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: प्रधानमंत्री मोदी ने एक चीते का नाम रखा आशा, अन्य का भी किया नामकरण 

News Desk / Sun, Sep 18, 2022


रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि नामीबिया के एरिंडी प्राइवेट गेम रिजर्व में अप्रैल 2020 में पैदा हुए 2.5 वर्षीय चीता का नाम बिल्सी रखा गया है.

News Nation Bureau | Edited By : Vijay Shankar | Updated on: 18 Sep 2022, 11:28:59 PM
cheetah

cheetah (Photo Credit: File)

दिल्ली:  

मध्य प्रदेश के कुनो नेशनल पार्क ने आठ चीतों का स्वागत किया जा चुका है. 70 साल पहले विलुप्त होने के बाद देश में चीते की आबादी को पुनर्जीवित करने के प्रयास में इसके सभी सदस्यों को नामीबिया से लाए गए हैं. शनिवार को आयोजित एक बहुप्रचारित कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पार्क में विशेष बाड़ों में आठ चीतों को औपचारिक रूप से भारतीय जंगल में पेश किया. एक रिपोर्ट के अनुसार, मोदी ने एक चीते का नाम 'आशा' रखा गया है. नाम एक विशेष अर्थ रखता है क्योंकि भारत चीतों को अपने जंगली में फिर से पेश करने की यात्रा शुरू करता है जो पर्यावरणीय स्थिरता और संरक्षण में भी सहायता करेगा.

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नाम का अर्थ इस उम्मीद में मिलता है कि 4 साल की आशा कुनो नेशनल पार्क में चीतों की आबादी बढ़ाने में मदद करेगी. रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि नामीबिया के एरिंडी प्राइवेट गेम रिजर्व में अप्रैल 2020 में पैदा हुए 2.5 वर्षीय चीता का नाम बिल्सी रखा गया है. पांच साल की सबसे बड़ा चीता का नाम साशा रखा गया है. कहा जाता है कि वह सवाना नाम के एक अन्य साथी चीता की करीबी दोस्त है. जबकि भारतीय जंगल में अफ्रीकी चीतों के लिए रविवार का दिन केवल दूसरा दिन है. एक विशेषज्ञ ने कहा कि प्रजातियां अनुकूलनीय हैं और भारत में उनकी उपस्थिति का इतिहास है. यह पहली बार है जब एक बड़े मांसाहारी को एक महाद्वीप से दूसरे महाद्वीप में ले जाया गया और फिर से जंगल में छोड़ा गया. नामीबिया से और चीतों के आने वाले वर्षों में भारत आने की उम्मीद है. 

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First Published : 18 Sep 2022, 11:28:59 PM

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