Logo
Breaking News Exclusive
गरियाबंद में 22 में 11 सड़कों में दरारें, गाड़ियां चलना मुश्किल; क्या रायपुर से लिखी गई करप्शन की स्क्रिप्ट ? गरियाबंद में झोपड़ी में आंगनबाड़ी, 209 किराए में, 81 जुगाड़ में चल रहे, कमर तक बाढ़ पार कर रहे मासूम जेल में बंद भाई से मिलने जा रहा था; 120 की स्पीड में कार 7 फीट उछली, दम तोड़ने से पहले बोला- मुझे बचा लो... बेटे ने मां को दिए थे पैसे, मांगने पर मना किया तो पति ने लात-घूसों से तोड़ी तिल्ली; गिरफ्तार SI, ASI स्टेनो और पुलिस कॉन्स्टेबल परीक्षा में झंडे गाड़े, लेकिन MBBS सीट नहीं मिला, पढ़िए शहडोल संभाग के शुभांगी की कहा आम के बगीचे में सजी थी महफिल, 300 मीटर पहले गाड़ी खड़ी कर पैदल पहुंची पुलिस घर के कमरे में मिला शव, फंदे से उतारने तक थम चुकी थीं सांसें घर के बाहर बैठे थे दोनों, परिजन बोले- एक्सीडेंट नहीं, सोची-समझी हत्या; एसपी बोले- दबिश जारी MP के दतिया में कांग्रेस को बढ़त, गुजरात के मंजलपुर में भाजपा की जीत लगभग तय महिला पहलवान यौन शोषण केस में बृजभूषण बरी, FIR के बाद 127 सुनवाई, कोर्ट ने सुनाया फैसला गरियाबंद में 22 में 11 सड़कों में दरारें, गाड़ियां चलना मुश्किल; क्या रायपुर से लिखी गई करप्शन की स्क्रिप्ट ? गरियाबंद में झोपड़ी में आंगनबाड़ी, 209 किराए में, 81 जुगाड़ में चल रहे, कमर तक बाढ़ पार कर रहे मासूम जेल में बंद भाई से मिलने जा रहा था; 120 की स्पीड में कार 7 फीट उछली, दम तोड़ने से पहले बोला- मुझे बचा लो... बेटे ने मां को दिए थे पैसे, मांगने पर मना किया तो पति ने लात-घूसों से तोड़ी तिल्ली; गिरफ्तार SI, ASI स्टेनो और पुलिस कॉन्स्टेबल परीक्षा में झंडे गाड़े, लेकिन MBBS सीट नहीं मिला, पढ़िए शहडोल संभाग के शुभांगी की कहा आम के बगीचे में सजी थी महफिल, 300 मीटर पहले गाड़ी खड़ी कर पैदल पहुंची पुलिस घर के कमरे में मिला शव, फंदे से उतारने तक थम चुकी थीं सांसें घर के बाहर बैठे थे दोनों, परिजन बोले- एक्सीडेंट नहीं, सोची-समझी हत्या; एसपी बोले- दबिश जारी MP के दतिया में कांग्रेस को बढ़त, गुजरात के मंजलपुर में भाजपा की जीत लगभग तय महिला पहलवान यौन शोषण केस में बृजभूषण बरी, FIR के बाद 127 सुनवाई, कोर्ट ने सुनाया फैसला

: कवासी लकमा ने कहा- राज्यपाल सच्ची आदिवासी हैं तो आरक्षण बिल पर करें साइन, जानें कहां फंसा है मामला

News Desk / Wed, Dec 21, 2022


रायपुर: छत्तीसगढ़ में आरक्षण बिल इन दिनों राजनीति का बड़ा विषय बन गया है। इस बिल को लेकर सरकार अब राजभवन पर तीखे बोल बोल रही है। मुख्यमंत्री के बयान के बाद अब छत्तीसगढ़ के आबकारी मंत्री कावासी लखमा ने सीधे तौर पर राज्यपाल पर हमला बोला है। जगदलपुर में लकमा ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि राज्यपाल RSS और बीजेपी की राजनीति में फंस गई है। मंत्री ने कहा कि राज्यपाल, राजनीतिक माया जाल में फंस गई हैं। दरअसल, आरक्षण विधेयक पर अभी तक राज्यपाल ने साइन नहीं किए हैं जिसे लेकर प्रदेश की राजनीति तेज हो गई है।

कावासी लखमा ने कहा- राज्यपाल अनुसुइया उइके आरएसएस और बीजेपी की राजनीति में नाच रही हैं वे राजनीतिक मायाजाल में पूरी तरह से फंस चुकी हैं। आर एस एस और बीजेपी ने उन्हें फंसा दिया है।

क्यों नहीं कर रही हैं दस्तखत
कवासी लकमा ने कहा कि लोकसभा में अगर कोई बिल पास होता है तो उस पर राष्ट्रपति हस्ताक्षर करते हैं। विधानसभा में जो बिल पास हुआ है उसको लेकर राज्यपाल अब तक दस्तखत क्यों नहीं कर रही हैं। राज्यपाल आरक्षण बिल की फाइल को लेकर क्यों प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के पास जा रही हैं। लकमा ने कहा कि मुझे राजनीति करते हुए आज 24 साल पूरे हो गए हैं। मैं लगातार विधायक हूं।

मैंने अपने राजनीतिक कार्य में आज तक ऐसा नहीं देखा है। भाजपा और RSS के इशारों पर राज्यपाल नाच रही हैं। इतना ही नहीं कावासी लखमा ने राज्यपाल को लेकर यह कहा कि अगर सच्ची आदिवासी हैं तो आरक्षण बिल पर अपने दस्तखत करें।
इसे भी पढे़ं-
आरक्षण पर सियासत: भूपेश बघेल ने कहा- बीजेपी के हाथों की कठपुतली बने राजभवन के अधिकारी

1 दिसंबर को पास हुआ था विधेयक
छत्तीसगढ़ विधानसभा में 1 दिसंबर को आरक्षण विधेयक सर्वसम्मति से पास हुआ था। छत्तीसगढ़ में अब अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए 32 प्रतिशत, अनुसूचित जाति वर्ग के लिए 13 प्रतिशत, पिछड़ा वर्ग के लिए 27 प्रतिशत और ईडब्ल्यूएस के लिए 4 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। विधेयक को राज्यपाल के पास साइन के लिए भेजा गया है। लेकिन अभी तक राज्यपाल ने इस विधेयक पर साइन नहीं किए हैं। राज्यपाल के साइन होते ही राज्य में यह आरक्षण प्रक्रिया लागू हो जाएगी।


Source link

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन