Logo
Breaking News Exclusive
गरियाबंद में टूटे बिजली तार में करंट से जिंदा जला बाइक सवार, गर्दन तार में फंसी, करंट से उठीं आग की लपटें CM, तोमर-शिवराज के जिले फिसड्डी, 23 के X पर 50 फॉलोअर भी नहीं, जानिए हीरा सिंह श्याम समेत दूसरे नेताओं का हाल ? Lucknow Super Giants ने Bengaluru को 9 रन से हराया; RCB Vs LSG LIVE Score Update रेप पीड़िता का कटर से काटा गला, लड़की के मां की उंगलियां काटी, CCTV फुटेज आया सामने गरियाबंद में कुर्सियां खाली, अफसरों पर भड़के मांझी, इधर, विधायकजी पटवारियों को जूता मारने को तैयार बालोद में युवक का हाथ-सिर धड़ से अलग, छात्रा 10वीं क्लास में पढ़ती थी पत्नी के मायके जाने से था नाराज, दो सालियों की गोली मारकर हत्या; वारदात के बाद थाने में सरेंडर ऋचा शर्मा को पंचायत, तो पिंगुआ को वन विभाग की जिम्मेदारी, देखिए पूरी लिस्ट 4 दिन बाद बर्गी डैम की लहरों ने उगले आखिरी 2 शव, 20 साल पुराना था क्रूज डेढ़ साल के मासूम और 4 महिलाओं की मौत, AC ब्लास्ट की आशंका गरियाबंद में टूटे बिजली तार में करंट से जिंदा जला बाइक सवार, गर्दन तार में फंसी, करंट से उठीं आग की लपटें CM, तोमर-शिवराज के जिले फिसड्डी, 23 के X पर 50 फॉलोअर भी नहीं, जानिए हीरा सिंह श्याम समेत दूसरे नेताओं का हाल ? Lucknow Super Giants ने Bengaluru को 9 रन से हराया; RCB Vs LSG LIVE Score Update रेप पीड़िता का कटर से काटा गला, लड़की के मां की उंगलियां काटी, CCTV फुटेज आया सामने गरियाबंद में कुर्सियां खाली, अफसरों पर भड़के मांझी, इधर, विधायकजी पटवारियों को जूता मारने को तैयार बालोद में युवक का हाथ-सिर धड़ से अलग, छात्रा 10वीं क्लास में पढ़ती थी पत्नी के मायके जाने से था नाराज, दो सालियों की गोली मारकर हत्या; वारदात के बाद थाने में सरेंडर ऋचा शर्मा को पंचायत, तो पिंगुआ को वन विभाग की जिम्मेदारी, देखिए पूरी लिस्ट 4 दिन बाद बर्गी डैम की लहरों ने उगले आखिरी 2 शव, 20 साल पुराना था क्रूज डेढ़ साल के मासूम और 4 महिलाओं की मौत, AC ब्लास्ट की आशंका

: Rajnandgaon: बिजली बिल पर भड़की BJP, विद्युत विभाग का दफ्तर घेरा, पुलिस से भिड़े बैरिकेड्स पर चढ़े कार्यकर्ता

News Desk / Sun, Nov 20, 2022


राजनांदगांव में भाजपा कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास करती पुलिस।

राजनांदगांव में भाजपा कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास करती पुलिस। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

ख़बर सुनें

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में सोमवार को बिजली बिल को लेकर भाजपाइयों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी (CSPDCL) के दफ्तर पर एकत्र हो गए और प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए लगाए गए बैरिकेड्स पर कार्यकर्ता चढ़ गए और जमकर हंगामा किया। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। भाजपा नेताओं ने सुरक्षा निधि में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। 

बिजली बिल से जुड़ी सुरक्षा निधि में गड़बड़ी का आरोप लगाकर भाजपा ने सोमवार को प्रदर्शन का ऐलान किया था। इसे लेकर कार्यकर्ता कैलाश नगर मठपारा स्थित CSPDCL के दफ्तर के बाहर एकत्र हो गए। उनके प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम कर रखे थे। कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए दफ्तर के बाहर बैरिकेडिंग भी की गई थी। नारेबाजी के साथ चल रहा प्रदर्शन में कुछ देर में ही हंगामा हो गया। कार्यकर्ता बैरिकेड तोड़ते हुए आगे बढ़ने का प्रयास करने लगे। 

कई कार्यकर्ता बैरिकेड्स पर चढ़ गए और दफ्तर में घुसने का प्रयास करने लगे। इस दौरान पुलिस के जवानों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो जमकर धक्का-मुक्की हुई। काफी देर तक हंगामा चलता रहा। इसके बाद कार्यकर्ता शांत हो गए। इसके बाद भाजपा के एक प्रतिनिधि मंडल को अफसरों के पास वार्ता के लिए भेजा गया। भाजपा नेताओं ने एक मांग पत्र भी अफसरों को सौंपा है। इसमें सुरक्षा निधि को ठीक करने और उपभोक्ताओं के बिल कम करने की मांग की गई है। 

भाजपा जिला अध्यक्ष रमेश पटेल ने कहा कि सुरक्षा निधि के साथ अधिक बिजली बिल भुगतान लिए जाने के चलते प्रदर्शन किया गया है। इसे लेकर एक पत्र भी विद्युत विभाग के अधिकारियों को सौंपा गया है। उन्होंने बताया कि पत्र में बिना सुरक्षा निधि के बिजली बिल लेने की मांग की गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इसे वापस नहीं लिया गया तो भाजपा उग्र आंदोलन करेगी। वहीं यह भी कहा कि बिल ठीक नहीं होने तक उपभोक्ता भुगतान नहीं करेंगे। 

दूसरी ओर कार्यपालन अभियंत आलोक कुमार दुबे का कहना है कि विद्युत कनेक्शन लेने पर सुरक्षा निधि के रूप में एक निर्धारित राशि जमा की जाती है। अगर उपभोक्ता की ओर से पूरे साल में ज्यादा बिजली खपत की जाती है तो औसत रूप से नियामक रूप के निर्देशानुसार, अतिरिक्त सुरक्षा निधि राशि बिल में जोड़ दी जाती है। यह उपभोक्ता के बिल में जुड़कर दिखेगी। इस सुरक्षा निधि की राशि पर हर साल मार्च-अप्रैल में 4.25 प्रतिशत की दर से ब्याज जोड़ा जाता है। 

विस्तार

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में सोमवार को बिजली बिल को लेकर भाजपाइयों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी (CSPDCL) के दफ्तर पर एकत्र हो गए और प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए लगाए गए बैरिकेड्स पर कार्यकर्ता चढ़ गए और जमकर हंगामा किया। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। भाजपा नेताओं ने सुरक्षा निधि में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। 

बिजली बिल से जुड़ी सुरक्षा निधि में गड़बड़ी का आरोप लगाकर भाजपा ने सोमवार को प्रदर्शन का ऐलान किया था। इसे लेकर कार्यकर्ता कैलाश नगर मठपारा स्थित CSPDCL के दफ्तर के बाहर एकत्र हो गए। उनके प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम कर रखे थे। कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए दफ्तर के बाहर बैरिकेडिंग भी की गई थी। नारेबाजी के साथ चल रहा प्रदर्शन में कुछ देर में ही हंगामा हो गया। कार्यकर्ता बैरिकेड तोड़ते हुए आगे बढ़ने का प्रयास करने लगे। 

कई कार्यकर्ता बैरिकेड्स पर चढ़ गए और दफ्तर में घुसने का प्रयास करने लगे। इस दौरान पुलिस के जवानों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो जमकर धक्का-मुक्की हुई। काफी देर तक हंगामा चलता रहा। इसके बाद कार्यकर्ता शांत हो गए। इसके बाद भाजपा के एक प्रतिनिधि मंडल को अफसरों के पास वार्ता के लिए भेजा गया। भाजपा नेताओं ने एक मांग पत्र भी अफसरों को सौंपा है। इसमें सुरक्षा निधि को ठीक करने और उपभोक्ताओं के बिल कम करने की मांग की गई है। 

भाजपा जिला अध्यक्ष रमेश पटेल ने कहा कि सुरक्षा निधि के साथ अधिक बिजली बिल भुगतान लिए जाने के चलते प्रदर्शन किया गया है। इसे लेकर एक पत्र भी विद्युत विभाग के अधिकारियों को सौंपा गया है। उन्होंने बताया कि पत्र में बिना सुरक्षा निधि के बिजली बिल लेने की मांग की गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इसे वापस नहीं लिया गया तो भाजपा उग्र आंदोलन करेगी। वहीं यह भी कहा कि बिल ठीक नहीं होने तक उपभोक्ता भुगतान नहीं करेंगे। 


दूसरी ओर कार्यपालन अभियंत आलोक कुमार दुबे का कहना है कि विद्युत कनेक्शन लेने पर सुरक्षा निधि के रूप में एक निर्धारित राशि जमा की जाती है। अगर उपभोक्ता की ओर से पूरे साल में ज्यादा बिजली खपत की जाती है तो औसत रूप से नियामक रूप के निर्देशानुसार, अतिरिक्त सुरक्षा निधि राशि बिल में जोड़ दी जाती है। यह उपभोक्ता के बिल में जुड़कर दिखेगी। इस सुरक्षा निधि की राशि पर हर साल मार्च-अप्रैल में 4.25 प्रतिशत की दर से ब्याज जोड़ा जाता है। 


Source link

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन