ईरान पर अमेरिका-इजराइल ने 1200 बम गिराए : अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत, मिडिल ईस्ट में जंग जैसे हालात, ईरान ने भी किया पलटवार
MP CG Times / Sun, Mar 1, 2026
इजराइल और अमेरिका ने पिछले 24 घंटे में ईरान पर 1,200 से ज्यादा बम गिराने का दावा किया है। इजराइली वायुसेना के अनुसार राजधानी तेहरान समेत 10 बड़े शहरों को निशाना बनाया गया।
इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत होने का दावा किया गया है। बताया जा रहा है कि उनके ऑफिस कॉम्प्लेक्स पर शनिवार को 30 मिसाइलों से हमला किया गया था, जिसमें उनके परिवार के सदस्य और करीब 40 कमांडर भी मारे गए।

नेतन्याहू और ट्रम्प का दावा
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शनिवार देर रात खामेनेई के मारे जाने की बात कही। इसके कुछ समय बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी यही दावा दोहराया।
रविवार सुबह ईरान की सरकारी मीडिया एजेंसियों ‘तसनीम’ और ‘फार्स’ ने भी खामेनेई की मौत की पुष्टि की खबर जारी की।

ईरान में 200 मौतें, 740 से ज्यादा घायल
हमलों में अब तक 200 से अधिक लोगों की मौत और 740 से ज्यादा के घायल होने की खबर है। एक स्कूल पर मिसाइल गिरने से 148 छात्राओं की मौत और 45 के घायल होने का दावा किया गया है।
खामेनेई की मौत के बाद ईरान में 40 दिन का राजकीय शोक और 7 दिन की छुट्टी घोषित की गई है। इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बयान जारी कर कहा कि देश ने एक महान नेता खो दिया है।

ईरान का पलटवार, 9 देशों को बनाया निशाना
हमलों के जवाब में ईरान ने ड्रोन और मिसाइल अटैक शुरू कर दिए हैं। ईरान ने इजराइल पर करीब 400 मिसाइलें दागने का दावा किया है।
मिडिल ईस्ट के कतर, कुवैत, जॉर्डन, बहरीन, सऊदी अरब और यूएई में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को भी निशाना बनाया गया। इजराइल के तेल अवीव में हुए एक हमले में 8 लोगों की मौत की खबर है।

दुबई और बहरीन में भी हमले
ईरान ने यूएई के सबसे अधिक आबादी वाले शहर दुबई में ड्रोन हमले का दावा किया। पाम होटल एंड रिसोर्ट और बुर्ज खलीफा के पास धमाके की खबरें सामने आईं।
बहरीन में भी कई रिहायशी इमारतों को निशाना बनाए जाने की जानकारी दी गई है।
कौन थे अयातुल्ला अली खामेनेई
जन्म: 19 अप्रैल 1939, मशहद, ईरान
1979 की इस्लामी क्रांति में अहम भूमिका
1981 में ईरान के राष्ट्रपति बने
1989 में सर्वोच्च नेता (रहबर) नियुक्त
समर्थकों के लिए इस्लामी व्यवस्था के रक्षक, आलोचकों के लिए सख्त शासक
इजराइल-ईरान विवाद के प्रमुख कारण
1. परमाणु कार्यक्रम:
अमेरिका और इजराइल को संदेह है कि ईरान परमाणु हथियार बना सकता है, जबकि ईरान इसे शांतिपूर्ण बताता है।
2. बैलिस्टिक मिसाइल मुद्दा:
ईरान अपने मिसाइल कार्यक्रम को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला मानता है और इसे “रेड लाइन” कहता है।
3. इजराइल विरोध:
ईरान इजराइल का खुलकर विरोध करता है, जबकि अमेरिका इजराइल का सबसे बड़ा समर्थक है।
4. क्षेत्रीय प्रभाव:
अमेरिका का आरोप है कि ईरान इराक, सीरिया, लेबनान और यमन में अपने समर्थक गुटों को समर्थन देता है।
5. आर्थिक प्रतिबंध:
अमेरिका के कड़े प्रतिबंधों से ईरान की अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव बना रहता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जरूरी खबरें
विज्ञापन