: स्कूल के बाद अब आंगनवाड़ी भी बंद: कोरोना की बेलगाम रफ्तार ने आंगनवाड़ी केंद्रों में जड़ा ताला, कलेक्टर ने जारी किया आदेश, जानिए कब तक रहेंगे बंद
जिला स्तरीय क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार कोविड-19 संकमण से रोकथाम के लिए अनूपपुर जिले के स्थानीय परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित समस्त आंगनबाड़ी केन्द्रों, उप आंगनबाड़ी केन्द्रों का संचालन 31 जनवरी 2022 तक बंद कर दिया है.
आंगनबाड़ी केन्द्रों पर बच्चों एवं अन्य हितग्राहियों की उपस्थिति पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगी
पूर्व व्यवस्था अनुसार 6 माह से 03 वर्ष के बच्चे, गर्भवती एवं धात्री माताएं और 11 से 14 वर्ष की शाला त्यागी किशोरी बालिकाओं को टीएचआर एवं 03 से 06 वर्ष के बच्चों को स्व-सहायता समूहों के माध्यम से प्रदाय किए जाने वाले आरटीई का वितरण साप्ताहिक रूप से प्रत्येक सोमवार और मंगलवार को बच्चों के अभिभावकों को क्रमशः केन्द्र पर बुलाकर किया जाएगा. केन्द्र पर उपस्थित नहीं होने वाले हितग्राहियों को अनिवार्यतः आंगनबाड़ी कार्यकर्ता/सहायिका संबंधित के घर पर वितरण करेंगी.
प्रत्येक ग्राम पंचायत प्रतिमाह की 5 तारीख तक टीएचआर और आरटीई के वितरण का सत्यापन (थर्ड पार्टी मूल्यांकन) करेंगें. पंचायतों से पंचायत पदाधिकारी / ग्राम में उपस्थित अन्य शासकीय सेवक/ग्रामवासी के हस्ताक्षरयुक्त्त पंचनामा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता प्राप्त कर पर्यवेक्षक को उपलब्ध कराएंगे. आंगनबाड़ी केन्द्र की सभी महत्वपूर्ण सेवाएं पूर्ववत संचालित रहेगी, यथा टीकाकरण, मंगलदिवस, (कोविड-19 प्रोटोकाल के अनुसार) ग्रोथ मॉनिटरिंग, गृह भेंट (SAM/MAM, बच्चे, गर्भवती महिला/ हाई रिस्क गर्भवती महिला ) आदि.टीकाकरण दिवस पर आंगनबाड़ी केन्द्र पर केवल टीकाकरण के लिए
चिन्हित हितग्राहियों को ही बुलाया जाएगा.
संबंधित परियोजना अधिकारी एवं पर्यवेक्षक नियमित रूप से केन्द्रों का सतत् निरीक्षण कर पोषण आहार वितरण व्यवस्था एवं अन्य कार्यो की समीक्षा करेंगे. साथ ही पूरक पोषण आहार के लाभांवित हितग्राहियों की जानकारी एवं थर्ड पार्टी मूल्यांकन पंचनामा प्रतिवेदन परियोजना स्तर पर संधारित करते हुए संकलित जानकारी जिला स्तर पर प्रतिमाह के 10 तारीख तक भेजेंगे. भारत सरकार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय एवं राज्य सरकार द्वारा कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए समय-समय पर जारी गाइडलाइन का पालन अनिवार्यतः करेंगे.
स्कूल बंद होने के साथ लिए गए यह महत्वपूर्ण फैसले
15 जनवरी से 31 जनवरी तक स्कूल बंद रहेंगे.
सरकारी और प्रायवेट स्कूल इस अवधि में सभी बंद रहेंगे.
प्री बोर्ड की परीक्षाएं 20 जनवरी से होना थीं लेकिन उनके स्वरूप में भी बदलाव किया जाएगा.
सभी प्रकार के मेला और बड़े धार्मिक आयोजन पर रोक रहेगी.
शादी या अन्य आयोजन हॉल में 250 से अधिक नहीं होनी चाहिए.
17 फरवरी से प्रस्तावित है एमपी बोर्ड परीक्षा
मध्यप्रदेश में कक्षा दसवीं और कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 17-18 फरवरी से शुरू होने जा रही हैं. कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच इस बार माध्यमिक शिक्षा मंडल ने परीक्षा केंद्रों में इजाफा किया है. बोर्ड परीक्षाओं के लिए प्रदेश भर में 10 फीसदी परीक्षा केंद्रों की संख्या बढ़ाई गई है. हालांकि अब देखना होगा कि कोरोना गाइडलाइन के साथ बोर्ड परीक्षाएं प्रदेश भर में कैसे आयोजित की जाएंगी.
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