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: छत्तीसगढ़ से क्यों हटाए गए पीएल पूनिया? मिशन 2023 के लिए कांग्रेस ने कुमारी शैलजा को बनाया प्रभारी

News Desk / Mon, Dec 5, 2022


रायपुर: कांग्रेस हाईकमान के नए अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कई राज्यों में संगठनात्मक बदलाव किए हैं। छत्तीसगढ़ में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए हरियाणा कांग्रेस की लीडर कुमारी शैलजा को छत्तीसगढ़ का नया प्रभारी बनाया गया है। कुमारी शैलजा को पीएल पूनिया की जगह प्रभारी बनाया गया है। बता दें कि 2018 के विधानसभा चुनाव से पहले पीएल पूनिया को राज्य का प्रभारी बनाया गया था जिसके बाद कांग्रेस सत्ता में आई थी। लेकिन मिशन 2023 के लिए पूनिया की छुट्टी कर दी गई है। उनकी जगह कुमारी शैलजा को प्रभार दिया गया है।

छत्तीसगढ़ का प्रभारी बनाए जाने पर कुमारी शैलजा ने ट्वीट कर कहा- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की महासचिव और छत्तीसगढ़ कांग्रेस की प्रभारी नियुक्त किए जाने पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, हमारी नेता सोनिया गांधी और जन-जन के प्रिय नेता राहुल गांधी जी का दिल की गहराइयों से आभार व्यक्त करती हूं। पार्टी आलाकमान द्वारा मुझे जो महत्त्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है, उसे पूरी ईमानदारी व मेहनत से निभाऊंगी और पार्टी को मजबूती प्रदान करने के लिए कार्य करती रहूंगी।

क्यों हटाए गए पूनिया?
2018 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस ने 2017 में पीएल पूनिया को राज्य का प्रभारी नियुक्त किया था। 2018 में सत्ता की वापसी में इनकी रणनीति को अहम माना गया था। 2018 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिए पीएल पूनिया ने बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं को तैयार किया था। 2020 में छत्तीसगढ़ में प्रभारी के तौर पर उनका कार्यकाल पूरा हो गया था उसके बाद उन्हें दोबारा राज्य का प्रभारी बनाया गया था। लेकिन अब 2023 के चुनाव को ध्यान में रखते हुए उन्हें हटा दिया गया है। पूनिया को हटाने के पीछे कारण बताया जा रहा है कि उनका कार्यकाल पूरा हो गया था इसलिए उन्हें छत्तीसगढ़ से हटा दिया गया।

कौन हैं कुमारी शैलजा?
कुमारी शैलजा हरियाणा कांग्रेस की सीनियर लीडर हैं। वो केन्द्र सरकार में मंत्री भी रह चुकी हैं। उन्हें खाटी समाज का प्रखर नेता माना जाता है। कुमारी शैलजा ने अपनी राजनीतिक जीवन की शुरुआत 1990 में की थी। वो हरियाणा से 4 बार लोकसभा सांसद रहीं। दो बार वह सिरसा और दो बार अंबाला संसदीय सीट से सांसद रहीं। 2014 में चुनाव हारने के बाद वो राज्यसभा सांसद बनीं थी।
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पिता भी थे दिग्गज कांग्रेसी
कुमारी शैलजा के पिता भी कांग्रेस के सीनियर लीडर थे। उनके पिता चौधरी दलबीर सिंह प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष थे। दलबीर सिंह केन्द्र सरकार में मंत्री भी थे। वह हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष थे।


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