: आज से 3 दिन छत्तीसगढ़ में रहेंगे अमित शाह: केंद्रीय गृहमंत्री नक्सलवाद के खात्मे पर बनाएंगे रणनीति, जानिए पूरा शेड्यूल
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शाह रायपुर से ही विभाग की हर छोटी-बड़ी अपडेट लेंगे। गृह मंत्री आसपास के राज्यों में नक्सल मूवमेंट की रिपोर्ट भी अफसरों से लेने वाले हैं। छत्तीसगढ़ के डीजीपी ने भी इस संबंध में रिपोर्ट तैयार कर ली है, जिसे अमित शाह की बैठक में पेश किया जाएगा। यह है कार्यक्रम
अमित शाह 23 से 25 अगस्त तक रायपुर में रहेंगे। वे नवा रायपुर के एक रिसॉर्ट में ठहरेंगे। गृह मंत्री 24 अगस्त 2024 की सुबह चंपारण में महाप्रभु वल्लभाचार्य आश्रम जाएंगे। इसके बाद उसी दिन सुबह 11:30 बजे वे होटल में छत्तीसगढ़ और पड़ोसी राज्यों के मुख्य सचिव और डीजीपी के साथ अंतरराज्यीय समन्वय बैठक में शामिल होंगे।
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इस बैठक के बाद दोपहर 2:30 बजे वे छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा और विकास से जुड़ी बैठक में शामिल होंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 25 अगस्त 2024 को सुबह 10:30 बजे एनसीबी कार्यालय, रायपुर का उद्घाटन करेंगे और समीक्षा बैठक में हिस्सा लेंगे।
इसके बाद दोपहर 01:30 बजे होटल मेफेयर, रायपुर में छत्तीसगढ़ में सहकारिता के विस्तार से जुड़ी बैठक में शामिल होंगे। इस दौरान वे प्रदेश के भाजपा नेताओं और मंत्रियों से सरकार और संगठन के कामकाज का ब्योरा लेंगे।
इन राज्यों के पुलिस प्रमुख होंगे शामिल
अंतर-राज्यीय समन्वय बैठक में छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों के अलावा केंद्र सरकार के शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों के भी शामिल होने की उम्मीद है। बैठक में इन राज्यों के बीच आपसी समन्वय के जरिए नक्सलियों को खत्म करने और उन राज्यों में योजनाएं चलाने पर चर्चा होगी।
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हिंसा प्रभावित जिलों में कमी
केंद्रीय गृह मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, 2004 से 2014 के दशक में वामपंथी उग्रवाद की घटनाओं की संख्या 14,862 थी, जो 2014 से 2023 के बीच घटकर 7,128 रह गई।
वामपंथी उग्रवाद की घटनाओं में सुरक्षा बलों की मौतों की संख्या में 72 फीसदी की कमी आई है। वर्ष 2004 से 2014 के बीच 1,750 सुरक्षाकर्मियों ने अपनी जान गंवाई, जो वर्ष 2014 से 2023 के बीच घटकर 485 रह गई है। वर्ष 2010 में हिंसा प्रभावित जिलों की संख्या 96 थी, जो 53 प्रतिशत कम होकर वर्ष 2022 में 45 रह गई है।
छत्तीसगढ़ में वर्तमान स्थिति
राज्य के गृह मंत्री विजय शर्मा के अनुसार राज्य की कानून व्यवस्था को लेकर बेहतर काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि देश और राज्य की सबसे बड़ी समस्या नक्सलवाद है। हमने इस पर मात्र 6 महीने में जो काम किया है, वह कांग्रेस सरकार के एक साल के आंकड़ों से भी ज्यादा है। मात्र 6 महीने में ही अलग-अलग मुठभेड़ों में करीब 150 नक्सली मारे गए। बड़ी संख्या में आत्मसमर्पण और गिरफ्तारियां हुई हैं।
Read more- Landmines, Tanks, Ruins: The Afghanista Taliban Left Behind in 2001 29 IAS-IPS
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