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: Chhattisgarh Reservation Bill: सरकार ने राजभवन को भेज दिए 10 सवालों के जवाब, अब हस्ताक्षर करेंगी राज्यपाल?

News Desk / Mon, Dec 26, 2022


रायपुरः छत्तीसगढ़ मे आदिवासी आरक्षण का मामला विधानसभा से राजभवन तक विवादित है। पिछले कई दिनों से इस पर जमकर सियासी घमासान जारी है। इसी बीच प्रदेश सरकार ने राजभवन की ओर से मांगी गई सभी जानकारियां दे दी हैं। राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ सरकार से 10 सवालों का जवाब मांगा था। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसके बाद कहा है कि संविधान में राज्यपाल के जवाब मांगने का कोई प्रावधान नहीं है। फिर भी राज्य सरकार ने जवाब भेज दिए हैं। अब राज्यपाल को हस्ताक्षर करने में देरी नहीं करनी चाहिए।

हाई कोर्ट ने रद्द किया 58 फीसदी आरक्षण


बिलासपुर हाई कोर्ट ने 19 सितंबर को राज्य में 58 फीसदी आरक्षण को रद्द कर दिया था। इसके बाद आदिवासी समाज ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। आदिवासी समुदाय सड़कों पर उतर गया तो सरकार ने विधानसभा का विशेष सत्र बुला कर आरक्षण संशोधन से संबंधित दो बिल पास करा लिए। आरक्षण विधेयक विधानसभा में पारित होने के बाद तत्काल राजभवन भेजा गया था।

राज्यपाल ने पूछे 10 सवाल


राज्यपाल अनुसुइया उइके ने पहले यह बात कही थी कि आरक्षण संशोधन बिल आता है तो उस पर हस्ताक्षर करने में थोड़ी भी देरी नहीं करेंगी, लेकिन 23 दिन गुजरने के बावजूद उन्होंने हस्ताक्षर नहीं किए हैं। इसी दौरान राज्यपाल की तरफ से 10 सवालों की एक सूची राज्य सरकार को भेजी गई थी। पिछले दिनों जब कांग्रेस विधायकों का एक प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मिला था तो उन्हें भी सवालों की सूची राज्यपाल ने दी थी। राज्यपाल ने कांग्रेस विधायकों से कहा था कि सवालों के जवाब मिलने पर वे आरक्षण के मुद्दे पर विचार करेंगी।

हस्ताक्षर पर अटका मामला


फिलहाल राज्य सरकार ने सवालों के जवाब भेज दिए हैं। इसके बाद राज्यपाल ने कहा कि वे जवाबों का अध्ययन करेंगी, इसके बाद हस्ताक्षर करने पर फैसला करेंगी। इधर, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि सरकार ने राज्यपाल की मांग पूरी कर दी है। उन्हें अब इस पर तुरंत हस्ताक्षर कर देना चाहिए। देखना यह है कि राज्यपाल हस्ताक्षर करती हैं या नहीं।

रिपोर्टः सोमेश पटेल


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