Logo
Breaking News Exclusive
आम के बगीचे में सजी थी महफिल, 300 मीटर पहले गाड़ी खड़ी कर पैदल पहुंची पुलिस घर के कमरे में मिला शव, फंदे से उतारने तक थम चुकी थीं सांसें घर के बाहर बैठे थे दोनों, परिजन बोले- एक्सीडेंट नहीं, सोची-समझी हत्या; एसपी बोले- दबिश जारी MP के दतिया में कांग्रेस को बढ़त, गुजरात के मंजलपुर में भाजपा की जीत लगभग तय महिला पहलवान यौन शोषण केस में बृजभूषण बरी, FIR के बाद 127 सुनवाई, कोर्ट ने सुनाया फैसला पलभर में मची चीख-पुकार, गरियाबंद में घंटों से चल रहा Rescue Operation गरियाबंद में छात्रों के सामने अंडा-बीयर पार्टी; पैग बनाए मिले, सवाल पूछने पर कहा- गेट आउट 3 दोस्तों ने चाकू से काट डाला, तड़पा-तड़पाकर मारा, जानिए क्यों हुआ कांग्रेस नेता का मर्डर ? डूब जाता पूरा परिवार, मासूमों को गोद में रखकर बचाया, अभी भी 300 गाय खतरे में, देखिए मार्मिक तस्वीरें Devbhog अस्पताल ने बचाई जिंदगियां, Normal Delivery से लेकर High-Risk Case तक आम के बगीचे में सजी थी महफिल, 300 मीटर पहले गाड़ी खड़ी कर पैदल पहुंची पुलिस घर के कमरे में मिला शव, फंदे से उतारने तक थम चुकी थीं सांसें घर के बाहर बैठे थे दोनों, परिजन बोले- एक्सीडेंट नहीं, सोची-समझी हत्या; एसपी बोले- दबिश जारी MP के दतिया में कांग्रेस को बढ़त, गुजरात के मंजलपुर में भाजपा की जीत लगभग तय महिला पहलवान यौन शोषण केस में बृजभूषण बरी, FIR के बाद 127 सुनवाई, कोर्ट ने सुनाया फैसला पलभर में मची चीख-पुकार, गरियाबंद में घंटों से चल रहा Rescue Operation गरियाबंद में छात्रों के सामने अंडा-बीयर पार्टी; पैग बनाए मिले, सवाल पूछने पर कहा- गेट आउट 3 दोस्तों ने चाकू से काट डाला, तड़पा-तड़पाकर मारा, जानिए क्यों हुआ कांग्रेस नेता का मर्डर ? डूब जाता पूरा परिवार, मासूमों को गोद में रखकर बचाया, अभी भी 300 गाय खतरे में, देखिए मार्मिक तस्वीरें Devbhog अस्पताल ने बचाई जिंदगियां, Normal Delivery से लेकर High-Risk Case तक

: पराली ने की MP की फिजा जहरीली: मध्य प्रदेश ने तोड़ दिए रिकॉर्ड, जानिए कितने जिलों में धुआं-धुआं ?

Madhya Pradesh breaks record in stubble burning: पराली जलाने से होने वाले नुकसान के बारे में बताए जाने के बावजूद मध्य प्रदेश के ग्वालियर-चंबल इलाके समेत 9 जिलों के किसान सरकार के प्रयासों पर पानी फेर रहे हैं। अकेले मध्य प्रदेश के ग्वालियर-चंबल इलाके में पिछले सवा महीने में पराली जलाने के 697 मामले सामने आए हैं।

Madhya Pradesh breaks record in stubble burning: भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई) की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक 15 सितंबर से 27 अक्टूबर के बीच मध्य प्रदेश में पराली जलाने के 1169 मामले सामने आए हैं। Madhya Pradesh breaks record in stubble burning: पराली जलाने के मामले में मध्य प्रदेश पंजाब के बाद दूसरे स्थान पर है। इस दौरान पंजाब में पराली जलाने के 1995 मामले दर्ज किए गए हैं। मध्य प्रदेश के इन जिलों में नहीं सुधर रहे हालात भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के ताजा आंकड़ों के मुताबिक मध्य प्रदेश में 15 सितंबर से 27 अक्टूबर के बीच पराली जलाने के 1169 मामले सामने आए हैं। मध्य प्रदेश के 9 जिलों अशोकनगर, दतिया, गुना, शिवपुरी, भिंड, विदिशा, सागर, मुरैना, जबलपुर में पराली जलाने के सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं। राज्य के गुना जिले में पराली जलाने के सबसे ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। गुना में 15 सितंबर से 27 अक्टूबर के बीच 380 मामले सामने आए हैं। जबकि पिछले साल इस अवधि में पराली जलाने के 275 मामले सामने आए थे। Madhya Pradesh breaks record in stubble burning: अशोकनगर जिले में 15 सितंबर से 27 अक्टूबर के बीच पराली जलाने के 183 मामले सामने आए हैं। जबकि पिछले साल इस अवधि में पराली जलाने के 109 मामले सामने आए थे। शिवपुरी जिले में 15 सितंबर से 27 अक्टूबर के बीच पराली जलाने के 97 मामले सामने आए। वर्ष 2023 में शिवपुरी में 51 मामले सामने आए। मुरैना जिले में इस साल पराली जलाने के 26 मामले सामने आए हैं। पिछले साल इनकी संख्या 37 थी। इस साल ग्वालियर जिले में पराली जलाने के सिर्फ 11 मामले सामने आए हैं। Madhya Pradesh breaks record in stubble burning: ग्वालियर चंबल क्षेत्र के अलावा विदिशा जिले में पराली जलाने के 55 मामले सामने आए हैं। साल 2023 में इस दौरान 63 मामले सामने आए। सागर जिले में पराली जलाने के 42 मामले दर्ज किए गए। Madhya Pradesh breaks record in stubble burning: इन जिलों में किसानों पर समझाइश का असर देखा गया। प्रदेश के ग्वालियर चंबल क्षेत्र के जिलों में जहां पराली जलाने के मामले बढ़े हैं, वहीं कई जिले ऐसे भी हैं जहां किसानों में जागरूकता आई है। सिवनी जिले में साल 2023 में पराली जलाने के 114 मामले सामने आए थे, लेकिन इस साल सिर्फ 29 मामले सामने आए। सीहोर जिले में पिछले साल पराली जलाने के 47 मामले सामने आए थे, जबकि इस साल 13 मामले सामने आए हरदा जिले में इस साल 7 मामले सामने आए हैं, जबकि पिछले साल 25 मामले सामने आए थे। Read More- Landmines, Tanks, Ruins: The Afghanista Taliban Left Behind in 2001 29 IAS-IPS

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन