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1600 मेगावाट थर्मल पावर प्लांट पर जनसुनवाई : अनूपपुर में रेल से होगा फ्लाई ऐश ट्रांसपोर्ट, ग्रामीणों ने मांगा रोजगार, स्कूल और अस्पताल
Wed, Jan 7, 2026
शिवम साहू, अनूपपुर
। मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले के रक्सा–कोलमी क्षेत्र (Raksa–Kolmi Area) में प्रस्तावित 1600 मेगावाट अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर प्रोजेक्ट (Ultra Super Critical Thermal Power Project) को लेकर बुधवार को Environmental Public Hearing आयोजित की गई। यह जनसुनवाई New Zone India Private Limited द्वारा प्रस्तावित परियोजना के लिए रखी गई थी, जो Torrent Power Limited की अनुषंगी कंपनी है।
यह Public Hearing on Thermal Power Plant मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, शहडोल (MP Pollution Control Board, Shahdol) के तत्वावधान में संपन्न हुई। जनसुनवाई स्थल पर प्रशासनिक अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रतिनिधि, कंपनी प्रबंधन और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान environment clearance process के तहत ग्रामीणों की भागीदारी को प्राथमिकता दी गई।
जनसुनवाई के दौरान ग्राम रक्सा की सरपंच उमा सिंह ने ग्राम सभा का लिखित प्रस्ताव (Written Resolution) प्रस्तुत किया। इस प्रस्ताव में ग्राम सभा की ओर से प्रस्तावित थर्मल पावर प्रोजेक्ट के पक्ष में पूर्ण समर्थन (Full Support) व्यक्त किया गया। सरपंच ने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र में industrial development, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार का माध्यम बन सकती है।
इसी क्रम में ग्राम कोलमी के सरपंच राजू पनिका ने भी अपनी ग्राम सभा का सर्वसम्मत समर्थन पत्र (Unanimous Consent Letter) प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से क्षेत्र में रोजगार के अवसर सीमित हैं और यह power plant project स्थानीय युवाओं के लिए नई संभावनाएं खोलेगा।
Environmental Public Hearing के दौरान ग्रामीणों द्वारा उठाए गए सुझावों, प्रश्नों और आपत्तियों (Suggestions, Questions and Objections) को अधिकारियों ने गंभीरता से सुना। कुछ ग्रामीणों ने प्रदूषण, जल उपयोग और स्वास्थ्य प्रभाव को लेकर सवाल किए, जबकि अन्य ने स्थानीय विकास से जुड़ी अपेक्षाएं रखीं। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि सभी बिंदुओं को environmental impact assessment (EIA) रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा।
कंपनी प्रबंधन की ओर से स्पष्ट किया गया कि प्रस्तावित परियोजना में अत्याधुनिक वायु प्रदूषण नियंत्रण प्रणाली (Advanced Air Pollution Control System) लगाई जाएगी। इसके तहत Flue Gas Desulphurization (FGD), हाई एफिशिएंसी इलेक्ट्रोस्टैटिक प्रीसिपिटेटर और अन्य आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा, ताकि पर्यावरण पर न्यूनतम प्रभाव पड़े।
इसके साथ ही कंपनी ने Scientific Water Management System लागू करने का आश्वासन दिया। जल के पुनः उपयोग (Water Recycling), न्यूनतम भूजल दोहन और संतुलित जल प्रबंधन को परियोजना की प्राथमिकता बताया गया। Fly Ash Management और अन्य औद्योगिक अपशिष्ट का निपटान पूरी तरह से environment norms के अनुसार किया जाएगा।
फ्लाई ऐश को लेकर कंपनी ने एक अहम जानकारी देते हुए कहा कि इसके परिवहन के लिए रेलवे लाइन (Dedicated Railway Siding) बिछाई जाएगी। फ्लाई ऐश का परिवहन केवल रेल मार्ग से होगा और Road Transport का उपयोग नहीं किया जाएगा, ताकि सड़कों पर धूल, ट्रैफिक और प्रदूषण न बढ़े।
जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने कंपनी प्रबंधन के सामने Employment Generation, School Infrastructure और Hospital Facility की मांग भी रखी। ग्रामीणों का कहना था कि यदि क्षेत्र में उद्योग स्थापित हो रहा है तो आसपास के गांवों को quality education और healthcare facilities मिलनी चाहिए, जिससे स्थानीय लोगों का जीवन स्तर सुधरे।
कंपनी अधिकारियों ने ग्रामीणों की मांगों को Corporate Social Responsibility (CSR) के तहत पूरा करने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि परियोजना के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक विकास से जुड़े कार्यों को भी प्राथमिकता दी जाएगी।