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: Korba: NCPL कंपनी के ठेका मजदूरों ने बंद किया काम, बोनस नहीं देने पर भड़के, कहा- तीन साल से नहीं मिला

News Desk / Sat, Oct 22, 2022


कोरबा में नारायणी कंपनी के कर्मचारी प्रदर्शन करते हुए।

कोरबा में नारायणी कंपनी के कर्मचारी प्रदर्शन करते हुए। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

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छत्तीसगढ़ के कोरबा में SECL की कुसमुंडा खदान में काम कर रही नारायणी कंपनी (NCPL) एक बार फिर विवादों में है। रविवार को ठेका कर्मचारी काम बंद कर हड़ताल पर चले गए हैं। दिवाली में बोनस नहीं दिए जाने को लेकर कर्मचारी भड़के हुए हैं। उनका कहना है कि नियम होने के बावजूद उन्हें तीन साल से बोनस नहीं मिला है। वहीं दूसरी ओर हड़ताल के बावजूद अभी तक कंपनी प्रबंधन की ओर से पक्ष नहीं रखा गया है। 

काम बंद कर मजदूर कर रहे हैं प्रदर्शन
जानकारी के मुताबिक, NCPL कंपनी खदान से मिट्टी हटाने के काम में नियोजित है। कंपनी में रविवार को पहली पाली के मजदूरों ने करीब 12 बजे काम बंद कर हड़ताल शुरू कर दी। इस बंद में टिपर, ड्राइवर सहित अन्य ठेका कर्मचारी शामिल हैं। काम बंद कर कर्मचारी बाहर निकल आए। इस दौरान उन्होंने ट्रेलर खड़े कर दिए और मिट्टी हटाने का काम भी बंद कर दिया। बाहर ही मजदूर प्रदर्शन कर रहे हैं। 

बोनस नहीं तो अनिश्चितकालीन हड़ताल
ठेका कर्मचारियों का कहना है कि कंपनी में तीन साल से बोनस नहीं दिया गया है, जबकि नए नियमों के अनुसार सभी ठेका कर्मचारियों को देने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि उन्हें बोनस मिलना चाहिए, नहीं तो अनिश्चितकालीन हड़ताल करने का घोषणा कर रहे हैं। अभी तक नारायणी कंपनी से कोई अधिकारी हड़ताली कर्मचारियों से मिलने नहीं आए हैं। नारायणी फेस पर ओबी का कार्य बंद है, जिससे नुकसान भी हो रहा है। 

और कंपनियां दे रहीं बोनस
नारायणी कंपनी के चालक राजेश कुमार पटेल ने बताया कि कर्मचारियों को बोनस नहीं दिया जा रहा है, जिसके चलते आज उन्हें मजबूरन काम बंद हड़ताल करना पड़ी है। SECL के अंदर कई निजी कंपनी है। वे अपने कर्मचारियों को बोनस देती हैं, लेकिन नारायणी कंपनी की ओर से नहीं दिया जा रहा है। जब तक अधिकारी सामने आकर बात नहीं करेंगे और बोनस को लेकर वार्ता नहीं होगी, तब तक सभी कर्मचारी और वाहनों का परिचालन बंद रखा जाएगा। 
 

विस्तार

छत्तीसगढ़ के कोरबा में SECL की कुसमुंडा खदान में काम कर रही नारायणी कंपनी (NCPL) एक बार फिर विवादों में है। रविवार को ठेका कर्मचारी काम बंद कर हड़ताल पर चले गए हैं। दिवाली में बोनस नहीं दिए जाने को लेकर कर्मचारी भड़के हुए हैं। उनका कहना है कि नियम होने के बावजूद उन्हें तीन साल से बोनस नहीं मिला है। वहीं दूसरी ओर हड़ताल के बावजूद अभी तक कंपनी प्रबंधन की ओर से पक्ष नहीं रखा गया है। 

काम बंद कर मजदूर कर रहे हैं प्रदर्शन
जानकारी के मुताबिक, NCPL कंपनी खदान से मिट्टी हटाने के काम में नियोजित है। कंपनी में रविवार को पहली पाली के मजदूरों ने करीब 12 बजे काम बंद कर हड़ताल शुरू कर दी। इस बंद में टिपर, ड्राइवर सहित अन्य ठेका कर्मचारी शामिल हैं। काम बंद कर कर्मचारी बाहर निकल आए। इस दौरान उन्होंने ट्रेलर खड़े कर दिए और मिट्टी हटाने का काम भी बंद कर दिया। बाहर ही मजदूर प्रदर्शन कर रहे हैं। 

बोनस नहीं तो अनिश्चितकालीन हड़ताल
ठेका कर्मचारियों का कहना है कि कंपनी में तीन साल से बोनस नहीं दिया गया है, जबकि नए नियमों के अनुसार सभी ठेका कर्मचारियों को देने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि उन्हें बोनस मिलना चाहिए, नहीं तो अनिश्चितकालीन हड़ताल करने का घोषणा कर रहे हैं। अभी तक नारायणी कंपनी से कोई अधिकारी हड़ताली कर्मचारियों से मिलने नहीं आए हैं। नारायणी फेस पर ओबी का कार्य बंद है, जिससे नुकसान भी हो रहा है। 

और कंपनियां दे रहीं बोनस
नारायणी कंपनी के चालक राजेश कुमार पटेल ने बताया कि कर्मचारियों को बोनस नहीं दिया जा रहा है, जिसके चलते आज उन्हें मजबूरन काम बंद हड़ताल करना पड़ी है। SECL के अंदर कई निजी कंपनी है। वे अपने कर्मचारियों को बोनस देती हैं, लेकिन नारायणी कंपनी की ओर से नहीं दिया जा रहा है। जब तक अधिकारी सामने आकर बात नहीं करेंगे और बोनस को लेकर वार्ता नहीं होगी, तब तक सभी कर्मचारी और वाहनों का परिचालन बंद रखा जाएगा। 

 

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