उन्होंने बताया कि गोली लगने से सुरेंद्र भगत की मौके पर ही मौत हो गई, जिसके बाद पुरुषोत्तम सिंह ने अपने आप को हथियार के साथ एक कमरे में बंद कर लिया। सिन्हा के अनुसार, वरिष्ठ अधिकारियों के समझाने-बुझाने पर वह कमरे से बाहर निकला, जिसके बाद उसे हिरासत में ले लिया गया। उन्होंने कहा कि घटना के पीछे की वजह अभी पता नहीं चल सकी है। बता दें कि पिछले साल आठ नवंबर को ऐसी ही एक घटना में सुकमा जिले में अर्द्धसैनिक बलों के एक शिविर में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के चार जवानों और तीन अन्य की उस समय मौत हो गई थी, जब उनके एक सहकर्मी ने उन पर गोलियां चलाई थीं।
उन्होंने बताया कि गोली लगने से सुरेंद्र भगत की मौके पर ही मौत हो गई, जिसके बाद पुरुषोत्तम सिंह ने अपने आप को हथियार के साथ एक कमरे में बंद कर लिया। सिन्हा के अनुसार, वरिष्ठ अधिकारियों के समझाने-बुझाने पर वह कमरे से बाहर निकला, जिसके बाद उसे हिरासत में ले लिया गया। उन्होंने कहा कि घटना के पीछे की वजह अभी पता नहीं चल सकी है। बता दें कि पिछले साल आठ नवंबर को ऐसी ही एक घटना में सुकमा जिले में अर्द्धसैनिक बलों के एक शिविर में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के चार जवानों और तीन अन्य की उस समय मौत हो गई थी, जब उनके एक सहकर्मी ने उन पर गोलियां चलाई थीं।
