अक्टूबर में, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सीडब्ल्यूसी के स्थान पर 47 सदस्यीय संचालन समिति का गठन किया था, जिसमें उनके पूर्ववर्ती सोनिया गांधी, राहुल गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह शामिल थे। उनके कार्यभार संभालने से पहले, कांग्रेस कार्यसमिति के सभी सदस्यों, पार्टी के सर्वोच्च निर्णय लेने वाले प्राधिकरण, एआईसीसी महासचिवों और प्रभारियों ने अपना इस्तीफा दे दिया था।
खरगे के अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार पूर्ण अधिवेशन
मल्लिकार्जुन खरगे के पार्टी अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार पूर्ण अधिवेशन हो रहा है। इसमें उनके निर्वाचन पर औपचारिक रूप से मुहर लगेगी तथा नयी कार्य समिति के गठन की शुरुआत होगी। कांग्रेस का पिछला पूर्ण अधिवेशन 2018 में दिल्ली में हुआ था।
इसे भी पढ़ें-
2023 में होंगे राज्य में चुनाव
छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव 2023 में होंगे। कांग्रेस के छत्तीसगढ़ में होने वाले अधिवेशन में मध्यप्रदेश में भी फोकस किया जाएगा क्योंकि इसी साल यहां भी चुनाव होने हैं। बता दें कि आदिवासी वोटर्स को साधने के लिए छत्तीसगढ़ में कांग्रेस आरक्षण विधेयक लेकर आई है। बता दें कि सीएम भूपेश बघेल मे अधिवेशन के छत्तीसगढ़ में होने पर खुशी जताई थी। बता दें कि छत्तीसगढ़ में पहली बार कांग्रेस का महाअधिवेशन आयोजित किया जा रहा है।