राजेंद्रग्राम में 'सड़क-बस' के लिए सड़क पर उतरे छात्र : पहाड़ पर बना दिया कॉलेज, न जाने का रास्ता, न बस सुविधा; अमरकंटक मार्ग पर लगा गाड़ियों का लंबा जाम
अनूपपुर जिले के राजेंद्रग्राम में सोमवार को पुष्पराजगढ़ शासकीय महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं का गुस्सा फूट पड़ा। एनएसयूआई छात्रसंघ के बैनर तले सैकड़ों विद्यार्थियों ने रीवा-अमरकंटक मुख्य मार्ग पर बैठकर उग्र चक्काजाम कर दिया।
छात्र कॉलेज तक पक्की सड़क बनाने और बस सुविधा शुरू करने की मांग कर रहे हैं। सुबह 11 बजे शुरू हुए इस प्रदर्शन के कारण रीवा-अमरकंटक मार्ग पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। स्थिति यह रही कि उग्र छात्रों ने दोपहिया (बाइक) चालकों को भी निकलने नहीं दिया। मौके पर पहुंचे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी छात्रों को शांत कराने में जुटे रहे, लेकिन छात्र कलेक्टर को बुलाने की मांग पर अड़े रहे।

पहाड़ पर शिफ्ट किया कॉलेज: 700 मीटर कीचड़ भरा रास्ता, 5 किमी पैदल चलने की नौबत
विद्यार्थियों ने अपनी पीड़ा बयां करते हुए बताया कि प्रशासन के लापरवाह रवैये के कारण उनकी पढ़ाई भगवान भरोसे चल रही है। पुष्पराजगढ़ महाविद्यालय को राजेंद्रग्राम स्थित पुरानी बिल्डिंग से बदलकर पहाड़ी पर बनी नई बिल्डिंग में 17 सितंबर से शिफ्ट कर दिया गया है।
मुख्य मार्ग से नया कॉलेज भवन लगभग 700 मीटर दूर पहाड़ी पर स्थित है। यहां तक पहुंचने के लिए कोई पक्की सड़क नहीं है। हल्की सी बारिश होते ही पूरा रास्ता दलदल और कीचड़ में तब्दील हो जाता है, जिससे छात्रों और शिक्षकों को फिसलते हुए जाना पड़ता है।
बस सुविधा नहीं होने से गरीब छात्र पढ़ाई छोड़ने को मजबूर
सड़क के अलावा कॉलेज तक पहुंचने के लिए परिवहन का कोई साधन नहीं है। राजेंद्रग्राम से कॉलेज की दूरी करीब 4 से 5 किलोमीटर है। सरकारी या कॉलेज बस सुविधा नहीं होने के कारण छात्रों को मनमाना किराया देकर निजी (प्राइवेट) बसों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
रोज-रोज के भारी बस किराए से गरीब और ग्रामीण इलाकों से आने वाले छात्र परेशान हैं। कई छात्र आर्थिक तंगी के कारण अब कॉलेज आने से कतरा रहे हैं और उनकी पढ़ाई छूटने की नौबत आ गई है।
प्राचार्य बोलीं- '14 लाख स्वीकृत हैं, बारिश की वजह से रुका था काम'
छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के बाद महाविद्यालय की प्राचार्य संगीता मसीह का बयान सामने आया है। "मुख्य मार्ग से कॉलेज तक शासन द्वारा 14.21 लाख रुपये की राशि से ग्रेवल मार्ग स्वीकृत है। बारिश के कारण काम रुका हुआ था। कलेक्टर रत्नाकर झा के निर्देश पर बीटी रोड की वैकल्पिक व्यवस्था बनाई गई है, जिस पर काम जल्द शुरू होगा।"
"बस संचालन के लिए शासकीय प्रावधान नहीं होता, इसे जनभागीदारी समिति के तहत चलाया जाता है। छात्रों से संवाद के लिए बैठक रखी गई है, जिसके बाद आगे का रास्ता निकाला जाएगा।"
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