Orient Paper Mill Protest : Anuppur में सोन नदी में प्रदूषण और रोजगार का मुद्दा, बरगवा-अमलाई में सैकड़ों ग्रामीणों का धरना
MP CG Times / Mon, Jan 5, 2026
शिवम साहू, अनूपपुर। Orient Paper Mill Amali Protest ने एक बार फिर Anuppur district में औद्योगिक प्रदूषण और स्थानीय रोजगार के सवाल को केंद्र में ला दिया है। नगर परिषद बरगवा-अमलाई स्थित ओरियंट पेपर मिल की casting soda unit के गेट पर शनिवार को उस समय हालात गर्मा गए, जब नगर परिषद के उपाध्यक्ष राज तिवारी के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों ने 7 सूत्रीय मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। फैक्ट्री गेट के सामने बैठे प्रदर्शनकारियों ने साफ शब्दों में कहा कि अब environment pollution और बेरोजगारी को लेकर चुप नहीं बैठा जाएगा।
धरना स्थल पर मौजूद ग्रामीणों का आरोप था कि सोडा फैक्ट्री से निकलने वाला industrial waste water बिना किसी ट्रीटमेंट के सीधे Son River में छोड़ा जा रहा है। इससे न सिर्फ नदी का जल प्रदूषित हो रहा है, बल्कि आसपास के गांवों में drinking water crisis भी गहराता जा रहा है। लोगों का कहना था कि सोन नदी आस्था की प्रतीक है, लेकिन फैक्ट्री का गंदा पानी उसे नाले में तब्दील कर रहा है।
प्रदूषण के साथ बेरोजगारी का भी आरोप, Local Employment बना बड़ा मुद्दा
धरने के दौरान ग्रामीणों ने local employment policy को लेकर भी कड़ा विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि फैक्ट्री होने के बावजूद स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं दिया जा रहा है, जबकि बाहर से लाए गए लोगों को प्राथमिकता मिल रही है। इससे youth unemployment की समस्या लगातार बढ़ रही है और स्थानीय लोग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
नगर परिषद उपाध्यक्ष राज तिवारी ने धरना स्थल से कहा कि ओरियंट पेपर मिल को corporate responsibility समझनी होगी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर pollution control norms का पालन नहीं किया गया और स्थानीय युवाओं को नौकरी नहीं मिली, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज किया जाएगा। यह सिर्फ धरना नहीं, बल्कि public interest movement है।
प्रशासन का आश्वासन, 15 दिन में समाधान का दावा
धरना बढ़ता देख district administration Anuppur हरकत में आया। प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से चर्चा कर 15 days deadline में सभी मांगों पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया। अधिकारियों ने कहा कि प्रदूषण से जुड़े मामलों में जांच कराई जाएगी और रोजगार से संबंधित मुद्दों पर फैक्ट्री प्रबंधन से बातचीत होगी।
प्रशासनिक आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने धरना प्रदर्शन समाप्त किया, लेकिन साफ कर दिया कि यदि तय समय सीमा में समाधान नहीं हुआ, तो mass protest दोबारा शुरू किया जाएगा। इस दौरान समाजसेवी दादू भाई, पूर्व जनपद सदस्य रोहित गौटिया, जय प्रकाश तिवारी, शैलेंद्र तिवारी, श्याम तिवारी सहित बड़ी संख्या में नगरवासी मौजूद रहे, जिससे आंदोलन को grassroot support मिलता नजर आया।
सोन नदी और भविष्य की लड़ाई
बरगवा-अमलाई का यह धरना सिर्फ एक फैक्ट्री के खिलाफ नहीं, बल्कि environment protection और local rights की लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन और ओरियंट पेपर मिल प्रबंधन अपने वादों पर कितना खरा उतरता है, या फिर सोन नदी को बचाने की यह लड़ाई और उग्र रूप लेती है।
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