Logo
Breaking News Exclusive
गरियाबंद कलेक्टर ने राजिम, मैनपुर और छूरा में बदले अधिकारी, कहीं ये वजह तो नहीं ? इमली के पेड़ के नीचे चला रहा था मोबाइल, कई जगह गिरे ओले, महुआ-आम की फसल बर्बाद 190 नशीली गोलियां भी भट्ठी में खाक, जानिए गरियाबंद टू रायपुर प्लांट की कहानी Gariaband Congress ने निकाली LPG Cylinder की ‘शवयात्रा’, पढ़िए गैस इमरजेंसी की कहानी Ramnaresh Jaiswal बने मंडल मंत्री, हीरा सिंह श्याम ने दी मंजूरी 1 लाख 50 हजार शिक्षकों पर लटकी तलवार, TET परीक्षा में फेल तो चली जाएगी जॉब ? मंत्री दिलीप जायसवाल ने मिठाई खिलाकर दी बधाई 10वीं का एग्जाम देने जा रहे थे दोनों, आखिरी सांस तक बरसाई लाठियां रेपिस्ट नंगा होकर भागा; VIDEO में खेत में तड़पती दिखी, मांस के टुकड़े मिले एक क्लिक में लड़कियों की फोटो, पैकेज और रेट; Instagram-Telegram से चल रहा नेटवर्क गरियाबंद कलेक्टर ने राजिम, मैनपुर और छूरा में बदले अधिकारी, कहीं ये वजह तो नहीं ? इमली के पेड़ के नीचे चला रहा था मोबाइल, कई जगह गिरे ओले, महुआ-आम की फसल बर्बाद 190 नशीली गोलियां भी भट्ठी में खाक, जानिए गरियाबंद टू रायपुर प्लांट की कहानी Gariaband Congress ने निकाली LPG Cylinder की ‘शवयात्रा’, पढ़िए गैस इमरजेंसी की कहानी Ramnaresh Jaiswal बने मंडल मंत्री, हीरा सिंह श्याम ने दी मंजूरी 1 लाख 50 हजार शिक्षकों पर लटकी तलवार, TET परीक्षा में फेल तो चली जाएगी जॉब ? मंत्री दिलीप जायसवाल ने मिठाई खिलाकर दी बधाई 10वीं का एग्जाम देने जा रहे थे दोनों, आखिरी सांस तक बरसाई लाठियां रेपिस्ट नंगा होकर भागा; VIDEO में खेत में तड़पती दिखी, मांस के टुकड़े मिले एक क्लिक में लड़कियों की फोटो, पैकेज और रेट; Instagram-Telegram से चल रहा नेटवर्क

: R&D Clinical Trial Death Case: दवा कंपनी के क्लिनिकल ट्रायल में 1 की मौत, जानिए कैसे चली गई शख्स की जान ?

Bangalore R&D Clinical Trial Death Case Nagesh Veeranna | Syngene: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में क्लीनिकल ट्रायल में एक व्यक्ति की मौत का मामला सामने आया है। पुलिस ने बताया कि नागेश वीरन्ना (33 वर्ष) एक रिसर्च एंड डेवलपमेंट कंपनी के क्लीनिकल ट्रायल में शामिल थे।

ट्रायल के दौरान दी गई दवाओं के साइड इफेक्ट के कारण उनकी मौत हो गई। पुलिस ने मृतक के भाई की शिकायत पर बीएनएस की धारा 194 (3) के तहत अप्राकृतिक मौत की रिपोर्ट दर्ज की है। रिसर्च कंपनी ने जांच में सहयोग करने की बात कही है। भाई ने कहा- दवा लेने के बाद नागेश के पेट में दर्द होता था मृतक के भाई रेवन सिद्दप्पा ने बताया कि नागेश को दिसंबर 2024 में स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों के बाद एक निजी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था। इसके बाद सिंजेन इंटरनेशनल नाम की एक रिसर्च कंपनी ने उनसे अपने क्लीनिकल ट्रायल का हिस्सा बनने के लिए संपर्क किया था। Bangalore R&D Clinical Trial Death Case Nagesh Veeranna | Syngene: कंपनी ने उन्हें कुछ गोलियां और इंजेक्शन दिए थे। रेवन ने बताया कि उनके भाई को गोलियां और इंजेक्शन लेने के बाद पेट में दर्द की शिकायत होती थी। हालांकि बाद में यह समस्या ठीक हो गई थी। Bangalore R&D Clinical Trial Death Case Nagesh Veeranna | Syngene: वह नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच के लिए कंपनी जाता था। इसी तरह 21 जनवरी को भी वह जांच के लिए गया था। वापस आने के बाद उसने खाना खाया और सो गया। Bangalore R&D Clinical Trial Death Case Nagesh Veeranna | Syngene: सुबह जब वह नहीं उठा तो हमने कंपनी के डॉक्टर से संपर्क किया। उन्होंने नागेश को उसी अस्पताल में ले जाने को कहा जहां उसका पहले इलाज हुआ था। वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने नागेश को मृत घोषित कर दिया। Read More- Landmines, Tanks, Ruins: The Afghanista Taliban Left Behind in 2001 29 IAS-IPS

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन