Logo
Breaking News Exclusive
BJP के पोस्टर हटते ही दिग्गी राजा खुश, शिवराज ने पढ़ाया खेत बचाने का पाठ; मंडल अध्यक्ष ने किया मूड खराब कमरे में टूटा भरोसा, फर्श पर बिखरा लहू, हाथों की हड्डियां तोड़ीं, सिर फोड़ा; पढ़िए कैसे हत्यारा बना बॉयफ्रेंड ? योगी सरकार ने किसे बचाया, किसे बलि का बकरा बनाया, पढ़िए चढ़ावा चोरों की काली करतूत ? कंप्यूटर-ऑपरेटर के पेट-गर्दन में चोटें; आरोपी बोला- मुझे धोखा दे रही थी, देखिए LIVE VIDEO बोला- हिंदू भाइयों को रिहा करो, वरना कत्लेआम होगा; मॉब लिंचिंग केस में सुनाई थी सजा लाश से लिपटकर रोती रही मां; Shriram Finance Company ने बंधक बनाया पहले दुश्मनों से दोस्ती, फिर सुहागा मिलाकर शराब पिलाई, पुलिस के 'माइंड-गेम' ने सच उगलवाया छत्तीसगढ़ से सीमा पार कर घुसा 4 गजराजों का दल; वन विभाग ने कहा- रात में कच्चे मकानों में न सोएं लोग सिर्फ 60 सेकंड के भीतर 7.5 और 7.2 तीव्रता के दो भीषण भूकंप; 1 लाख मौतों की आशंका, देश में लगी नेशनल इमरजेंसी बत्ती गुल हुई तो सीढ़ियों के पास कुंडली मारकर बैठ गया काल; छेद में छिपने पर ऐसे पकड़ाया BJP के पोस्टर हटते ही दिग्गी राजा खुश, शिवराज ने पढ़ाया खेत बचाने का पाठ; मंडल अध्यक्ष ने किया मूड खराब कमरे में टूटा भरोसा, फर्श पर बिखरा लहू, हाथों की हड्डियां तोड़ीं, सिर फोड़ा; पढ़िए कैसे हत्यारा बना बॉयफ्रेंड ? योगी सरकार ने किसे बचाया, किसे बलि का बकरा बनाया, पढ़िए चढ़ावा चोरों की काली करतूत ? कंप्यूटर-ऑपरेटर के पेट-गर्दन में चोटें; आरोपी बोला- मुझे धोखा दे रही थी, देखिए LIVE VIDEO बोला- हिंदू भाइयों को रिहा करो, वरना कत्लेआम होगा; मॉब लिंचिंग केस में सुनाई थी सजा लाश से लिपटकर रोती रही मां; Shriram Finance Company ने बंधक बनाया पहले दुश्मनों से दोस्ती, फिर सुहागा मिलाकर शराब पिलाई, पुलिस के 'माइंड-गेम' ने सच उगलवाया छत्तीसगढ़ से सीमा पार कर घुसा 4 गजराजों का दल; वन विभाग ने कहा- रात में कच्चे मकानों में न सोएं लोग सिर्फ 60 सेकंड के भीतर 7.5 और 7.2 तीव्रता के दो भीषण भूकंप; 1 लाख मौतों की आशंका, देश में लगी नेशनल इमरजेंसी बत्ती गुल हुई तो सीढ़ियों के पास कुंडली मारकर बैठ गया काल; छेद में छिपने पर ऐसे पकड़ाया

: Chhattisgarh: मिनी शिमला कवर्धा की चिल्फी घाटी में ठंड ने दी दस्तक, जमने लगी ओस की बूंदे

News Desk / Thu, Dec 22, 2022


ओस की बूंदे जमी

ओस की बूंदे जमी - फोटो : अमर उजाला

ख़बर सुनें

छत्तीसगढ़ के शिमला कहे जाने वाले चिल्फी घाटी में गुलाबी ठंड ने दस्तक दे दी है। इस क्षेत्र में हर साल कड़ाके की ठंड पड़ती है। ठंड के शुरूआती मौसम में चिल्फी घाटी के तापमान में लगातार गिरावट देखी जा रही है। इसके साथ ही सुबह-सुबह ओस की बूंदें घास और पेड़े-पौधों की पत्तियों में जमने लगी है। जो मोतियों की तरह चमकती है।

कवर्धा जिले के चिल्फी घाटी और दूसरे वनांचल क्षेत्रों मे लगातार तापमान में गिरावट हो रही है। जिससे ठंड बढ़ने लगी है। अभी ठंड ने पूरी तरह से अपना यहां असर नहीं दिखाया है। लेकिन मिनी शिमला के नाम से मशहूर कवर्धा में ठंड पड़ने लगी है, हालात ये हैं कि यहां के लोगों ने गर्म कपड़े और अलाव का सहारा लेना शुरू कर दिया है। तामपान सात डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया जा रहा है।

यहां के तापमान की तो अन्य जगहों की अपेक्षा चिल्फी घाटी के तापमान में हमेशा गिरावट रहती है। फिलहाल यहां का औसत तापमान छह से सात डिग्री सेल्सियस गिर चुका है। ठंड के कारण पूरी घाटी कोहरे से ढक जाती है। मानों कि बादलों ने पहाड़ों को अपनी आगोश में ले लिया हो। कोहरे के हटते ही सुंदर घाटी दिखने लगती है। वहीं शाम होते ही गुलाबी ठंड सिहरन पैदा करती है। 

चिल्फी घाटी हमेशा से स्थानीय लोगों के साथ ही साथ बाहरी सैलानियों के आकर्षण का केंद्र बनी रही है। यहां पारा जैसे-जैसे गिरेगा, ठंड वैसे-वैसे बढ़ती जाएगी। यदि आप चिल्फी घाटी की सुंदरता और प्राकृतिक खूबसूरती को निहारना चाहते हैं तो चिल्फी घाटी की सुबह आपके लिए बेहद खास होगी।

विस्तार

छत्तीसगढ़ के शिमला कहे जाने वाले चिल्फी घाटी में गुलाबी ठंड ने दस्तक दे दी है। इस क्षेत्र में हर साल कड़ाके की ठंड पड़ती है। ठंड के शुरूआती मौसम में चिल्फी घाटी के तापमान में लगातार गिरावट देखी जा रही है। इसके साथ ही सुबह-सुबह ओस की बूंदें घास और पेड़े-पौधों की पत्तियों में जमने लगी है। जो मोतियों की तरह चमकती है।

कवर्धा जिले के चिल्फी घाटी और दूसरे वनांचल क्षेत्रों मे लगातार तापमान में गिरावट हो रही है। जिससे ठंड बढ़ने लगी है। अभी ठंड ने पूरी तरह से अपना यहां असर नहीं दिखाया है। लेकिन मिनी शिमला के नाम से मशहूर कवर्धा में ठंड पड़ने लगी है, हालात ये हैं कि यहां के लोगों ने गर्म कपड़े और अलाव का सहारा लेना शुरू कर दिया है। तामपान सात डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया जा रहा है।

यहां के तापमान की तो अन्य जगहों की अपेक्षा चिल्फी घाटी के तापमान में हमेशा गिरावट रहती है। फिलहाल यहां का औसत तापमान छह से सात डिग्री सेल्सियस गिर चुका है। ठंड के कारण पूरी घाटी कोहरे से ढक जाती है। मानों कि बादलों ने पहाड़ों को अपनी आगोश में ले लिया हो। कोहरे के हटते ही सुंदर घाटी दिखने लगती है। वहीं शाम होते ही गुलाबी ठंड सिहरन पैदा करती है। 

चिल्फी घाटी हमेशा से स्थानीय लोगों के साथ ही साथ बाहरी सैलानियों के आकर्षण का केंद्र बनी रही है। यहां पारा जैसे-जैसे गिरेगा, ठंड वैसे-वैसे बढ़ती जाएगी। यदि आप चिल्फी घाटी की सुंदरता और प्राकृतिक खूबसूरती को निहारना चाहते हैं तो चिल्फी घाटी की सुबह आपके लिए बेहद खास होगी।


Source link

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन