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: दो लाख टन चावल खा गए राइस मिलर्स!: भाजपा ने कहा- राइस स्कैम, खाद्य मंत्री बोले-जमा करने का दिया है आदेश

News Desk / Sun, Dec 18, 2022


भाजपा प्रवक्ता अनुराग सिंहदेव और खाद्य मंत्री अमरजीत भगत।

भाजपा प्रवक्ता अनुराग सिंहदेव और खाद्य मंत्री अमरजीत भगत। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

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छत्तीसगढ़ में कस्टम मिलिंग करने वाले राइस मिलरों ने अब तक दो लाख टन चावल जमा नहीं किया है। इसकी कीमत करोड़ों रुपये में है। राइस मिलिंग के नियमों के अनुसार, राइस मिलरों को धान का उठाव करने के बाद निर्धारित समयावधि में चावल जमा कराना होता है। ऐसे में भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए इसे राइस स्कैम बताया है। वहीं खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने मामले में जांच के आदेश की बात कही है। 

मिलर धान का उठाव कर नान के माध्यम से कराते हैं जमा
प्रदेश में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के बाद समितियों से ही धान का सीधा उठाव करने और कस्टम मिलिंग कराने का नियम बना हुआ है। इसके तहत मार्कफेड से डीओ जारी होने पर राइस मिलर समितियों से धान का उठाव करते हैं और चावल नान के माध्यम से जमा किया जाता है। यही चावल सार्वजनिक वितरण प्रणाली में भेजा जाता है। इसकी निगरानी की जवाबदेही खाद्य विभाग के साथ नान पर है।

सरगुजा में एक मिलर ने ही 13 करोड़ का चावल नहीं किया जमा
छत्तीसगढ़ में पिछले सालों में धान का उठाव करने के बाद राइस मिलरों ने चावल जमा नहीं किया। इससे शासन को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। राइस मिलरों पर सत्र 2022-23 की मिलिंग शुरू होने के पहले दबाव बना तो उन्होंने बड़ी मात्रा में चावल जमा कराए। इसके बाद भी दो लाख टन चावल जमा नहीं हो पाया है। सरगुजा जिले में एक राइस मिलर ने 13 करोड़ रुपये का 52000 क्विंटल चावल जमा नहीं किया है। 

भाजपा ने कहा, बड़ा स्कैम
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अनुराग सिंहदेव ने कहा कि प्रदेश में कोल और सैंड स्कैम के बाद यह राइस स्कैम है। प्रदेश सरकार और खाद्य मंत्री राइस मिलरों पर मेहरबान हैं। प्रदेश में अब तक दो लाख टन चावल जमा नहीं हुआ है, जो डेढ़ से दो साल पहले का है। आरोप लगाया कि चावल जमा नहीं कर उन्होंने बाजार में बेच दिया। दो से तीन साल बाद दबाव बना तो कुछ चावल जमा हुआ। यह मेहरबानी राइस मिलरों को लाभ पहुंचाने के लिए की गई। 

मंत्री बोले- गड़बड़ी नहीं, चावल जमा करने का आदेश
प्रदेश के खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने स्वीकार किया है कि राइस मिलरों ने करीब दो लाख टन चावल जमा नहीं किया है। हालांकि इसमें कोई गड़बड़ी मानने से खाद्य मंत्री ने इंकार किया है। उन्होंने कहा कि, राइस मिलर्स को जल्द चावल जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। अगर चावल जमा नहीं किया जाता तो अमानत राशि जब्त कर कार्रवाई की जाएगी। कहा कि खाद्य अधिकारी का निलंबन लापरवाही के कारण किया गया है। 

विस्तार

छत्तीसगढ़ में कस्टम मिलिंग करने वाले राइस मिलरों ने अब तक दो लाख टन चावल जमा नहीं किया है। इसकी कीमत करोड़ों रुपये में है। राइस मिलिंग के नियमों के अनुसार, राइस मिलरों को धान का उठाव करने के बाद निर्धारित समयावधि में चावल जमा कराना होता है। ऐसे में भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए इसे राइस स्कैम बताया है। वहीं खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने मामले में जांच के आदेश की बात कही है। 

मिलर धान का उठाव कर नान के माध्यम से कराते हैं जमा
प्रदेश में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के बाद समितियों से ही धान का सीधा उठाव करने और कस्टम मिलिंग कराने का नियम बना हुआ है। इसके तहत मार्कफेड से डीओ जारी होने पर राइस मिलर समितियों से धान का उठाव करते हैं और चावल नान के माध्यम से जमा किया जाता है। यही चावल सार्वजनिक वितरण प्रणाली में भेजा जाता है। इसकी निगरानी की जवाबदेही खाद्य विभाग के साथ नान पर है।

सरगुजा में एक मिलर ने ही 13 करोड़ का चावल नहीं किया जमा
छत्तीसगढ़ में पिछले सालों में धान का उठाव करने के बाद राइस मिलरों ने चावल जमा नहीं किया। इससे शासन को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। राइस मिलरों पर सत्र 2022-23 की मिलिंग शुरू होने के पहले दबाव बना तो उन्होंने बड़ी मात्रा में चावल जमा कराए। इसके बाद भी दो लाख टन चावल जमा नहीं हो पाया है। सरगुजा जिले में एक राइस मिलर ने 13 करोड़ रुपये का 52000 क्विंटल चावल जमा नहीं किया है। 

भाजपा ने कहा, बड़ा स्कैम
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अनुराग सिंहदेव ने कहा कि प्रदेश में कोल और सैंड स्कैम के बाद यह राइस स्कैम है। प्रदेश सरकार और खाद्य मंत्री राइस मिलरों पर मेहरबान हैं। प्रदेश में अब तक दो लाख टन चावल जमा नहीं हुआ है, जो डेढ़ से दो साल पहले का है। आरोप लगाया कि चावल जमा नहीं कर उन्होंने बाजार में बेच दिया। दो से तीन साल बाद दबाव बना तो कुछ चावल जमा हुआ। यह मेहरबानी राइस मिलरों को लाभ पहुंचाने के लिए की गई। 


मंत्री बोले- गड़बड़ी नहीं, चावल जमा करने का आदेश
प्रदेश के खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने स्वीकार किया है कि राइस मिलरों ने करीब दो लाख टन चावल जमा नहीं किया है। हालांकि इसमें कोई गड़बड़ी मानने से खाद्य मंत्री ने इंकार किया है। उन्होंने कहा कि, राइस मिलर्स को जल्द चावल जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। अगर चावल जमा नहीं किया जाता तो अमानत राशि जब्त कर कार्रवाई की जाएगी। कहा कि खाद्य अधिकारी का निलंबन लापरवाही के कारण किया गया है। 

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