Logo
Breaking News Exclusive
बिहार में 25 से ज्यादा लोग सवार थे; छेद से भरने लगा पानी, 15 साल की चांदनी ने 2 बच्चों को बचाया ड्राइवर सीट के पीछे छिपाकर ले जा रहे थे यूपी-झारखंड के तस्कर, दो आरोपी गिरफ्तार तेरहवीं के भोज में जा रहे थे सभी; एक ही परिवार की 7 बच्चियों ने गंवाई जान, 15 साल की चांदनी ने 2 की जान बचाई ग्राम पंचायत मौहारी में दिखी आस्था की अनूठी मिसाल, जानिए इसके पीछे की वजह ? खटिया के पाए से पीट-पीटकर मारा, शवों को ताले में बंद कर गुजरात भागा, जंगल में छिपने पर पुलिस ने दबोचा व्यापारियों को बनाया निशाना, फर्जी वेबसाइट पर दिखाया था मुनाफा, 14 लाख वापस मिले, आरोपी गिरफ्तार  अजगर के मुंह से निकाला 200 ग्राम का ट्यूमर, अंबिकापुर से 250 KM दूर बिलासपुर लाकर बचाई जान, ड्रिप पर रखा गया CJP Protest से क्यों घबराई Modi सरकार, जंतर-मंतर क्यों नहीं पहुंचने दिया; जानिए एक्सप्लेनर में सीक्रेट कहानी ? युवक ने उतारे कपड़े; महिला ने जड़ा थप्पड़, बोतलें लेकर भागी, SDOP बोले- जल्द होगी गिरफ्तारी स्कूटी से घर लौटते समय तेज रफ्तार वैन ने मारी टक्कर, साथी की हालत गंभीर बिहार में 25 से ज्यादा लोग सवार थे; छेद से भरने लगा पानी, 15 साल की चांदनी ने 2 बच्चों को बचाया ड्राइवर सीट के पीछे छिपाकर ले जा रहे थे यूपी-झारखंड के तस्कर, दो आरोपी गिरफ्तार तेरहवीं के भोज में जा रहे थे सभी; एक ही परिवार की 7 बच्चियों ने गंवाई जान, 15 साल की चांदनी ने 2 की जान बचाई ग्राम पंचायत मौहारी में दिखी आस्था की अनूठी मिसाल, जानिए इसके पीछे की वजह ? खटिया के पाए से पीट-पीटकर मारा, शवों को ताले में बंद कर गुजरात भागा, जंगल में छिपने पर पुलिस ने दबोचा व्यापारियों को बनाया निशाना, फर्जी वेबसाइट पर दिखाया था मुनाफा, 14 लाख वापस मिले, आरोपी गिरफ्तार  अजगर के मुंह से निकाला 200 ग्राम का ट्यूमर, अंबिकापुर से 250 KM दूर बिलासपुर लाकर बचाई जान, ड्रिप पर रखा गया CJP Protest से क्यों घबराई Modi सरकार, जंतर-मंतर क्यों नहीं पहुंचने दिया; जानिए एक्सप्लेनर में सीक्रेट कहानी ? युवक ने उतारे कपड़े; महिला ने जड़ा थप्पड़, बोतलें लेकर भागी, SDOP बोले- जल्द होगी गिरफ्तारी स्कूटी से घर लौटते समय तेज रफ्तार वैन ने मारी टक्कर, साथी की हालत गंभीर

: MP News: भोपाल में दिवाली पर ध्वनि प्रदूषण निर्धारित मानकों से अधिक दर्ज, साइलेंस जोन में दोगुना शोर रिकॉर्ड

News Desk

News Desk / Mon, Oct 24, 2022

MP News: भोपाल में दिवाली पर ध्वनि प्रदूषण निर्धारित मानकों से अधिक दर्ज, साइलेंस जोन में दोगुना शोर रिकॉर्ड

ध्वनि प्रदूषण

ध्वनि प्रदूषण - फोटो : अमर उजाला

ख़बर सुनें

मध्य प्रदेश में भोपाल में पायलट प्रोजेक्ट के तहत ध्वनि प्रदूषण मापने के लिए चार स्टेशन लगाए गए है। ध्वनि प्रदूषण के लिए इंडस्ट्रीयल एरिया, कमर्शियल एरिया, साइलेंस जोन यानी अस्पताल के इलाके और आवासीय क्षेत्र के लिए मानक अलग-अलग होते हैं। मध्य प्रदेश पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के द्वारा शहर में ध्वनि प्रदूषण मापने लगे चार मानक के अनुसार साइलेंस जोन यानी संत हिरदाराम नगर में लगे स्टेशन पर ध्वनि प्रदूषण अधिकतम 98.1 डेसिबल और न्यूनतम 31.3 डेसिबल दर्ज किया गया। जबकि  साइलेंस जोन यानी अस्पताल एरिया के लिए निर्धारित मानक दिन में 50 डेसिबल और रात में 40 डेसिबल है।  
 
आवासीय क्षेत्र में भी शोर ज्यादा
आवासीय क्षेत्र में पर्यावरण परिसर में मॉनीटरिंग स्टेशन लगाया गया है। यहां पर दीपावल की रात अधिकतम शोर 95.5 डेसिबल और न्यूनतम 42.7 डेसिबल दर्ज किया गया। जबकि निर्धारित मानक के अनुसार 55 डेसिबल दिन में और 45 डेसिबल रात में है।
 
कमर्शियल क्षेत्र में भी दोगुना प्रदूषण
शहर में कमर्शियल क्षेत्र में हमीदिया रोड पर मॉनीटरिंग सिस्टम लगा है। यहां पर दिन में 75 डेसिबल और रात में 70 डेसिबल मानक तय है। यहां दीपावली की रात अधिकतम 109.6 डेसिबल और न्यूनतम 38.4 डेसिबल ध्वनि प्रदूषिण दर्ज किया गया।
 
यहां के आकड़ों ने भी डराया
गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र में मॉनीटरिंग सिस्टम में अधिकतम 98.1 डेसिबल और न्यूनतम 31.3 डेसिबल ध्वनि प्रदूषण दर्ज किया गया। जबकि इंडस्ट्रीयल एरिया में दिन में 75 डेसिबल और रात में 70 डेसिबल मानक दर्ज है।    

निर्देशों का हुआ उल्लंघन
राजधानी में प्रशासन ने ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए पटाखे फोड़ने के समय के साथ ही रस्सी बम बेचने और फोड़ने पर प्रतिबंध लगाया था। इसके बावजूद निर्देशों का बाजारों में खुले आम उल्लंघन देखा गया। यहां रस्सी बम खुलेआम बिकते देखे गए। 

शोर बढ़ा रहा परेशानियां 
शोर के कारण परेशानियां बढ़ रही है। जानकारों का कहना है कि इसके कारण सिर्फ कान की बीमारियां ही नहीं हाई ब्लड प्रेशर के साथ मानसिक बीमारियां और चिडचिड़ापन भी बढ़ रहा है।

 

विस्तार

मध्य प्रदेश में भोपाल में पायलट प्रोजेक्ट के तहत ध्वनि प्रदूषण मापने के लिए चार स्टेशन लगाए गए है। ध्वनि प्रदूषण के लिए इंडस्ट्रीयल एरिया, कमर्शियल एरिया, साइलेंस जोन यानी अस्पताल के इलाके और आवासीय क्षेत्र के लिए मानक अलग-अलग होते हैं। मध्य प्रदेश पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के द्वारा शहर में ध्वनि प्रदूषण मापने लगे चार मानक के अनुसार साइलेंस जोन यानी संत हिरदाराम नगर में लगे स्टेशन पर ध्वनि प्रदूषण अधिकतम 98.1 डेसिबल और न्यूनतम 31.3 डेसिबल दर्ज किया गया। जबकि  साइलेंस जोन यानी अस्पताल एरिया के लिए निर्धारित मानक दिन में 50 डेसिबल और रात में 40 डेसिबल है।  
 
आवासीय क्षेत्र में भी शोर ज्यादा
आवासीय क्षेत्र में पर्यावरण परिसर में मॉनीटरिंग स्टेशन लगाया गया है। यहां पर दीपावल की रात अधिकतम शोर 95.5 डेसिबल और न्यूनतम 42.7 डेसिबल दर्ज किया गया। जबकि निर्धारित मानक के अनुसार 55 डेसिबल दिन में और 45 डेसिबल रात में है।
 
कमर्शियल क्षेत्र में भी दोगुना प्रदूषण
शहर में कमर्शियल क्षेत्र में हमीदिया रोड पर मॉनीटरिंग सिस्टम लगा है। यहां पर दिन में 75 डेसिबल और रात में 70 डेसिबल मानक तय है। यहां दीपावली की रात अधिकतम 109.6 डेसिबल और न्यूनतम 38.4 डेसिबल ध्वनि प्रदूषिण दर्ज किया गया।
 
यहां के आकड़ों ने भी डराया
गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र में मॉनीटरिंग सिस्टम में अधिकतम 98.1 डेसिबल और न्यूनतम 31.3 डेसिबल ध्वनि प्रदूषण दर्ज किया गया। जबकि इंडस्ट्रीयल एरिया में दिन में 75 डेसिबल और रात में 70 डेसिबल मानक दर्ज है।    

निर्देशों का हुआ उल्लंघन
राजधानी में प्रशासन ने ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए पटाखे फोड़ने के समय के साथ ही रस्सी बम बेचने और फोड़ने पर प्रतिबंध लगाया था। इसके बावजूद निर्देशों का बाजारों में खुले आम उल्लंघन देखा गया। यहां रस्सी बम खुलेआम बिकते देखे गए। 

शोर बढ़ा रहा परेशानियां 
शोर के कारण परेशानियां बढ़ रही है। जानकारों का कहना है कि इसके कारण सिर्फ कान की बीमारियां ही नहीं हाई ब्लड प्रेशर के साथ मानसिक बीमारियां और चिडचिड़ापन भी बढ़ रहा है।


 

Source link

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन