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गरियाबंद में नौनिहालों को जानवरों जैसा खाना ! : स्कूल में दी गई घटिया रोटियां, सोशल मीडिया के जरिए बच्चों की गुहार

गिरीश जगत, गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के कोकड़ी स्थित दिव्यांग स्कूल में बच्चों ने अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाई है। हाल ही में वायरल हुए वीडियो में स्कूल के बच्चों ने साफ तौर पर बताया कि उन्हें घटिया रोटियां दी जा रही हैं, जो खाने लायक नहीं हैं। वीडियो में बच्चों की व्यथा और रोटियों की खस्ता हालत देखकर लग रहा है कि यह सेवा नहीं बल्कि एनजीओ की लापरवाही का “प्रसाद” परोसा जा रहा है।

Neglected Special School in Gariaband: Disabled Children Starving, NGO Scandal: बच्चों ने वीडियो में यह भी कहा कि नहाने के लिए साबुन तक नहीं मिलता और कपड़े धोने के लिए निरमा जैसी बुनियादी चीजें भी उपलब्ध नहीं हैं। सवाल उठता है कि क्या यही है दिव्यांग बच्चों का अधिकार?

इस स्कूल का संचालन एक एनजीओ के भरोसे है। बच्चों का आरोप है कि घटिया खानपान और बुनियादी सुविधाओं की कमी के बावजूद कोई देखरेख अधिकारी स्कूल में कदम नहीं रखता। प्रशासनिक गलियारों में संचालिका की पकड़ इतनी मजबूत है कि अब तक कोई भी जांच अधिकारी उनकी चौखट लांघने की हिम्मत नहीं जुटा पाया।

Neglected Special School in Gariaband: Disabled Children Starving, NGO Scandal: पिछले वर्षों में भी इस स्कूल की संचालिका के खिलाफ शिकायतें दर्ज हुई थीं, लेकिन न तो किसी और संस्था को यह काम सौंपा गया और न ही वर्तमान व्यवस्था में सुधार हुआ। ऐसा प्रतीत होता है कि दिव्यांग बच्चों की बेबसी ही इस एनजीओ की सबसे बड़ी ताकत बन गई है।

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सोशल मीडिया के जरिए बच्चों की पुकार

Neglected Special School in Gariaband: Disabled Children Starving, NGO Scandal: बच्चे लगातार अलग-अलग माध्यमों से वीडियो भेजकर अपनी सुध लेने की गुहार लगा रहे हैं। उनका साफ आरोप है कि यहाँ कोई देखरेख करने वाला नहीं है, न ही कोई बड़ा अधिकारी कभी स्कूल के भीतर कदम रखता है।

Neglected Special School in Gariaband: Disabled Children Starving, NGO Scandal: प्रशासन की इस खामोशी ने इन मासूमों को नरकीय जीवन जीने पर मजबूर कर दिया है। अब सवाल यह है कि इस नए वीडियो के बाद भी क्या कलेक्टर की जांच टीम केवल कागजों पर दौड़ेगी, या फिर इन बच्चों को सच में इंसान समझा जाएगा?

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