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: गरियाबंद के नक्सलगढ़ की कहानी: घोर नक्सल प्रभावित गांवों में मददगार बनी पुलिस, ग्रामीणों के बीच बैठकर जवानों ने सुनी समस्याएं

MP CG Times / Thu, Mar 27, 2025

गिरीश जगत, गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद पुलिस अधीक्षक निलिख राखेचा अपने टीम के साथ घोर नक्सल प्रभावित ग्राम छोटे गोबरा और नवगांव (पथराझोरकी) के साथ आप-पास गांव में ग्रामीणों के बीच बैठ कर उनकी समस्याएं सुने। गांव के प्रमुखों, युवाओं और महिलाओं से बातचीत किए।

 Story of Naxalgarh of Gariaband: बातचीत के दौरान वहां के लोगों के द्वारा मूलभूत सुविधा बिजली, पानी, स्कूल, भवन आदि के संबंध में समस्या पुलिस अधीक्षक के समक्ष रखे। पुलिस अधीक्षक के द्वारा संबंधित विभाग के प्रमुखों से बात कर शीघ्र मूलभूत सुविधा दिलाए जाने के संबंध में आश्वासन दिए। Story of Naxalgarh of Gariaband: इस बीच पुलिस अधीक्षक एवं टीम के द्वारा उपस्थित ग्रामीणों को दैनिक उपयोग के समान विवरण किये। ग्रामीण पुलिस अधीक्षक को अपने बीच पाकर काफी प्रसन्न हुए। Story of Naxalgarh of Gariaband: ग्रामीणों से बात-चीत के दौरान पामप्लेट वितरण किए, जिसमें शासन के आत्मसमर्पण निती के तहत जो नक्सली अपने परिवार एवं समाज से बिछड कर हिंसा को अपनाएं हैं। Story of Naxalgarh of Gariaband: उनके लिए के एक संदेश है कि वे अपने और साथियों की तहर पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर मूलभूत सुविधाओं का लाभ उठाते हुए अपने परिवार के साथ एक खुशहाल जिन्दगी बिता सकते है। Story of Naxalgarh of Gariaband: आत्मसमर्पण करने से स्वरोजगार हेतु प्रशिण की सुविधा, निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा, आवास की सुविधा, शासकीय नौकरी के साथ अन्य सुविधाओं का लाभ मिल सकता है। Story of Naxalgarh of Gariaband: पुलिस कप्तान ने कहा कि हमारा मुख्य उद्देश्य सुदूर अंचल में मूलभूत सुविधाओं के अभाव में अपने परिवार के साथ जीवन व्यतित कर रहे है। उन सभी तक शासन के योजनाओं को पहुचा कर लाभ दिलाना है। Read More- Landmines, Tanks, Ruins: The Afghanista Taliban Left Behind in 2001 29 IAS-IPS

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