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: MP में 40 परिवारों ने सनातन छोड़ बौद्ध धर्म अपनाया: लोग बोले- धार्मिक आयोजन में छुआछूत की, पत्तल उठाने को कहते थे 

In Shivpuri, 40 families left Sanatan and adopted Buddhism: मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले में लगभग 40 जाटव परिवारों ने सनातन छोड़कर बौद्ध धर्म अपना लिया। धर्म परिवर्तन करने वालों का कहना है कि गांव में उनके साथ छुआछूत की जाती है। मामला 31 जनवरी का है। इसका वीडियो 2 फरवरी को सामने आया। शिवपुरी जिले के करैरा के ग्राम बहगवां में 31 जनवरी को श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया गया था। जाटव समाज के लोगों का कहना है कि आयोजन में सभी समाज और लोगों को अलग-अलग कार्य सौंपे गए थे। जाटव समाज को झूठे पत्ते उठाने का काम दिया गया। इसके चलते उन्होंने भंडारे से एक दिन पहले बौद्ध धर्म अपना लिया। 31 जनवरी को समाज के लोगों ने बौद्ध धर्म गुरु को गांव में बुलाया था। टेंट लगाकर कार्यक्रम का आयोजन किया। बौद्ध धर्म गुरु ने ये शपथ दिलाई... मैं ब्रह्मा, विष्णु, महेश को कभी ईश्वर नहीं मानूंगा और न ही कभी उनकी पूजा करूंगा। मैं राम और विष्णु को कभी ईश्वर नहीं मानूंगा और न ही कभी उनकी पूजा करूंगा। मैं गौरी, गणपति इत्यादि हिंदू धर्म के किसी भी देवी-देवता को नहीं मानूंगा और न ही उनकी पूजा करूंगा। मैं इस बात पर कभी विश्वास नहीं करूंगा कि ईश्वर ने कभी अवतार लिया है। मैं ये बात कभी नहीं मानूंगा कि भगवान बुद्ध विष्णु के अवतार हैं। मैं ऐसे प्रचार को पागलपन और झूठा प्रचार समझता हूं। मैं श्राद्ध कभी नहीं करूंगा और ना ही पिंडदान करूंगा। मैं कोई भी क्रिया कर्म ब्राह्मणों के हाथों नहीं कराऊंगा। मैं इस सिद्धांत को मानूंगा कि सभी मनुष्य एक समान हैं। मैं समानता की स्थापना के लिए प्रयत्न करूंगा। मैं भगवान बुद्ध के मार्ग पर चलने का प्रयास करूंगा। मैं प्राणी मात्र पर दया करूंगा। उनका लालन-पालन करूंगा। मैं कभी चोरी नहीं करूंगा, झूठ नहीं बोलूंगा, झूठ का प्रचार नहीं करूंगा, शराब नहीं पियूंगा। मैं अपने जीवन को बौद्ध धर्म के तीन तत्वों ज्ञान, शील, करुणा के अनुसार ढालने का प्रयत्न करूंगा। मैं मनुष्य की उत्कृष्टता के लिए हानिकारक, मनुष्य मात्र को नीच मानने वाले पुराने हिंदू धर्म को पूर्णत त्यागता हूं और बौद्ध धर्म को अपनाता हूं। मैं पूर्ण विश्वास करता हूं कि बौद्ध धर्म ही सर्वधर्म है। मैं यह मानता हूं कि मेरा नया जन्म हो रहा है। मैं यह प्रतिज्ञा करता हूं कि मैं आज से बौद्ध धर्म के अनुसार आचरण करूंगा। Read more- Landmines, Tanks, Ruins: The Afghanistan Taliban Left Behind in 2001 29 IAS-IPS

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