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: दुर्लभ बीमारी से पीड़ित बच्चे का जन्म: मासूम बच्चे के शरीर पर मोटी और सख्त चमड़ी, बीएमओ बोले- देखभाल और इलाज चुनौतीपूर्ण

MP Chhindwara Birth child suffering from rare disease: एमपी के छिंदवाड़ा के परासिया क्षेत्र में एक बार फिर ऐसा मामला सामने आया है, जिसने डॉक्टरों से लेकर स्थानीय लोगों तक को हैरान कर दिया है। सरकारी अस्पताल में नवजात का पूरा शरीर सफेद परत से ढका हुआ है। वह बिल्कुल भी आम बच्चों जैसा नहीं लग रहा है।

डॉक्टर ने बताया कि यह हार्लेक्विन इचथियोसिस नामक दुर्लभ बीमारी है। इस बीमारी के कारण गर्भ में पल रहे बच्चे का विकास ठीक से नहीं हो पाता है। इसके कारण बच्चे का जन्म असामान्य रूप से होता है। इस बीमारी से प्रभावित बच्चों की त्वचा सख्त और मोटी हो जाती है, जो सफेद परत के रूप में दिखाई देती है।

बीएमओ शशि अतुलकर ने बताया कि

यह मामला दुर्लभ बीमारी से जुड़ा है। इसके कारण नवजात की देखभाल और उपचार काफी चुनौतीपूर्ण है। जिला अस्पताल के डॉक्टरों की टीम इस बच्चे का उपचार कर रही है।

पहले भी सामने आए थे 3 मामले

यह पहला मामला नहीं है। जानकारी के अनुसार परासिया क्षेत्र में पहले भी इसी तरह के 3 मामले सामने आ चुके हैं। इस बार भी जन्मे बच्चे को उपचार के लिए छिंदवाड़ा के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

परासिया अस्पताल में दुर्लभ बीमारी से पीड़ित बच्चे का जन्म

इससे पहले भी, छिंदवाड़ा के परासिया अस्पताल में एक दुर्लभ बीमारी से पीड़ित बच्चे का जन्म हुआ है। बच्चे को हार्लेक्विन इचथियोसिस बीमारी है। आनुवंशिक बीमारी के ऐसे मामले पांच लाख में से एक बच्चे में होते हैं।

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