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: 'सुसाइड फॉरेस्ट': इस जंगल में आकर खुदकुशी कर लेते हैं लोग, पेड़ों पर लटकी लाशें देखकर निकल जाती है लोगों की चीखें

MP CG Times / Sat, Nov 13, 2021

नई दिल्ली। पूरी दुनिया अनगिनत रहस्यों से भरी पड़ी है. ज्यादातर वैज्ञानिक इंसानों के बारे में पता भी नहीं लगा पाए. आज हम आपको एक ऐसे ही रहस्य के बारे में बताने जा रहे हैं, जो एक जंगल से जुड़ा है. यह जंगल जापान में स्थित है. इस जंगल के बारे में कहा जाता है कि लोग यहां आकर आत्महत्या कर लेते हैं. इसलिए इस जंगल को 'सुसाइड फॉरेस्ट' के नाम से जाना जाता है. हरे-भरे और खूबसूरत दिखने वाला यह जंगल मॉर्निंग वॉक के लिए नहीं बल्कि अपनी डरावनी कहानियों के लिए मशहूर है. कहा जाता है कि इस जंगल में कई लोगों ने आत्महत्या कर ली थी. इसके अलावा भी इस जंगल को लेकर लोगों के बीच कई मान्यताएं हैं. कुछ लोगों का मानना ​​है कि इस जगह (सुसाइड फॉरेस्ट) पर भूतों का वास है, जो लोगों को आत्महत्या करने के लिए मजबूर करते हैं. यह जंगल दुनिया के सबसे लोकप्रिय आत्महत्या स्थलों में दूसरे नंबर पर है. यह जंगल जापान की राजधानी टोक्यो से कुछ ही घंटों की दूरी पर स्थित है. जैसे ही ओकीगहारा जंगल में प्रवेश करेगा, आपको चेतावनियां पढ़ने को मिलेंगी. जैसे 'अपने बच्चों और परिवार के बारे में ध्यान से सोचें', 'आपका जीवन आपके माता-पिता की ओर से एक अनमोल उपहार है'. यह जंगल जापान के टोक्यो से 2 घंटे की दूरी पर स्थित माउंट फ़ूजी के उत्तर-पश्चिम में स्थित है. सुसाइड फॉरेस्ट 35 वर्ग किमी के बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है. इतना ही नहीं यह जंगल इतना घना है कि इसे वृक्षों का सागर भी कहा जाता है. यह जंगल इतना घना है कि यहां से निकलना बहुत मुश्किल है. माना जाता है कि इस जंगल में आत्माओं का वास होता है. आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार 2003 से अब तक इस जंगल में लगभग 105 शवों की खोज की जा चुकी है. उनमें से ज्यादातर बुरी तरह सड़ चुके थे, जबकि कुछ जंगली जानवरों द्वारा खा लिए गए थे. इसके साथ ही यह भी माना जाता है कि जंगल इतना घना है कि लोग रास्ता भूल जाते हैं और फिर डर के मारे अपनी जान ले लेते हैं. सबसे आश्चर्यजनक बात यह है कि इस जंगल में कंपास या मोबाइल जैसे उपकरण भी काम नहीं करते हैं. इतना ही नहीं कंपास की सुई भी यहां कभी सही रास्ता नहीं दिखाती है. इसका कारण यह बताया जाता है कि ज्वालामुखी से निकला लावा मिट्टी का रूप ले चुका है, जिसमें लोहा अधिक मात्रा में होता है. चुंबकीय लोहे के कारण, कंपास सुई हर समय चलती रहती है और सही रास्ता नहीं दिखा पाती है. इतना ही नहीं यहां मोबाइल नेटवर्क भी काम नहीं करता है. इस वजह से अगर कोई इस जंगल में फंस जाता है तो जंगल के बाहर संपर्क करना मुश्किल हो जाता है. इस जंगल के पास रहने वाले लोगों का कहना है कि रात के समय जंगल से चीख-पुकार की आवाजें आती हैं. कहा जाता है कि इस जंगल में विभिन्न प्रजातियों के कई पेड़ हैं, जिनमें से कई तीन सौ साल से भी ज्यादा पुराने बताए जाते हैं. read more- Landmines, Tanks, Ruins: The Afghanistan Taliban Left Behind in 2001

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