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: Chhattisgarh: गुंडा कहने पर भड़के बजरंग दल कार्यकर्ता, फूंका मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का पुतला

News Desk / Mon, Dec 19, 2022


बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने फूंका मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का पुतला।

बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने फूंका मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का पुतला। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

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भगवा को लेकर छत्तीसगढ़ की सियासत भी गरमाती जा रही है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बजरंगी गुंडे बयान पर हंगामा जारी है। इससे भड़के बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को मुख्यमंत्री बघेल का पुतला फूंका। इस दौरान उनकी पुलिसकर्मियों से भी जमकर छीना-झपटी हुई। कार्यकर्ताओं ने कहा कि, मुख्यमंत्री को बजरंग दल के बारे में जानकारी ही नहीं है। साथ ही बयान वापस नहीं लेने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी। 

यह भी पढ़ें...Chhattisgarh: 'बेशर्म रंग' विवाद पर CM भूपेश बोले- भगवा रंग त्याग का प्रतीक, बजरंगी गुंडे इसे पहन वसूली कर रहे

दरअसल, बजरंग दल कार्यकर्ता शाम को मनेंद्रगढ़ के गांधी चौक पर एकत्र हो गए और जमकर नारेबाजी करने लगे। इसके बाद मुख्यमंत्री बघेल का पुतला फूंकने के लिए निकल पड़े। इस दौरान वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने पुतला छीनने का प्रयास किया। इसमें दोनों ओर से जमकर छीना-झपटी हुई। हालांकि अंत में कार्यकर्ता मुख्यमंत्री का पुतला फूंकने में कामयाब रहे। बाद में किसी तरह पानी डालकर पुलिसकर्मियों ने आग बुझाई। 

बजरंग दल कार्यकर्ताओं का कहना था कि, प्रदेश के मुख्यमंत्री भगवा रंग और बजरंग दल के बारे में कुछ भी कहने से नहीं चूकते, लेकिन पूरे छत्तीसगढ़ में चल रहे धर्मांतरण के खेल पर बोलने से पता नहीं क्यों डरते हैं। बजरंग दल ने लव जिहाद रोका, धर्मांतरण रोका है। बजरंग दल हिंदू हित के लिए काम करता है। उसका नाम कभी भी उगाही में नहीं आया है। धर्म के खिलाफ जो भी काम होता है, उसे रोकने के लिए तत्पर रहते हैं। 

मुख्यमंत्री ने बताया था भगवाधारी गुंडा
मुख्यमंत्री बघेल ने एक दिन पहले एक कार्यक्रम में कहा था कि, कपड़ा पहनना अलग बात है और उसे धारण करना अलग है। धारण कौन करता है, अंगीकार कौन करता है। जब साधु-संत समाज, घर परिवार को त्याग देता है तब भगवा रंग या गेरुआ स्वीकार करता है। भगवा रंग ज्वाला या अग्नि का प्रतीक है। ये बजरंगी गुंडे भगवा रंग का गमछा पहन कर निकल रहे हैं। ये तो वसूली करने के लिए निकले हैं।

विस्तार

भगवा को लेकर छत्तीसगढ़ की सियासत भी गरमाती जा रही है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बजरंगी गुंडे बयान पर हंगामा जारी है। इससे भड़के बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को मुख्यमंत्री बघेल का पुतला फूंका। इस दौरान उनकी पुलिसकर्मियों से भी जमकर छीना-झपटी हुई। कार्यकर्ताओं ने कहा कि, मुख्यमंत्री को बजरंग दल के बारे में जानकारी ही नहीं है। साथ ही बयान वापस नहीं लेने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी। 

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दरअसल, बजरंग दल कार्यकर्ता शाम को मनेंद्रगढ़ के गांधी चौक पर एकत्र हो गए और जमकर नारेबाजी करने लगे। इसके बाद मुख्यमंत्री बघेल का पुतला फूंकने के लिए निकल पड़े। इस दौरान वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने पुतला छीनने का प्रयास किया। इसमें दोनों ओर से जमकर छीना-झपटी हुई। हालांकि अंत में कार्यकर्ता मुख्यमंत्री का पुतला फूंकने में कामयाब रहे। बाद में किसी तरह पानी डालकर पुलिसकर्मियों ने आग बुझाई। 

बजरंग दल कार्यकर्ताओं का कहना था कि, प्रदेश के मुख्यमंत्री भगवा रंग और बजरंग दल के बारे में कुछ भी कहने से नहीं चूकते, लेकिन पूरे छत्तीसगढ़ में चल रहे धर्मांतरण के खेल पर बोलने से पता नहीं क्यों डरते हैं। बजरंग दल ने लव जिहाद रोका, धर्मांतरण रोका है। बजरंग दल हिंदू हित के लिए काम करता है। उसका नाम कभी भी उगाही में नहीं आया है। धर्म के खिलाफ जो भी काम होता है, उसे रोकने के लिए तत्पर रहते हैं। 


मुख्यमंत्री ने बताया था भगवाधारी गुंडा
मुख्यमंत्री बघेल ने एक दिन पहले एक कार्यक्रम में कहा था कि, कपड़ा पहनना अलग बात है और उसे धारण करना अलग है। धारण कौन करता है, अंगीकार कौन करता है। जब साधु-संत समाज, घर परिवार को त्याग देता है तब भगवा रंग या गेरुआ स्वीकार करता है। भगवा रंग ज्वाला या अग्नि का प्रतीक है। ये बजरंगी गुंडे भगवा रंग का गमछा पहन कर निकल रहे हैं। ये तो वसूली करने के लिए निकले हैं।

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