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: Chhattisgarh ED Raid: CM की उप सचिव सौम्या 10 दिसंबर तक रिमांड पर, IAS विश्नोई सहित चार को भेजा जेल

News Desk / Mon, Dec 5, 2022


सौम्या चौरसिया को कोर्ट लेकर जाती ईडी की टीम।

सौम्या चौरसिया को कोर्ट लेकर जाती ईडी की टीम। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

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प्रवर्तन निदेशालय (ED) के शिकंजे में फंसी राज्य प्रशासनिक सेवा की अफसर और मुख्यमंत्री की उप सचिव सौम्या चौरसिया की मुश्किल कम होती नहीं दिखाई दे रही है। ED के अफसरों की रिमांड बढ़ाने की अर्जी को कोर्ट ने मान लिया है। इसके बाद सौम्या चौरसिया को 10 दिसंबर तक रिमांड बढ़ा दी गई है। सौम्या को ED ने दो दिसंबर को गिरफ्तार किया था। तब 14 दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने सिर्फ चार दिन की ही मंजूर की थी। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED ने सौम्या सहित अन्य आरोपियों को भी कोर्ट में पेश किया। 

कोर्ट के आदेश के बाद सौम्या सहित जेल में बंद IAS समीर विश्नोई, कोयला कारोबारी सूर्यकांत तिवारी, लक्ष्मीकांत और सीए सुनील अग्रवाल को ED ने 6 दिसंबर को कोर्ट में पेश किया है। सुनवाई के बाद कोर्ट ने IAS विश्नोई सहित चारों आरोपियों को 10 दिसंबर तक फिर से जेल भेज दिया है। जबकि सौम्या चौरसिया के मामले में अभी सुनवाई जारी है। इससे पहले सौम्या के वकील ने कोर्ट को बताया था कि ईडी के आरोप पत्र में जमीन खरीदी का ही ज्यादा उल्लेख किया गया है। कोयला स्कैम का कोई उल्लेख नहीं है।
 

यह भी पढ़ें...Chhattisgarh: ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सौम्या चौरसिया को कोर्ट में किया पेश, मिली चार दिन की रिमांड

दरअसल, छत्तीसगढ़ में जारी प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के दौरान 2 दिसंबर को टीम ने मुख्यमंत्री की उप सचिव सौम्या चौरसिया को गिरफ्तार किया था। यह अब तक हुई गिरफ्तारियों में सबसे बड़ी कार्रवाई मानी गई है। ED कोल घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कार्रवाई कर रही है। उसी दिन ED ने सौम्या को कोर्ट में पेश किया था। कोर्ट ने करीब ढाई घंटे चली बहस के बाद मानवाधिकार गाइडलाइन का पालन करते हुए सौम्या की चार दिन की रिमांड मंजूर की थी। 

करीब दो माह से छत्तीसगढ़ में चल रही कार्रवाई
ED की कार्रवाई करीब दो माह से छत्तीसगढ़ में जारी है। यहां टीम ने 11 अक्तूबर को एक साथ प्रदेश के कई अफसरों और कारोबारियों के ठिकानों पर छापा मारा था। प्रारंभिक जांच और पूछताछ के बाद 13 अक्तूबर को छत्तीसगढ़ इंफोटेक प्रमोशन सोसाइटी-चिप्स के तत्कालीन CEO और IAS समीर विश्नोई, कोयला कारोबारी सुनील अग्रवाल और वकील व कारोबारी लक्ष्मीकांत तिवारी को गिरफ्तार किया था। इसके बाद फरार घोषित किए गए व्यापारी सूर्यकांत तिवारी ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। 

विस्तार

प्रवर्तन निदेशालय (ED) के शिकंजे में फंसी राज्य प्रशासनिक सेवा की अफसर और मुख्यमंत्री की उप सचिव सौम्या चौरसिया की मुश्किल कम होती नहीं दिखाई दे रही है। ED के अफसरों की रिमांड बढ़ाने की अर्जी को कोर्ट ने मान लिया है। इसके बाद सौम्या चौरसिया को 10 दिसंबर तक रिमांड बढ़ा दी गई है। सौम्या को ED ने दो दिसंबर को गिरफ्तार किया था। तब 14 दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने सिर्फ चार दिन की ही मंजूर की थी। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED ने सौम्या सहित अन्य आरोपियों को भी कोर्ट में पेश किया। 

कोर्ट के आदेश के बाद सौम्या सहित जेल में बंद IAS समीर विश्नोई, कोयला कारोबारी सूर्यकांत तिवारी, लक्ष्मीकांत और सीए सुनील अग्रवाल को ED ने 6 दिसंबर को कोर्ट में पेश किया है। सुनवाई के बाद कोर्ट ने IAS विश्नोई सहित चारों आरोपियों को 10 दिसंबर तक फिर से जेल भेज दिया है। जबकि सौम्या चौरसिया के मामले में अभी सुनवाई जारी है। इससे पहले सौम्या के वकील ने कोर्ट को बताया था कि ईडी के आरोप पत्र में जमीन खरीदी का ही ज्यादा उल्लेख किया गया है। कोयला स्कैम का कोई उल्लेख नहीं है।


 

यह भी पढ़ें...Chhattisgarh: ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सौम्या चौरसिया को कोर्ट में किया पेश, मिली चार दिन की रिमांड

दरअसल, छत्तीसगढ़ में जारी प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के दौरान 2 दिसंबर को टीम ने मुख्यमंत्री की उप सचिव सौम्या चौरसिया को गिरफ्तार किया था। यह अब तक हुई गिरफ्तारियों में सबसे बड़ी कार्रवाई मानी गई है। ED कोल घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कार्रवाई कर रही है। उसी दिन ED ने सौम्या को कोर्ट में पेश किया था। कोर्ट ने करीब ढाई घंटे चली बहस के बाद मानवाधिकार गाइडलाइन का पालन करते हुए सौम्या की चार दिन की रिमांड मंजूर की थी। 


करीब दो माह से छत्तीसगढ़ में चल रही कार्रवाई
ED की कार्रवाई करीब दो माह से छत्तीसगढ़ में जारी है। यहां टीम ने 11 अक्तूबर को एक साथ प्रदेश के कई अफसरों और कारोबारियों के ठिकानों पर छापा मारा था। प्रारंभिक जांच और पूछताछ के बाद 13 अक्तूबर को छत्तीसगढ़ इंफोटेक प्रमोशन सोसाइटी-चिप्स के तत्कालीन CEO और IAS समीर विश्नोई, कोयला कारोबारी सुनील अग्रवाल और वकील व कारोबारी लक्ष्मीकांत तिवारी को गिरफ्तार किया था। इसके बाद फरार घोषित किए गए व्यापारी सूर्यकांत तिवारी ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। 

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