: IGNTU के छात्रों को ग्रामीणों ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा: 4 छात्रों को आई गंभीर चोटें, रात 3 बजे तक स्टूडेंट्स ने किया प्रदर्शन, जानिए क्या है पूरा माजरा ?
यह है पूरा माजरा
जानकारी के मुताबिक अमरकंटक थाना अंतर्गत लालपुर गांव में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय स्थित है। लालपुर गांव में बुधवार को बाजार लगता है। जिसके चलते बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं बाजार में आते हैं। बताया जा रहा है कि पीएचडी छात्र और उसका एक दोस्त यूनिवर्सिटी की ओर आ रहे थे।
छात्र का ग्रामीण से हुआ विवाद
तभी बाजार में किसी बात को लेकर उसका एक ग्रामीण से विवाद हो गया। यूनिवर्सिटी के कई छात्र मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों को गलतफहमी हो गई कि छात्र उन्हें मारने आ रहे हैं। इसी गलतफहमी के चलते करीब 40 से 50 ग्रामीण एकत्र हो गए। जिनके हाथों में रॉड और डंडे थे।
ग्रामीणों ने छात्रों को दौड़ा-दौड़ाकर मारा
इसके बाद ग्रामीणों ने छात्रों पर हमला कर दिया और उन्हें दौड़ाकर मारा। जिसमें कौशल रजक, दिव्यांश और विनय के सिर और पैर में गंभीर चोटें आईं। ग्रामीणों ने छात्रों पर पथराव भी किया। विवाद का कारण अभी स्पष्ट नहीं है। सूचना पर अमरकंटक पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाया। पुलिस के पहुंचने के एक घंटे बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन मौके पर पहुंचा।
छात्र धरने पर बैठे
इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों को समझाया और अमरकंटक थाने में शिकायत दर्ज कराने को कहा। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्रों से कहा कि यूनिवर्सिटी प्रशासन इस पर कुछ नहीं कर सकता, ये यूनिवर्सिटी के बाहर की घटना है।
वहीं छात्रों का कहना है कि ग्रामीणों ने यूनिवर्सिटी में घुसकर उनके साथ मारपीट की। इसके बाद सैकड़ों छात्र यूनिवर्सिटी के मुख्य द्वार पर धरने पर बैठ गये और मौके पर मौजूद गार्ड के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे।
छात्रों ने बताया कि ग्रामीणों ने यूनिवर्सिटी के बाहर रह रहे छात्रों को भी पीटना शुरू कर दिया। जिसके बाद बाहर रह रहे सभी छात्रों को यूनिवर्सिटी के अंदर बुलाया गया है। उनकी मांग है कि अब विश्वविद्यालय प्रशासन बाहर रह रहे छात्रों को सुरक्षा मुहैया कराए। पुलिस चारों छात्रों को अमरकंटक थाने ले गई, जहां आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कुलपति के खिलाफ जमकर नारेबाजी की
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय में मारपीट के बाद आक्रोशित छात्रों ने कुलपति के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। रात तीन बजे तक छात्रों का प्रदर्शन जारी रहा। जिसके बाद प्रॉक्टर बोर्ड और रजिस्ट्रार मौके पर पहुंचे। दोपहर 12 बजे छात्रों को बुलाया गया और गार्ड के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। जिसके बाद छात्रों ने अपना धरना समाप्त कर दिया।
Read more- Landmines, Tanks, Ruins: The Afghanistan Taliban Left Behind in 2001 29 IAS-IPS
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