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: Chhattisgarh: 50 प्रतिशत बिलों में ठेकेदार को मिला काम, बना चर्चा का विषय; जानिए पूरा मामला

News Desk / Thu, Jan 11, 2024


Contractor got work for 50 percent of bills in Balrampur Ramanujganj

कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लोक निर्माण विभाग संभाग रामानुजगंज के द्वारा तातापानी के ग्राउंड का समतलीकरण कार्य एवं तातापानी मेला कैंपस में पहुंच मार्ग का मरम्मत कार्य का निविदा निकाल गया था। इसमें एक कार्य 19 लाख 95 हजार का एवं दूसरा कार्य 20 लाख रुपये का था। 

दोनों कार्यों को करने के लिए ठेकेदार के द्वारा निविदा भरकर 50% बिलों में कार्य को लिया गया। इसके बाद विभाग के द्वारा भी वर्क ऑर्डर जारी किया गया। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि तातापानी महोत्सव का मात्र एक सप्ताह बाकी रहने के कारण इतने बिलों के बावजूद भी ठेकेदार को वर्क ऑर्डर जारी कर दिया गया।

जानकारी के अनुसार, कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग के संभाग रामानुजगंज के द्वारा उप संभाग रामानुजगंज के अंतर्गत तातापानी में ग्राउंड का समतलीकरण कार्य एवं उप संभाग रामानुजगंज अंतर्गत तातापानी मेला कैंपस में पहुंच मार्ग का मरम्मत कार्य 20-20 लख रुपये का निविदा निकल गया। निविदा प्रपत्र क्रय  करने के लिए आवेदन प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि दो जनवरी 2024 रखी गई थी।

वहीं, ठेकेदारों द्वारा प्रस्तुत निविदा प्राप्त करने की अंतिम तिथि चार जनवरी 2024 रखी गई थी। निविदा को आठ जनवरी को खोला गया। निविदा में सबसे कम दर भरने वाले ठेकेदार को 49.99 दर पर निविदा मिला, जो चर्चा का विषय बना है। आखिर में ठेकेदार के द्वारा इतने  बिलों में निविदा कैसे भरा गया।  काम कम कैसे होगा? इस संबंध में लोक निर्माण विभाग के अधिकारि ने कहा कि एक सप्ताह के बाद तातापानी महोत्सव था। ऐसे में कार्य को दोबारा निविदा को आमंत्रित करना संभव नहीं था, जिस कारण निविदा को स्वीकृत करते हुए कार्य आदेश दिया गया।


35 लोगों ने लिया निविदा फार्म
करीब 40 लाख रुपये के कार्य के 35 ठेकेदारों के द्वारा निविदा प्रपत्र लिया गया। वहीं, 18 ठेकेदारों के द्वारा निविदा भर गया। इसमें 50% बिल भरने वाले ठेकेदार को निविदा दिया गया। 

मुंशी ने गलती से 4.99 की जगह 49.99 डाला
निविदा प्राप्त करने वाले श्रवण गुप्ता एंड ब्रदर एस डी वर्ग के ठेकेदार ने लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता को पत्र लिखकर 4.999 के जगह 49.99 निविदा डालना अपने  मुंशी की त्रुटि बताई। ठेकेदार के द्वारा निविदा दर को संज्ञान में लेते हुए उचित दिशा निर्देश प्रदान करने की बात लिखी।


50 परसेंट बिलों पर ठेकेदार को काम मिलना बना चर्चा का विषय
कार्य को लेने के लिए करीब 17 ठेकेदारों के द्वारा निविदा भर गया था, लेकिन 50% बिलों में काम मिलना चर्चा का विषय बना हुआ है कि इतना कम में काम लेने के बाद कार्य कैसे होगा। जिस कार्य को विभाग के द्वारा करीब 40 लाख रुपये का निविदा निकाला गया, वह कार्य 20 लाख रुपये में कार्य कैसे होगा?

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