गरियाबंद में भतीजों ने चाचा-चाची को मारकर गाड़ा : डंडे से पीट-पीटकर मार डाला, शव बोरे में भरकर श्मशान में दफनाया, गांव में दूसरी मौत से ऐसा खुला राज, जानिए वजह
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में दोहरा हत्याकांड का मामला सामने आया है। भतीजों ने अपने चाचा-चाची को डंडे से पीट-पीट कर मार डाला। हत्या के बाद उनके शवों को बोरों में भरकर गांव के श्मशान घाट में दफना दिया। करीब 5 दिन बाद एक ग्रामीण की मौत हुई, तो उसे दफनाने ले गए।
इसी दौरान सबकी नजर ढके गए ताजा कब्र पर पड़ी। तब उन्हें गांव से पति-पत्नी से लापता होने की जानकारी हुई। इसी बीच एक आरोपी ने सरपंच को पूरी सच्चाई बता दी। उसने कहा कि, आए दिन किसी न किसी बात को लेकर विवाद होता था। उनसे परिवार में किसी का जम नहीं रहा था।
इसलिए हत्या कर दी। पुलिस ने कब्र खोदकर शवों को बाहर निकाला और फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। इस मामले में 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इसमें एक मृतक का भाई भी है। मामला शोभा थाना क्षेत्र के राजापड़ाव के गरीबा गांव की है।
तस्वीरें देखिए…

पुलिस ने कब्र खोदकर शवों को बाहर निकलवाया।

पुलिस ने शवों को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है।

हत्या के बाद शवों को बोरों में भर दिया गया था।
जानिए क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, गरीबा गांव निवासी राजाराम नेताम (45) और आशो बाई नेताम (40) पति-पत्नी थे। शादी के बाद उनके बच्चे नहीं थे। लेकिन वो 7 भाई है। पूरा परिवार एक जगह पर रहता है। राजाराम नेताम से उनके भाईयों का नहीं जमता था। आए दिन किसी न किसी बात को लेकर विवाद होता था।
इसलिए भाई लखीराम नेताम, भजीते रघुराम नेताम और नकुल राम नेताम ने 6 जून को अपने चाचा-चाची की डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी। इसके बाद रात में ही सबूत मिटाने की नीयत से दोनों शवों को बोरे में भरकर चुपचाप श्मशान घाट में दफना दिया। जिससे किसी को घटना की जानकारी न मिल सके।
श्मशान घाट नए कब्र मिलने से लगा संदिग्ध
इस मामले का खुलासा तब हुआ जब 11 जून को गांव के एक व्यक्ति की मौत हो गई। ग्रामीण अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट पहुंचे। वहां उन्होंने ताजा दफनाए गए शवों के निशान देखे। ग्रामीणों को यह संदिग्ध लगा क्योंकि गांव में हाल के दिनों में किसी मौत नहीं हुई थी।
ग्रामीणों को कुछ दिनों से लापता राजाराम नेताम और उनकी पत्नी आशो बाई नेताम की याद आई। इसी दौरान आरोपियों में से एक भतीजे ने सरपंच को सच्चाई बता दी। जिसके बाद पुलिस को सूचना देकर मौके पर बुलाया गया।
कब्र खोदकर निकाले गए शव
शिकायत मिलने के बाद शोभा थाना प्रभारी पवन वर्मा अपनी टीम के साथ गरीबा गांव पहुंचे। वहां श्मशान घाट में दफन किए गए शवों को खुदवाकर बाहर निकाला गया। जांच के दौरान पुष्टि हुई कि बरामद शव राजाराम नेताम और उनकी पत्नी आशो बाई नेताम के ही हैं।

3 आरोपी गिरफ्तार
इस मामले में थाना प्रभारी पवन वर्मा ने बताया कि, हत्या में शामिल तीनों आरोपियों लखीराम नेताम, रघुराम नेताम और नकुल राम नेताम (उम्र 32 से 36 साल के बीच) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर हत्या के कारणों और पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
फॉरेंसिक लैब रायपुर भेजे गए शव के अवशेष
फिलहाल दोनों शवों का पंचनामा बनाकर शोभा थाना लाया गया। शवों के अवशेषों को आगे की जांच के लिए फोरेंसिक लैब रायपुर भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद मामले से जुड़े और अहम तथ्य सामने आ सकते हैं। वहीं, इस दोहरे हत्याकांड से ग्रामीणों में घटना को लेकर भारी आक्रोश है।
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