मौत का धमाका, हवा भरते समय फटा JCB का टायर : 15 फीट ऊपर उछले 4 लोग, जबड़ा उखड़ने से हेल्पर की मौके पर ही मौत, CCTV में कैद हुई लाइव मौत
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाला और दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। चकरभाठा थाना क्षेत्र के बोदरी में निर्माणाधीन कॉलोनी में जेसीबी का टायर बदलते समय एक भीषण ब्लास्ट हो गया। धमाका इतना जोरदार था कि टायर के आसपास मौजूद लोग और उस पर बैठे चार युवक करीब 10 से 15 फीट ऊपर हवा में खिलौने की तरह उछल गए।
इस दर्दनाक हादसे में दुकान के एक युवा हेल्पर का जबड़ा उखड़ गया और सिर में गंभीर चोट आने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 3 अन्य लोग लहूलुहान हो गए। इस पूरी घटना का एक रोंगटे खड़े कर देने वाला सीसीटीवी (CCTV) फुटेज भी सामने आया है।

लोहे की डिस्क 40 फीट दूर जा गिरी, मौके पर ही थमीं सांसें
मिली जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा शुक्रवार सुबह करीब 12 बजे बोदरी स्थित फॉर्च्यून एलिमेंट की निर्माणाधीन कॉलोनी में हुआ। यहां जेसीबी के एक बड़े टायर का पंचर बनाने के बाद उसमें कंप्रेसर से हवा भरी जा रही थी। हवा भरने के दौरान वहां मौजूद 6 लोग आपस में बातचीत कर रहे थे, जिनमें से 4 लोग उसी टायर के ऊपर ही बैठे हुए थे।
तभी अचानक टायर हवा का दबाव नहीं झेल पाया और किसी बम की तरह फट गया। ब्लास्ट का प्रेशर इतना घातक था कि टायर में लगी भारी-भरकम लोहे की डिस्क उड़कर करीब 30 से 40 फीट दूर जा गिरी।
22 साल के उमाकांत की मौत, ड्राइवर-मैकेनिक समेत 3 गंभीर रूप से घायल
इस हादसे में जान गंवाने वाले युवक की पहचान 22 वर्षीय उमाकांत कौशिक के रूप में हुई है, जो सीपत इलाके का रहने वाला था और वहां पंचर दुकान में हेल्पर का काम करता था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, धमाके के बाद उमाकांत का पूरा चेहरा क्षत-विक्षत हो गया और उसका जबड़ा उखड़कर बाहर आ गया। हादसे में गंभीर रूप से घायल तीन अन्य लोगों को आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया गया है:
भूपेंद्र राव (जेसीबी ड्राइवर)
ओसामा (पंचर मैकेनिक)
अमृत यादव (स्थानीय कर्मचारी)
चकरभाठा पुलिस की जांच शुरू, सुरक्षा मानकों पर उठे गंभीर सवाल
हादसे के बाद पूरी निर्माणाधीन साइट पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही चकरभाठा थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर मामले की तकनीकी जांच कर रही है।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या हवा भरने वाली मशीन का प्रेशर वाल्व खराब था या फिर टायर में क्षमता से अधिक हवा डाल दी गई थी। यह घटना कंस्ट्रक्शन साइट्स और ऑटो गैरेज में सुरक्षा मानकों (Safety Protocols) की अनदेखी को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।
भारी वाहनों के टायर क्यों बनते हैं 'बम'?
ऑटोमोबाइल्स एक्सपर्ट्स के मुताबिक, जेसीबी, डंपर, ट्रक या ट्रैक्टर जैसे भारी वाहनों के टायरों में हवा भरते समय लापरवाही बरतने पर वे जानलेवा साबित हो सकते हैं। इसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं
ओवर-इन्फ्लेशन (जरूरत से ज्यादा हवा भरना): तय लिमिट से ज्यादा प्रेशर होने पर टायर अंदरूनी दबाव नहीं झेल पाते और फट जाते हैं।
क्षतिग्रस्त रिम या बीड (Bead) की खराबी: यदि टायर का किनारा लोहे की रिम पर ठीक से लॉक नहीं हुआ है, तो हवा भरते ही रिम अचानक छिटक जाती है।
पुराना या घिसा हुआ टायर: टायर में पहले से कट या दरारें होने पर वह हवा का भारी दबाव सहने में नाकाम रहता है।
खराब पंचर मरम्मत: टायर को अंदर से सही तरीके से सपोर्ट न मिलने पर कमजोर हिस्सा ब्लास्ट हो जाता है।
बचाव की सलाह: भारी वाहनों के टायर में हवा भरते समय हमेशा 'सेफ्टी केज' (लोहे के पिंजरे) का इस्तेमाल करना चाहिए और टायर के बिल्कुल नजदीक या उसके ऊपर कभी भी नहीं बैठना चाहिए।
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