3 साल की उम्र में गानों के बिना खाना नहीं खाते थे यथार्थ : MP के NCC कैंप में सोलो सिंगिंग में पहला स्थान, 17+ वाद्य यंत्रों के उस्ताद; पढ़िए देवभोग के बेटे की कहानी ?
गरियाबंद/देवभोग। जिस उम्र में बच्चे खिलौनों से खेलना सीखते हैं, उस उम्र में देवभोग के यथार्थ पात्र की दोस्ती संगीत से हो गई थी। महज 3 साल की उम्र में उन्हें खाना खिलाने के लिए लैपटॉप पर गाने चलाने पड़ते थे। धीरे-धीरे यही बचपन का शौक जुनून में बदला और यथार्थ ने गायन के साथ वाद्य यंत्रों को भी अपना साथी बना लिया। आज वे 17 से ज्यादा वाद्य यंत्र बजाने में पारंगत हैं। अपने स्कूल की वार्षिक प्रस्तुति में ऑर्केस्ट्रा ग्रुप को लीड भी करते हैं।
इसी संगीत साधना का नतीजा अब मध्यप्रदेश के छतरपुर में देखने को मिला, जहां 27 जुलाई से 7 अगस्त तक आयोजित 10 दिवसीय NCC कैंप में मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के 700 से अधिक कैडेट्स ने हिस्सा लिया। ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ कार्यक्रम के तहत आयोजित इस शिविर की सोलो सिंगिंग प्रतियोगिता में बेमेतरा स्थित एकेडमिक वर्ल्ड स्कूल के एयर विंग कैडेट यथार्थ पात्र ने अपनी गायकी से पहला स्थान हासिल किया। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने देवभोग और गरियाबंद जिले का नाम मध्यप्रदेश के मंच पर रोशन किया।

3 साल की उम्र से संगीत से जुड़ गया रिश्ता
यथार्थ के लिए संगीत कोई अचानक मिली उपलब्धि नहीं है। बचपन से ही उन्हें गाने सुनने और संगीत से खास लगाव रहा है।
परिवार के मुताबिक, जब यथार्थ सिर्फ 3 साल के थे, तब वे बिना लैपटॉप पर गाना देखे खाना तक नहीं खाते थे। धीरे-धीरे गानों को सुनने के साथ उनकी दिलचस्पी सुर और वाद्य यंत्रों की तरफ बढ़ती गई। बचपन के इसी शौक ने आगे चलकर उन्हें संगीत की गंभीर साधना की ओर बढ़ाया।

17 से ज्यादा वाद्य यंत्रों में महारत
यथार्थ सिर्फ गायन तक सीमित नहीं हैं। वे 17 से अधिक वाद्य यंत्र बजाने में पारंगत हैं। इनमें हारमोनियम, तबला, गिटार, बैंजो समेत कई अन्य वाद्य यंत्र शामिल हैं।
एकेडमी में रहते हुए उन्होंने खैरागढ़ से वाद्य कला की डिग्री भी हासिल की है। संगीत के अलग-अलग रूपों की समझ और वाद्य यंत्रों पर पकड़ उनकी गायकी को भी अलग पहचान देती है।
स्कूल के ऑर्केस्ट्रा ग्रुप को भी करते हैं लीड
संगीत में उनकी रुचि सिर्फ व्यक्तिगत अभ्यास तक सीमित नहीं है। अपने एकेडमी के वार्षिक आयोजन में यथार्थ अपने ग्रुप के ऑर्केस्ट्रा को लीड करते हैं।
यानी मंच पर गाने के साथ-साथ अलग-अलग वाद्य यंत्रों के साथ प्रस्तुति को संभालने और पूरी टीम को लीड करने का अनुभव भी उनके पास है।

छतरपुर के NCC कैंप में 700 से ज्यादा कैडेट्स
मध्यप्रदेश के छतरपुर में 27 जुलाई से 7 अगस्त तक 10 दिवसीय NCC कैंप आयोजित किया गया था। ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ कार्यक्रम के तहत हुए इस शिविर में मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के 700 से अधिक कैडेट्स शामिल हुए।
शिविर में NCC कैडेट्स के लिए अलग-अलग प्रतियोगिताएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम और गतिविधियां आयोजित की गईं। इन्हीं प्रतियोगिताओं में सोलो सिंगिंग भी शामिल थी।
सोलो सिंगिंग में यथार्थ ने मारी बाजी
सोलो सिंगिंग प्रतियोगिता में यथार्थ ने अपनी गायकी का प्रदर्शन किया। अलग-अलग जगहों से आए कैडेट्स के बीच प्रतिस्पर्धा के बावजूद उनकी प्रस्तुति ने निर्णायकों को प्रभावित किया और उन्हें प्रथम स्थान हासिल हुआ। इस उपलब्धि ने उनके संगीत के प्रति लंबे समय से चले आ रहे जुनून को एक बड़ी पहचान दी।

छोटे शहर की प्रतिभा ने MP के मंच पर बनाई पहचान
यथार्थ की सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि वे देवभोग जैसे छोटे शहर और ग्रामीण अंचल से निकलकर मध्यप्रदेश के बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं।
छतरपुर में आयोजित NCC शिविर में प्रथम स्थान हासिल करना यह दिखाता है कि प्रतिभा किसी बड़े शहर की मोहताज नहीं होती। सही मंच और अवसर मिलने पर छोटे शहरों के युवा भी अपनी कला का दम दिखा सकते हैं।

वरिष्ठ पत्रकार पुरुषोत्तम पात्र के बेटे हैं यथार्थ
यथार्थ पात्र वरिष्ठ पत्रकार पुरुषोत्तम पात्र के पुत्र हैं। बेटे की इस उपलब्धि के बाद परिवार में खुशी का माहौल है। यथार्थ की सफलता पर परिजनों, शिक्षकों, मित्रों और देवभोग क्षेत्र के लोगों ने उन्हें बधाई दी है। लोगों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए इस उपलब्धि को पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताया।

संगीत के सफर में अभी लंबा रास्ता तय करना है
17 से ज्यादा वाद्य यंत्रों पर पकड़, वाद्य कला की डिग्री, ऑर्केस्ट्रा लीड करने का अनुभव और अब NCC के मंच पर सोलो सिंगिंग में पहला स्थान यथार्थ के संगीत सफर में उपलब्धियों की एक और कड़ी जुड़ गई है।
देवभोग की गलियों से शुरू हुआ संगीत का यह सफर अब मध्यप्रदेश के मंच तक पहुंच चुका है। यथार्थ की कहानी उन युवाओं के लिए भी प्रेरणा है, जो छोटे शहरों में रहकर अपनी प्रतिभा को पहचान दिलाने का सपना देखते हैं।
छतरपुर में आयोजित NCC कैंप में विभिन्न प्रतियोगिताओं में कैडेट्स ने शानदार प्रदर्शन किया। कैडेट चंदन साहू ने NIAP में द्वितीय स्थान, कैडेट यश निर्मलकर ने इंग्लिश एस्से में द्वितीय स्थान, कैडेट शिवानी चौहान ने पेंटिंग प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान और कैडेट यथार्थ पात्र ने सोलो सिंगिंग प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल किया।
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