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: कोल लेवी के 4 हजार करोड़ छत्‍तीसगढ़ को नहीं देगी केंद्र, राज्‍यसभा सांसद ने उठाया मुद्दा, केंद्रीय मंत्री ने देने से किया इंकार

News Desk / Fri, Dec 23, 2022


रायपुर: छत्तीसगढ़ में कोयले की रॉयल्टी के मामले में एक बार फिर राजनीति तेज हो गई है। प्रदेश से निकलने वाले कोयले पर मिलने वाली रॉयल्टी को लेकर शुरू से ही राज्य सरकार ने केंद्र से मिलने वाली कॉल लेवी का 4000 करोड़ रुपए की मांग की है। जिसको लेकर केंद्र ने राशि देने से साफ इंकार कर दिया है। जिसको लेकर राज्यसभा सांसद राजीव शुक्ला ने संसद में मुद्दा भी उठाया है।

बता दें कि कोल लेवी के मामले में राज्य सरकार लगातार केंद्र सरकार से पैसे मांगने को लेकर चाहे पत्राचार हो या फिर संवाद कर रही है लेकिन यह मामला अब राजनीति को चला है। छत्तीसगढ़ के राज्यसभा सांसद राजीव शुक्ला ने राज्यसभा में बीते दिनों कोयले में मिलने वाली राशि लगभग 4000 करोड़ रुपए को लेकर राज्यसभा मैं मुद्दा उठाया जिसके बाद कोयला मंत्री प्रहलाद जोशी ने कोयले की राशि छत्तीसगढ़ राज्य को देने से साफ इनकार करते हुए यह कहा कि हमने इस पर विचार किया है यह राशि किसी भी राज्य को नहीं दिया जाएगा।

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कोयला मंत्री प्रहलाद जोशी ने इस मामले में राज्यसभा में यह भी कहा कि कोयला ब्लॉकों से अतिरिक्त लेवी के रूप में कुल छह हजार 967 करोड़ 30 लाख रुपए एकत्रित हुए हैं जिसमें करीब 60 फ़ीसदी यानी 4 हजार 24 करोड़ 38 लाख रुपए सिर्फ छत्तीसगढ़ के 6 कोल ब्लॉक से अर्जित की गई है। जिस पर केंद्र सरकार ने भारत के एडीशनल सॉलीसीटर जनरल से राय लेने के बाद यह तय किया है कि यह राशि नहीं दी जाएगी।

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कोल रॉयल्टी का पैसा वापस नहीं करने पर छग सरकार पहुंची कोर्ट


छत्तीसगढ़ की राशि नहीं लौटाने के बाद छत्तीसगढ़ सरकार ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है जिस पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जब तक केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ का कोल रॉयल्टी का पैसा वापस नहीं करती है तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी। यह पैसा छत्तीसगढ़ की जनता का पैसा है जिसे हम वापस लेकर रहेंगे सीएम ने बताया कि उन्होंने कई बार पत्राचार भी किया है। कोयला मंत्री को पत्र लिखकर पैसे देने की बात की गई है इसके साथ ही कोयला मंत्री के साथ बैठकर चर्चा भी हुई है कई बार वित्त मंत्री से भी चर्चा हुई है, लेकिन केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ का कोल रॉयल्टी का पैसा वापस करने से इनकार कर दिया है। सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि अब हम कोर्ट पहुंच गए हैं और हमें उम्मीद है कि छत्तीसगढ़ की जनता को उसका हक मिलेगा।

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रकम वापसी को लेकर सरकार ने कई बार किया पत्राचार


बता दें कि वित्तीय संकट से कुछ राज्य जो गुजर रहे हैं वह इस राशि को निकालने में लगे हुए हैं जिसमें छत्तीसगढ़ भी शामिल है। जिसको लेकर सरकारी 2019 से लगातार पत्राचार कर रही हैं। साल 2020 में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्रीय मंत्री को पत्र लिखा था और यह रकम वापस मांगी थी। कई बार आमने-सामने बैठकर विकी हैं लेकिन अब थक हार कर इस सरकार ने उच्चतम न्यायालय की शरण ली है।

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