: पं. प्रदीप मिश्रा बोले- 31st को शराब पीकर गटर में मिलते हैं लोग: नया साल शराब की दुकानों में नहीं, बल्कि शिव मंदिरों में मनाएं
MP CG Times / Thu, Dec 26, 2024
Statement of story teller Pandit Pradeep Mishra on New Year: कथावाचक पं. प्रदीप मिश्रा ने सनातनियों से अपील की है कि वे नया साल शराब की दुकानों पर नहीं बल्कि शिव मंदिरों में मनाएं। अंग्रेजी नववर्ष 31 पर लोग गटर में शराब पीते हुए मिलते हैं। कथावाचक पं. प्रदीप मिश्रा ने रायपुर के सेजबहार में ये बातें कहीं। यहां 24 से 30 दिसंबर तक कथा का आयोजन किया गया है।
सनातन से बड़ा कुछ नहीं
पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि अपने सनातन धर्म को मजबूत करने का प्रयास करें। यहां जो भी मिलता है, वही खाएं। दुनिया की थोड़ी चमक-दमक देखकर आप सनातन धर्म छोड़कर दूसरे धर्म में चले जाते हैं। सनातन धर्म से बड़ा कुछ नहीं। पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि गुरु नानक देव जी ने सनातन की रक्षा और रक्षा के लिए अपने बाल बढ़ाए थे। उन्होंने अपनी जटाएं भी बांध ली थीं। धर्म और सनातन की रक्षा करना बहुत जरूरी है। आप लोग कहां भटक रहे हैं।
शराब की बोतलें 31 तारीख को खोली जाती हैं, चैत्र नववर्ष में गंगाजल खोला जाता है
पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि लोग अब 31 तारीख मनाएंगे। ऐसा कुछ नहीं हुआ, सिर्फ कैलेंडर बदलता है। आप जैसे थे वैसे ही रहे। इन सबका क्या मतलब है। जब बसंत बदलता है, तो मेरी भारत भूमि की हरियाली बदल जाती है, आपके चेहरे की चमक बदल जाती है। आपका दिल खुश रहे।
उन्होंने कहा कि शराब की बोतलें 31 तारीख को खोली जाती हैं, जबकि चैत्र नववर्ष में गंगाजल खोला जाता है। सनातनी चैत्र नववर्ष में लोग मंदिरों और शिवालयों में मिलते हैं।
शिवालयों में 31 तारीख मनाएं
पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि मैं सनातनियों से अनुरोध करता हूं। अगर आप 31 दिसंबर मना रहे हैं तो मनाइए, हमने आपको छूट दे दी है, लेकिन याद रखिए कि 31 तारीख को भी शराब की दुकान पर नहीं बल्कि कुबेरेश्वर धाम और महाकाल की धरती पर जाइए।
हमारे यहां रायपुर में शिवालय, राम मंदिर, चंपारण के चंपेश्वर महादेव हैं। छत्तीसगढ़ के प्राचीन शिवालय में जाइए। अगर आपको नया साल मनाना है तो भगवान शंकर की शरण में जाकर मनाइए।
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शराब की बोतलें 31 तारीख को खोली जाती हैं, चैत्र नववर्ष में गंगाजल खोला जाता है
पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि लोग अब 31 तारीख मनाएंगे। ऐसा कुछ नहीं हुआ, सिर्फ कैलेंडर बदलता है। आप जैसे थे वैसे ही रहे। इन सबका क्या मतलब है। जब बसंत बदलता है, तो मेरी भारत भूमि की हरियाली बदल जाती है, आपके चेहरे की चमक बदल जाती है। आपका दिल खुश रहे।
उन्होंने कहा कि शराब की बोतलें 31 तारीख को खोली जाती हैं, जबकि चैत्र नववर्ष में गंगाजल खोला जाता है। सनातनी चैत्र नववर्ष में लोग मंदिरों और शिवालयों में मिलते हैं।
शिवालयों में 31 तारीख मनाएं
पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि मैं सनातनियों से अनुरोध करता हूं। अगर आप 31 दिसंबर मना रहे हैं तो मनाइए, हमने आपको छूट दे दी है, लेकिन याद रखिए कि 31 तारीख को भी शराब की दुकान पर नहीं बल्कि कुबेरेश्वर धाम और महाकाल की धरती पर जाइए।
हमारे यहां रायपुर में शिवालय, राम मंदिर, चंपारण के चंपेश्वर महादेव हैं। छत्तीसगढ़ के प्राचीन शिवालय में जाइए। अगर आपको नया साल मनाना है तो भगवान शंकर की शरण में जाकर मनाइए।
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