे का निपटान आसानी से हो रहा है।

-शहर की आबोहवा को साफ करने पर जोर दिया गया। दूसरे शहरों की अपेक्षा इंदौर में कम प्रदूषण रहा।

अब आगे यह है इंदौर की चुनौतियां

-नदियों का प्रदूषण इंदौर के लिए चुनौती है। 500 करोड़ रुपये खर्च करने के बावजूद कान्ह नदी पूरी तरह प्रदूषण से मुक्त नहीं हो पाई।

-इंदौर अभी भी एक ही ट्रेंचिंग ग्राउंड पर निर्भर है। वहां तक कचरा पहुंचाने में काफी समय लगता है।

- घरों में गिले कचरे से खाद बनाने में कमी आई है। बैकलेन को लगातर साफ रखना आसान नहीं। लोग फिर कचरा बैकलेन में फेंकने लगे हैै।

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