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अनूपपुर में एग्जीक्यूटिव इंजीनियर 30 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार : सरकारी बंगले पर EOW की रेड, 2 लाख की थी डिमांड, आखिरी किस्त पर हुआ 'खेल'

मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले से भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग के प्रभारी कार्यपालन यंत्री (EE) अमित कुमार साह को शुक्रवार दोपहर रीवा ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ) की टीम ने ₹30,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

यह पूरी कार्रवाई एक पीड़ित ठेकेदार की गोपनीय शिकायत और पुख्ता सबूतों के आधार पर अंजाम दी गई है। इस कार्रवाई के बाद से जिले के प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।

डेढ़ लाख पहले डकार चुका था अफसर

ईओडब्ल्यू (EOW) की उप पुलिस अधीक्षक (DSP) प्रभा किरण ने बताया कि रीवा के बाणसागर कॉलोनी निवासी ठेकेदार रामाश्रय यादव ने 10 जून को ईओडब्ल्यू कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। ठेकेदार की 'आरजीए कंस्ट्रक्शन कंपनी' को कोरोना काल (2020-21) में अनूपपुर में पाइपलाइन बिछाने और नल कनेक्शन देने का ठेका मिला था।

काम पूरा होने के बाद भी ठेकेदार का ₹14 लाख का अंतिम देयक (फाइनल बिल), ₹7 लाख की सिक्योरिटी डिपॉजिट और ₹4 लाख की एफडीआर (FDR) विभाग में अटकी हुई थी। इसे पास करने के एवज में कार्यपालन यंत्री अमित कुमार साह ₹2 लाख की घूस मांग रहा था, जिसमें से ₹1.50 लाख की पहली किस्त वह 15 दिन पहले ही वसूल चुका था।

जैसे ही हाथ में पकड़े नोट, पीछे से धमक पड़ी पुलिस

ईओडब्ल्यू टीम के अनुसार, बची हुई घूस की रकम लेने के लिए प्रभारी कार्यपालन यंत्री अमित कुमार साह ने ठेकेदार रामाश्रय को 19 जून (शुक्रवार) को अपने अनूपपुर स्थित निजी निवास (स्मार्ट सिटी) पर बुलाया था। दरअसल, शुक्रवार को ईओडब्ल्यू की टीम पहले जाल बिछाकर कार्यालय पहुंची थी, लेकिन अधिकारी वहां मौजूद नहीं थे।

घंटों इंतजार के बाद जब ठेकेदार ने फोन कर पैसे तैयार होने की बात कही, तो लालची अधिकारी ने उसे सीधे अपने घर बुला लिया। ठेकेदार ने जैसे ही ₹30,000 की शेष राशि अधिकारी को सौंपी, पहले से घेराबंदी कर खड़ी ईओडब्ल्यू की टीम ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया।

सर्किट हाउस में मैराथन पूछताछ, खंगाला जा रहा अकूत संपत्ति का रिकॉर्ड

रंगे हाथ गिरफ्तारी के बाद ईओडब्ल्यू की टीम आरोपी कार्यपालन यंत्री अमित कुमार साह को लेकर पुलिस लाइन स्थित सर्किट हाउस पहुंची। वहां बंद कमरे में अधिकारी से कड़ी पूछताछ की जा रही है। ईओडब्ल्यू की टीम अब अमित कुमार साह के आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) के एंगल पर भी काम कर रही है।

उसके निवास और दफ्तर से संपत्ति से जुड़े अहम दस्तावेज जब्त किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

सफल रेड मारने वाली जांबाज टीम

इस हाई-प्रोफाइल ट्रैप की कार्रवाई को ईओडब्ल्यू की एसएसपी/डीएसपी प्रभा किरण ने लीड किया। टीम में उनके साथ मुख्य रूप से निरीक्षक हरीश त्रिपाठी, सब इंस्पेक्टर अभिषेक पांडेय, संतोष पांडेय, हवलदार पुष्पेंद्र पटेल, सत्यनारायण मिश्रा, घनश्याम त्रिपाठी, आरक्षक अमित दुबे, अजय पांडेय और प्रधान आरक्षक ओंकार शुक्ला शामिल रहे। इन सभी की सूझबूझ से भ्रष्ट अधिकारी को भागने या सबूत मिटाने का मौका नहीं मिला।

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