Logo
Breaking News Exclusive
जेल में बंद भाई से मिलने जा रहा था; 120 की स्पीड में कार 7 फीट उछली, दम तोड़ने से पहले बोला- मुझे बचा लो... बेटे ने मां को दिए थे पैसे, मांगने पर मना किया तो पति ने लात-घूसों से तोड़ी तिल्ली; गिरफ्तार SI, ASI स्टेनो और पुलिस कॉन्स्टेबल परीक्षा में झंडे गाड़े, लेकिन MBBS सीट नहीं मिला, पढ़िए शहडोल संभाग के शुभांगी की कहा आम के बगीचे में सजी थी महफिल, 300 मीटर पहले गाड़ी खड़ी कर पैदल पहुंची पुलिस घर के कमरे में मिला शव, फंदे से उतारने तक थम चुकी थीं सांसें घर के बाहर बैठे थे दोनों, परिजन बोले- एक्सीडेंट नहीं, सोची-समझी हत्या; एसपी बोले- दबिश जारी MP के दतिया में कांग्रेस को बढ़त, गुजरात के मंजलपुर में भाजपा की जीत लगभग तय महिला पहलवान यौन शोषण केस में बृजभूषण बरी, FIR के बाद 127 सुनवाई, कोर्ट ने सुनाया फैसला पलभर में मची चीख-पुकार, गरियाबंद में घंटों से चल रहा Rescue Operation गरियाबंद में छात्रों के सामने अंडा-बीयर पार्टी; पैग बनाए मिले, सवाल पूछने पर कहा- गेट आउट जेल में बंद भाई से मिलने जा रहा था; 120 की स्पीड में कार 7 फीट उछली, दम तोड़ने से पहले बोला- मुझे बचा लो... बेटे ने मां को दिए थे पैसे, मांगने पर मना किया तो पति ने लात-घूसों से तोड़ी तिल्ली; गिरफ्तार SI, ASI स्टेनो और पुलिस कॉन्स्टेबल परीक्षा में झंडे गाड़े, लेकिन MBBS सीट नहीं मिला, पढ़िए शहडोल संभाग के शुभांगी की कहा आम के बगीचे में सजी थी महफिल, 300 मीटर पहले गाड़ी खड़ी कर पैदल पहुंची पुलिस घर के कमरे में मिला शव, फंदे से उतारने तक थम चुकी थीं सांसें घर के बाहर बैठे थे दोनों, परिजन बोले- एक्सीडेंट नहीं, सोची-समझी हत्या; एसपी बोले- दबिश जारी MP के दतिया में कांग्रेस को बढ़त, गुजरात के मंजलपुर में भाजपा की जीत लगभग तय महिला पहलवान यौन शोषण केस में बृजभूषण बरी, FIR के बाद 127 सुनवाई, कोर्ट ने सुनाया फैसला पलभर में मची चीख-पुकार, गरियाबंद में घंटों से चल रहा Rescue Operation गरियाबंद में छात्रों के सामने अंडा-बीयर पार्टी; पैग बनाए मिले, सवाल पूछने पर कहा- गेट आउट

: खुद को हिंदू साबित करने में लगा युवक: तिवारी बना अंसारी, अब तिवारी बनने के लिए लगा रहा सरकारी दफ्तरों के चक्कर, जानिए पूरी कहानी

Chhattisgarh Durg Tiwari became Ansari in Aadhaar card: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक युवक खुद को हिंदू साबित करने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रहा है। युवक का कहना है कि उसके पिता ब्राह्मण हैं और मां मुस्लिम। उसने हिंदू नाम से पढ़ाई की, लेकिन पिता के जेल जाने के बाद मां और मामा ने आधार कार्ड में मुस्लिम नाम लिखवा दिया। अब उसे दस्तावेजों में नाम बदलवाने की चिंता सता रही है। दुर्ग जिले के कसारीडीह इलाके में रहने वाला फिरोज अंसारी (सोनू तिवारी) पिछले दो साल से खुद को हिंदू और अपनी जाति ब्राह्मण साबित करने की कोशिश कर रहा है। फिरोज का कहना है कि उसके पिता ब्राह्मण हैं, इसलिए उसकी वास्तविक जाति और धर्म हिंदू और ब्राह्मण होना चाहिए। पिता आदतन अपराधी थे फिरोज अंसारी ने बताया कि उसके पिता का नाम शिवकुमार तिवारी था। वह आदतन अपराधी था, कोई काम नहीं करता था। इसी दौरान उसके पिता को परवीन बानो से प्यार हो गया। दोनों ने प्रेम विवाह किया। शिवकुमार ने परवीन से शादी की, लेकिन उसे अपने घर नहीं ले गया। इस दौरान 8 सितंबर 1992 को एक बेटे का जन्म हुआ। उन्होंने उसका नाम सोनू तिवारी रखा। बेटे का दाखिला कसारीडीह प्राथमिक विद्यालय में सोनू तिवारी नाम से कराया। पिता जेल चले गए जब बेटा स्कूल में पढ़ रहा था, उसी दौरान शिवकुमार तिवारी किसी मामले में जेल चले गए। मां अपने दो बच्चों को लेकर अपने भाई के पास रहने लगी। सोनू का आरोप है कि पिता के जेल जाने से मां इतनी नाराज हुई कि उसने मामा से मिलीभगत कर नाम बदलवा लिया। मां ने आधार कार्ड में सोनू का नाम फिरोज अंसारी लिखवा दिया और पिता का नाम भी राजू अंसारी लिखवा दिया। शंकराचार्य ने कहा- धर्मांतरण पर तालिबानी सजा मिलनी चाहिए: भाजपा कभी नहीं कहती कि हिंदू राष्ट्र बनाएंगे, रामजी ने मोदी को बर्बाद कर दिया युवक राजू अंसारी को नहीं जानता फिरोज (सोनू) का कहना है कि राजू अंसारी उसके पिता का नाम नहीं है, न ही उसकी मां और न ही वह किसी राजू अंसारी को जानता है। इतना ही नहीं मामा ने उसके ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य दस्तावेजों में भी उसका नाम फिरोज अंसारी लिखवा दिया। अब फिरोज अपनी पहचान के लिए संघर्ष कर रहा है। मां ने सहमति पत्र लिखकर दिया फिरोज (सोनू) का कहना है कि उसने आधार कार्ड में नाम बदलवाने के लिए कलेक्टर और एसडीएम कार्यालय में गुहार लगाई। इसके बाद उसकी मां परवीन बानो ने भी सहमति पत्र लिखकर बताया कि सोनू शिवकुमार तिवारी का बेटा है और वह हिंदू धर्म अपनाना चाहता है। ऐसे में उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। बताया जा रहा है कि फिरोज (सोनू) का एक और भाई है। उसने मुस्लिम धर्म अपना लिया है। एसडीएम ने कहा दस्तावेजों की जांच होगी सोनू का कहना है कि उसने तत्कालीन एसडीएम मुकेश रावते को भी आवेदन दिया था। इस संबंध में एसडीएम मुकेश रावते का कहना है कि वह इसकी जांच करेंगे। अगर स्कूल और परिवार के दस्तावेजों में उसका नाम सोनू तिवारी है तो इसे बदलने में कोई दिक्कत नहीं है। Read More- Landmines, Tanks, Ruins: The Afghanista Taliban Left Behind in 2001 29 IAS-IPS

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन