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: वन, टू, थ्री... 20 साल बाद नक्सलियों के गढ़ में शेडनुमा स्कूल में शुरू हुई पढ़ाई, दिखा उत्सव का माहौल

News Desk / Wed, Dec 14, 2022

क, ख, ग... 20 साल बाद जब यह आवाज गूंजी... शेड में बने स्कूल के पास ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। 20 साल पहले बीजापुर के मनकेली गांव में नक्सलियों ने सरकारी स्कूल को ध्वस्त कर दिया था। इससे बच्चों की पढ़ाई-लिखाई बंद हो गई थी। आदिवासी इलाका होने की वजह से बच्चे बाहर पढ़ने नहीं जा पाते थे। नक्सलियों के चंगुल से अब इलाका मुक्त हुआ तो शिक्षा विभाग ने फिर से पहले शुरू की है। अब टीन के शेड में स्कूल का निर्माण करवाया गया है। सौ की संख्या में बच्चे पहले ही दिन पढ़ाई के लिए पहुंचे तो नजारा देखने में बहुत खूबसूरत था। नक्सलियों के गढ़ में फिर से स्कूल की शुरुआत बदलाव की कहानी कह रही है।

गांव के स्कूल में सुनाई दी घंटी की आवाज

  गांव के स्कूल में सुनाई दी घंटी की आवाज... 20 साल पहले नक्सलियों ने किया था ध्वस्त

नक्सलियों ने बंद करवा दिया था स्कूल

दरअसल, छत्तीसगढ़ का बीजापुर जिला घोर नक्सल प्रभावित है। जिला मुख्यालय से 11 किमी की दूरी पर मनकेली गांव स्थित है। एक समय में यहां नक्सलियों की तूती बोलती थी। स्कूलों को सलवा जुड़ूम के दौर में माओवादियों ने बंद करवाया था। नक्सलियों का आतंक खत्म हुआ तो सरकार और शिक्षा विभाग स्कूल को फिर से शुरू करने की कवायद की थी। शिक्षा विभाग की मेहनत रंग लाई है और स्कूल में कक्षाएं लगने लगी है।

पूजा-अर्चना के साथ स्कूल की शुरुआत

वहीं, गांव में स्कूल की शुरुआत पूजा अर्चना के साथ हुई है। पहले दिन ड्रेस में बच्चे वहां पर दिखे। बच्चों में भी स्कूल जाने के लेकर काफी उत्साह था। स्कूल न होने की वजह से दो दशक से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। 20 वर्षों बाद गांव के लोगों को स्कूल की सौगात मिली तो उनकी खुशी का कोई ठिकाना नहीं था। बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक यहां पूजा-पाठ में पहुंचे थे।

कई गांवों में स्कूल को कर दिया है ध्वस्त

दरअसल, बीजापुर के मनकेली के अलावा कई ऐसे गांव हैं, जहां स्कूलों का अभाव है। इसकी वजह से यहां के बच्चे दूर जाकर शिक्षा ग्रहण करते हैं। इसके साथ ही जिला मुख्यालय के आश्रम छात्रावास में भी रहकर बच्चे पढ़ाई करते हैं। फिलहाल शिक्षा विभाग की इस पहल से मनकेली गांव में शेड लगाकर स्कूल की शुरुआत हो गई। इस शेडनुमा स्कूल में 100 बच्चे अभी पढ़ाई कर सकेंगे।

भवन का भी होगा निर्माण

अभी स्कूल की शुरुआत शेडनुमा जगह पर हुई है। शिक्षा विभाग के लोगों ने ग्रामीणों को भरोसा दिया है कि जल्द ही यहां स्कूल भवन का निर्माण करवाया जाएगा। स्कूल भवन के निर्माण के बाद बच्चों की संख्या और बढ़ जाएगी। वहीं, अभी से स्कूल आने वाले बच्चों को सरकारी सुविधाओं का लाभ भी मिलेगा।

20 साल बाद जगी है नई उम्मीद

20-
20 सालों के बाद शिक्षा विभाग की पहल से गांव में नई उम्मीद जगी है। गांव में स्कूल होने के बाद लोगों ने नए सपने देखने शुरू कर दिए हैं। इतना ही नहीं बीजापुर जिले में अब करीब डेढ़ सौ से ज्यादा स्कूलों को खोलने का लक्ष्य प्रशासन ने रखा है। इनमें ज्यादातर ऐसे स्कूल हैं, जिन्हें नक्सलियों ने तोड़ दिया है। प्रशासन के अनुसार अब बीजापुर से नक्सलियों का सफाया हो रहा है। रोहित बर्मन की रिपोर्ट

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