: काले हिरण का शिकार: एमपी में खेत में मिला 15 से 20 घंटे पुराना शव, शरीर पर गोली जैसे घाव के निशान
MP CG Times / Tue, Oct 22, 2024
Madhya Pradesh Bhopal Black deer hunting: मध्यप्रदेश के भोपाल में एक खेत में काले हिरण का शव मिला। शव 15 से 20 घंटे पुराना है। शरीर पर गोली लगने जैसा घाव है। आशंका है कि काले हिरण को गोली मारी गई है। शिकार संभवत: रात में हुआ, लेकिन शिकारी शव को नहीं ले जा सके। पोस्टमार्टम रिपोर्ट 3 दिन में आएगी।
मंगलवार सुबह भोपाल से करीब 40 किलोमीटर दूर बरखेड़ा सालम गांव के एक खेत में काले हिरण का शव पड़ा होने की सूचना मिली। वन विभाग की टीम दोपहर में शव को भोपाल के जेल पहाड़ी स्थित पशु अस्पताल लेकर आई। जहां डॉ. संगीता धमीजा ने पोस्टमार्टम किया। इसके बाद वन विभाग ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
हिरण वयस्क था, संभवत: रात में उसका शिकार किया गया
डॉ. धमीजा ने बताया कि वन विभाग की टीम बरखेड़ा सालम से काले हिरण का शव लेकर आई है। दो डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया है। रिपोर्ट वन विभाग को दी जाएगी। शव 15 से 20 घंटे पुराना है। यह वयस्क था।
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गर्दन के पास गहरा घाव
काले हिरण के गर्दन के पास गहरा घाव था। इसके अलावा शरीर पर कहीं भी चोट के निशान नहीं हैं। इससे लगता है कि इसे गोली मारी गई और फिर इसका शिकार किया गया।
रिपोर्ट लाऊंगा- एसडीओ
दूसरी ओर, वन विभाग के अधिकारी काले हिरण के शिकार के सवाल से बचते नजर आ रहे हैं। एसडीओ धीरज सिंह चौहान ने कहा कि काले हिरण की मौत हो गई है। शव को लेकर टीम अस्पताल गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद बताऊंगा।
दूसरी ओर, पोस्टमार्टम करने वाली डॉ. धमीजा भी गोली लगने के सवाल से बचती नजर आईं। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट 2 से 3 दिन में सीधे वन विभाग को दे दी जाएगी।
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5 महीने पहले कुत्तों ने किया था शिकार
करीब 5 महीने पहले भोपाल के बिशनखेड़ी में वन विभाग के रेस्ट हाउस के पास एक गर्भवती काले हिरण का शव मिला था। ग्रामीणों ने बताया कि हिरण का कुत्तों ने शिकार किया था। जिस स्थान पर काले हिरण का शव मिला है, उसके आसपास पानी वाला क्षेत्र है। इस कारण राजस्थानी भेड़पालक भी अपनी भेड़ों के साथ वहीं रहते थे।
संभावना है कि भेड़पालकों के साथ कुत्ते भी होते हैं, जो शहरी कुत्तों से ज्यादा हिंसक होते हैं। वे हिरणों पर हमला भी कर सकते हैं। वहीं, शिकारियों द्वारा शिकार की बात भी सामने आई।
इस साल 115 जंगली जानवरों का शिकार
वन विभाग की शिकार मामले की रिपोर्ट के अनुसार, 1 जनवरी 2024 से अब तक मप्र में प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर करीब 115 जंगली जानवरों का शिकार किया गया है। शिकारियों ने सबसे ज्यादा 24 तेंदुए, 20 चीतल, 16 नीलगाय और 14 जंगली सूअर का शिकार किया है। इसके अलावा 3 काले हिरणों का भी शिकार किया गया है। इन काले हिरणों का शिकार सीहोर, रायसेन और सागर जिले में किया गया है।
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हिरण वयस्क था, संभवत: रात में उसका शिकार किया गया
डॉ. धमीजा ने बताया कि वन विभाग की टीम बरखेड़ा सालम से काले हिरण का शव लेकर आई है। दो डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया है। रिपोर्ट वन विभाग को दी जाएगी। शव 15 से 20 घंटे पुराना है। यह वयस्क था।
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गर्दन के पास गहरा घाव
काले हिरण के गर्दन के पास गहरा घाव था। इसके अलावा शरीर पर कहीं भी चोट के निशान नहीं हैं। इससे लगता है कि इसे गोली मारी गई और फिर इसका शिकार किया गया।
रिपोर्ट लाऊंगा- एसडीओ
दूसरी ओर, वन विभाग के अधिकारी काले हिरण के शिकार के सवाल से बचते नजर आ रहे हैं। एसडीओ धीरज सिंह चौहान ने कहा कि काले हिरण की मौत हो गई है। शव को लेकर टीम अस्पताल गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद बताऊंगा।
दूसरी ओर, पोस्टमार्टम करने वाली डॉ. धमीजा भी गोली लगने के सवाल से बचती नजर आईं। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट 2 से 3 दिन में सीधे वन विभाग को दे दी जाएगी।
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5 महीने पहले कुत्तों ने किया था शिकार
करीब 5 महीने पहले भोपाल के बिशनखेड़ी में वन विभाग के रेस्ट हाउस के पास एक गर्भवती काले हिरण का शव मिला था। ग्रामीणों ने बताया कि हिरण का कुत्तों ने शिकार किया था। जिस स्थान पर काले हिरण का शव मिला है, उसके आसपास पानी वाला क्षेत्र है। इस कारण राजस्थानी भेड़पालक भी अपनी भेड़ों के साथ वहीं रहते थे।
संभावना है कि भेड़पालकों के साथ कुत्ते भी होते हैं, जो शहरी कुत्तों से ज्यादा हिंसक होते हैं। वे हिरणों पर हमला भी कर सकते हैं। वहीं, शिकारियों द्वारा शिकार की बात भी सामने आई।
इस साल 115 जंगली जानवरों का शिकार
वन विभाग की शिकार मामले की रिपोर्ट के अनुसार, 1 जनवरी 2024 से अब तक मप्र में प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर करीब 115 जंगली जानवरों का शिकार किया गया है। शिकारियों ने सबसे ज्यादा 24 तेंदुए, 20 चीतल, 16 नीलगाय और 14 जंगली सूअर का शिकार किया है। इसके अलावा 3 काले हिरणों का भी शिकार किया गया है। इन काले हिरणों का शिकार सीहोर, रायसेन और सागर जिले में किया गया है।
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