Logo
Breaking News Exclusive
Devbhog अस्पताल ने बचाई जिंदगियां, Normal Delivery से लेकर High-Risk Case तक अखिलेश ने कहा- झुकती है सरकार, झुकाने वाला चाहिए; सत्तापक्ष-विपक्ष का हुआ आमना-सामना लोग रोकते रहे, लेकिन नहीं माना, उफनते नाले में उतरा; कुछ सेकेंड में निगल गई बाढ़ इसमें एक 11 साल का बच्चा भी, खेतों में धान रोपाई कर रहे लोग चपेट में आए, 4 से ज्यादा घायल 9 लोग घायल, तेज रफ्तार कार का टायर फटने से हादसा, लहराते हुए खेत में गिरी बीच सड़क पर हैवानियत, सिर से बहने लगा खून तो बेहोश हुई, 1 साल से अलग रह रही थी महिला सोमवार सुबह मिला शव, किनारे से 10 मीटर पहले फंसा पैर, बचाने के लिए दोस्त ने पकड़ा हाथ, फिर छूटा साथ किचन में खाना बनाते समय कुल्हाड़ी से काटा, दूसरी पत्नी के साथ अलग रहता था आरोपी पति NEET पेपर लीक पर 36 दिन से डटे है प्रदर्शनकारी; जंतर-मंतर पर पुलिस पर पथराव, लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागे अमरकंटक समेत अनूपपुर के 7 थाना प्रभारी बदले गए, देखें आपके इलाके में कौन बना नया TI Devbhog अस्पताल ने बचाई जिंदगियां, Normal Delivery से लेकर High-Risk Case तक अखिलेश ने कहा- झुकती है सरकार, झुकाने वाला चाहिए; सत्तापक्ष-विपक्ष का हुआ आमना-सामना लोग रोकते रहे, लेकिन नहीं माना, उफनते नाले में उतरा; कुछ सेकेंड में निगल गई बाढ़ इसमें एक 11 साल का बच्चा भी, खेतों में धान रोपाई कर रहे लोग चपेट में आए, 4 से ज्यादा घायल 9 लोग घायल, तेज रफ्तार कार का टायर फटने से हादसा, लहराते हुए खेत में गिरी बीच सड़क पर हैवानियत, सिर से बहने लगा खून तो बेहोश हुई, 1 साल से अलग रह रही थी महिला सोमवार सुबह मिला शव, किनारे से 10 मीटर पहले फंसा पैर, बचाने के लिए दोस्त ने पकड़ा हाथ, फिर छूटा साथ किचन में खाना बनाते समय कुल्हाड़ी से काटा, दूसरी पत्नी के साथ अलग रहता था आरोपी पति NEET पेपर लीक पर 36 दिन से डटे है प्रदर्शनकारी; जंतर-मंतर पर पुलिस पर पथराव, लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागे अमरकंटक समेत अनूपपुर के 7 थाना प्रभारी बदले गए, देखें आपके इलाके में कौन बना नया TI

: R&D Clinical Trial Death Case: दवा कंपनी के क्लिनिकल ट्रायल में 1 की मौत, जानिए कैसे चली गई शख्स की जान ?

Bangalore R&D Clinical Trial Death Case Nagesh Veeranna | Syngene: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में क्लीनिकल ट्रायल में एक व्यक्ति की मौत का मामला सामने आया है। पुलिस ने बताया कि नागेश वीरन्ना (33 वर्ष) एक रिसर्च एंड डेवलपमेंट कंपनी के क्लीनिकल ट्रायल में शामिल थे।

ट्रायल के दौरान दी गई दवाओं के साइड इफेक्ट के कारण उनकी मौत हो गई। पुलिस ने मृतक के भाई की शिकायत पर बीएनएस की धारा 194 (3) के तहत अप्राकृतिक मौत की रिपोर्ट दर्ज की है। रिसर्च कंपनी ने जांच में सहयोग करने की बात कही है। भाई ने कहा- दवा लेने के बाद नागेश के पेट में दर्द होता था मृतक के भाई रेवन सिद्दप्पा ने बताया कि नागेश को दिसंबर 2024 में स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों के बाद एक निजी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था। इसके बाद सिंजेन इंटरनेशनल नाम की एक रिसर्च कंपनी ने उनसे अपने क्लीनिकल ट्रायल का हिस्सा बनने के लिए संपर्क किया था। Bangalore R&D Clinical Trial Death Case Nagesh Veeranna | Syngene: कंपनी ने उन्हें कुछ गोलियां और इंजेक्शन दिए थे। रेवन ने बताया कि उनके भाई को गोलियां और इंजेक्शन लेने के बाद पेट में दर्द की शिकायत होती थी। हालांकि बाद में यह समस्या ठीक हो गई थी। Bangalore R&D Clinical Trial Death Case Nagesh Veeranna | Syngene: वह नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच के लिए कंपनी जाता था। इसी तरह 21 जनवरी को भी वह जांच के लिए गया था। वापस आने के बाद उसने खाना खाया और सो गया। Bangalore R&D Clinical Trial Death Case Nagesh Veeranna | Syngene: सुबह जब वह नहीं उठा तो हमने कंपनी के डॉक्टर से संपर्क किया। उन्होंने नागेश को उसी अस्पताल में ले जाने को कहा जहां उसका पहले इलाज हुआ था। वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने नागेश को मृत घोषित कर दिया। Read More- Landmines, Tanks, Ruins: The Afghanista Taliban Left Behind in 2001 29 IAS-IPS

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन