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: Chhattisgarh: महिला नक्सली उंगी की मौत, 15 दिन पहले मुठभेड़ में हुई थी घायल, नक्सलियों ने जारी किया पर्चा

News Desk / Tue, Oct 25, 2022


पुलिस मुठभेड़ में मारी गई महिला नक्सली उंगी मंडावी।

पुलिस मुठभेड़ में मारी गई महिला नक्सली उंगी मंडावी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

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छत्तीसगढ़ के कांकेर-नारायणपुर बॉर्डर पर हुई मुठभेड़ में घायल महिला नक्सली उंगी मंडावी की इलाज के दौरान मौत हो गई। उसकी मौत को लेकर नक्सलियों ने पर्चा जारी किया है। इसमें बताया गया है कि 15 अक्तूबर को DRG (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) से देवगांव हुचडी में हुई मुठभेड़ में उंगी मंडावी घायल हो गई थी। उसे नक्सली अपने साथ ले गए थे। अब उसके मारे जाने की खबर को नक्सलियों ने खुद ही सार्वजनिक किया है। हालांकि बताया जा रहा है कि उंगी ने तीन-चार दिन बाद ही दम तोड़ दिया था।

नक्सली बोले-फर्जी मुठभेड़, अंधाधुंध फायरिंग की
नक्सलियों की ओर से जारी किए गए पर्चे में कहा गया है कि बहुराष्ट्रीय कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए राज्य सरकार लाखों लोगों को विस्थापित कर रावघाट खदान खोल रही है। इसके विरोध में चल रहे आदिवासी अभियान को दबाने के लिए फर्जी मुठभेड़ों के जरिए आम जनता की हत्या की जा रही है। 15 अक्तूबर को दोपहर डेढ़ बजे नारायणपुर DRG ने PLGA सदस्यों पर फायरिंग की। इस फायरिंग में उंगी गंभीर रूप से घायल हो गई थी। बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

जनवरी में हुई थी शादी, दो माह पहले पति की मौत हुई
नक्सलियों ने पर्चे में जानकारी दी गई है कि उंगी मंडावी दक्षिण बस्तर डिवीजन के सुकमा जिला कोंटा ब्लॉक के ग्राम जग्गाम की रहने वाली थी। वह साल 2015 में PLGA में शामिल हुई थी। उंगी के नक्सली पति अनिल की भी दो माह पहले 12 अगस्त को मेंढकी नदी पार करते समय मौत हो गई थी। वह नदी में बह गया था। अनिल और उंगी की शादी इसी साल जनवरी में हुई थी। 

यह भी पढ़ें...Chhattisgarh: कांकेर-नारायणपुर बॉर्डर पर मुठभेड़, कई नक्सली घायल; भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद

नक्सलियों के जमावड़े की मिली थी सूचना
पुलिस को 15 अक्तूबर की शाम नारायणपुर-कांकेर बार्डर पर नक्सलियों के जमावड़े की सूचना मिली थी। इसके बाद DRG (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) जवानों को ऑपरेशन के लिए भेजा गया। जवान जैसे ही ग्राम बंडापाल के पास पहुंचे वहां घात लगाए नक्सलियों ने हमला कर दिया। इस पर जवानों की ओर से भी जवाब दिया गया। दोनों ओर से चली फायरिंग में जवानों को भारी पड़ता देख नक्सली अंधेरे और जंगल का फायदा उठाकर भाग निकले। फायरिंग बंद होने के बाद जवानों ने इलाके में सर्चिंग ऑपरेशन चलाया। तलाशी के दौरान कई जगहों पर खून के निशान मिले थे। 
 

विस्तार

छत्तीसगढ़ के कांकेर-नारायणपुर बॉर्डर पर हुई मुठभेड़ में घायल महिला नक्सली उंगी मंडावी की इलाज के दौरान मौत हो गई। उसकी मौत को लेकर नक्सलियों ने पर्चा जारी किया है। इसमें बताया गया है कि 15 अक्तूबर को DRG (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) से देवगांव हुचडी में हुई मुठभेड़ में उंगी मंडावी घायल हो गई थी। उसे नक्सली अपने साथ ले गए थे। अब उसके मारे जाने की खबर को नक्सलियों ने खुद ही सार्वजनिक किया है। हालांकि बताया जा रहा है कि उंगी ने तीन-चार दिन बाद ही दम तोड़ दिया था।

नक्सली बोले-फर्जी मुठभेड़, अंधाधुंध फायरिंग की
नक्सलियों की ओर से जारी किए गए पर्चे में कहा गया है कि बहुराष्ट्रीय कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए राज्य सरकार लाखों लोगों को विस्थापित कर रावघाट खदान खोल रही है। इसके विरोध में चल रहे आदिवासी अभियान को दबाने के लिए फर्जी मुठभेड़ों के जरिए आम जनता की हत्या की जा रही है। 15 अक्तूबर को दोपहर डेढ़ बजे नारायणपुर DRG ने PLGA सदस्यों पर फायरिंग की। इस फायरिंग में उंगी गंभीर रूप से घायल हो गई थी। बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

जनवरी में हुई थी शादी, दो माह पहले पति की मौत हुई
नक्सलियों ने पर्चे में जानकारी दी गई है कि उंगी मंडावी दक्षिण बस्तर डिवीजन के सुकमा जिला कोंटा ब्लॉक के ग्राम जग्गाम की रहने वाली थी। वह साल 2015 में PLGA में शामिल हुई थी। उंगी के नक्सली पति अनिल की भी दो माह पहले 12 अगस्त को मेंढकी नदी पार करते समय मौत हो गई थी। वह नदी में बह गया था। अनिल और उंगी की शादी इसी साल जनवरी में हुई थी। 

यह भी पढ़ें...Chhattisgarh: कांकेर-नारायणपुर बॉर्डर पर मुठभेड़, कई नक्सली घायल; भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद


नक्सलियों के जमावड़े की मिली थी सूचना
पुलिस को 15 अक्तूबर की शाम नारायणपुर-कांकेर बार्डर पर नक्सलियों के जमावड़े की सूचना मिली थी। इसके बाद DRG (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) जवानों को ऑपरेशन के लिए भेजा गया। जवान जैसे ही ग्राम बंडापाल के पास पहुंचे वहां घात लगाए नक्सलियों ने हमला कर दिया। इस पर जवानों की ओर से भी जवाब दिया गया। दोनों ओर से चली फायरिंग में जवानों को भारी पड़ता देख नक्सली अंधेरे और जंगल का फायदा उठाकर भाग निकले। फायरिंग बंद होने के बाद जवानों ने इलाके में सर्चिंग ऑपरेशन चलाया। तलाशी के दौरान कई जगहों पर खून के निशान मिले थे। 
 


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