PM के बर्थडे पर माइनिंग अफसरों का सेवा कांड ? : मंत्री ने शिविर में गिनाईं उपलब्धियां, लौटते वक्त PM आवास हितग्राही का रेत-ट्रैक्टर जब्त कर लिया
गरियाबंद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन को ऐतिहासिक बनाने के लिए जिस सेवा सेतु शिविर में माइनिंग अफसर सेवा देने पहुंचे थे, वहीं से लौटते वक्त PM आवास हितग्राही की रेत और ट्रैक्टर जब्त कर लिया गया। अब हितग्राही ने कलेक्टर के नाम एसडीएम कार्यालय में ज्ञापन देकर कार्रवाई का विरोध किया है। 3 दिन में वाहन और रेत नहीं छोड़ने पर भूख हड़ताल की चेतावनी दी है।
मामला देवभोग नगर पंचायत के वार्ड नंबर 7 का है। PM आवास हितग्राही सनत नागेश का कहना है कि उसका आवास निर्माणाधीन है। इलाके की रेत खदानें बंद हैं और उसे मौखिक रूप से अपने स्तर पर रेत की व्यवस्था करने को कहा गया था। इसी आधार पर वह अपने परिजन के ट्रैक्टर से रेत मंगवा रहा था। इसी दौरान माइनिंग विभाग ने वाहन समेत रेत जब्त कर ली।

सेवा सेतु से लौटते वक्त ट्रैक्टर जब्त
गरियाबंद जिले में राजनीतिक संरक्षण में चलने वाले अवैध रेत खदान और परिवहन का मामला किसी से छिपा नहीं है। इसी बीच माइनिंग विभाग की एक और कार्रवाई चर्चा में है।
7 अक्टूबर को खोखसरा में सेवा सेतु शिविर आयोजित किया गया था। जिला खनिज अधिकारी अर्चना ठाकुर भी शिविर में पहुंची थीं। लौटते वक्त मूंगिया नाला के पास रेत परिवहन करते एक ट्रैक्टर को जब्त कर थाने के सुपुर्द कर दिया गया।
अब इसी कार्रवाई के विरोध में PM आवास हितग्राही सनत नागेश सामने आया है। उसने कलेक्टर के नाम एसडीएम दफ्तर में लिखित ज्ञापन दिया है।

हितग्राही बोला- अपने स्तर पर रेत लाने को कहा था
सनत नागेश ने बताया कि उसके इलाके में रेत की खदानें बंद हैं। उसे मौखिक रूप से बताया गया था कि PM आवास के लिए रेत का इंतजाम वह अपने स्तर पर कर सकता है। आवास निर्माणाधीन होने के कारण उसने अपने परिजन के ट्रैक्टर से रेत मंगवाई थी।
उसका कहना है कि वाहन भी उसकी जवाबदारी में मंगाया गया था। माइनिंग विभाग की कार्रवाई से उसे आर्थिक और मानसिक क्षति हो रही है। उसने कलेक्टर से 3 दिवस के भीतर वाहन रेत समेत छोड़ने की गुहार लगाई है। ऐसा नहीं होने पर एसडीएम दफ्तर के सामने भूख हड़ताल पर बैठने की चेतावनी दी है।
माइनिंग अधिकारी ने पक्ष नहीं दिया
मामले में जिला खनिज अधिकारी अर्चना ठाकुर के मोबाइल पर कॉल और मैसेज कर उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
CEO बोले- ई-पोर्टल से बिना रॉयल्टी रेत मिलेगी
जिला पंचायत CEO प्रखर चंद्राकर ने कहा कि PM आवास हितग्राहियों के लिए ई-पोर्टल बनाया गया है। हितग्राहियों का पंजीयन कराने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि उन्हें बिना रॉयल्टी के रेत उपलब्ध हो जाए। CEO ने कहा कि मामले में संज्ञान लिया जाएगा।

मंत्री ने योजना की उपलब्धियां गिनाईं, लौटते वक्त कार्रवाई
सेवा सेतु शिविर की भरी सभा में प्रभारी मंत्री दयाल दास बघेल ने PM आवास योजना और हितग्राहियों को दी जाने वाली सुविधाओं का हवाला देते हुए राज्य सरकार की उपलब्धियां गिनाई थीं।
इधर, इसी सभा से लौटकर माइनिंग अफसर ने कार्रवाई कर दी। इससे PM आवास हितग्राही के सामने रेत की व्यवस्था को लेकर संकट खड़ा हो गया। एक तरफ शिविर में हितग्राहियों को सुविधा देने की बात हुई, दूसरी तरफ उसी योजना के हितग्राही की निर्माण सामग्री जब्त होने का मामला सामने आ गया।
जिला पंचायत अध्यक्ष बोले- पहले 40 किमी के दायरे में झांकें
जिला पंचायत अध्यक्ष गौरी शंकर ने भी कार्रवाई को गलत ठहराया है। उन्होंने कहा कि PM आवास हितग्राहियों को रेत उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने ई-पोर्टल का प्रावधान किया है। प्रशासन की जिम्मेदारी थी कि हितग्राहियों का पंजीयन कराए।
उन्होंने कहा कि जागरूकता और चेतावनी भी विकल्प था। सीधे कार्रवाई करना उचित नहीं है। माइनिंग विभाग अपने मुख्यालय से 40 किमी की परिधि में झांककर देखे कि कितनी खदानें और रेत से भरी गाड़ियां अवैध रूप से संचालित हैं।
अध्यक्ष ने कहा कि विभाग को उन अवैध खदानों और रेत परिवहन पर कार्रवाई केंद्रित करनी चाहिए। PM आवास हितग्राहियों को परेशान करना जायज नहीं है।
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