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: MP News: विवादित किताब मामले में इंदौर लॉ कॉलेज के प्राचार्य, प्रोफेसर सस्पेंड, तीन गेस्ट टीचर्स भी बाहर

News Desk

News Desk / Wed, Dec 7, 2022

MP News: विवादित किताब मामले में इंदौर लॉ कॉलेज के प्राचार्य, प्रोफेसर सस्पेंड, तीन गेस्ट टीचर्स भी बाहर

इंदौर लॉ कॉलेज का विवाद

इंदौर लॉ कॉलेज का विवाद - फोटो : सोशल मीडिया

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इंदौर शासकीय नवीन लॉ कॉलेज मामले में प्रदेश सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। सात सदस्यीय रिपोर्ट पर उच्च शिक्षा मंत्री ने प्राचार्य और सहायक प्राध्यापक को सस्पेंड कर दिया है। वहीं, तीन गेस्ट टीचर को भी बाहर का रास्ता बता दिया गया है।

उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव ने पूरे मामले की जांच के लिए 4 दिसंबर को सात सदस्यीय समिति गठित की थी। इस कमेटी ने जांच कर रिपोर्ट विभाग को सौंप दी। जिसके बाद पर उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव ने प्राचार्य डॉ. इनामुर्रहमान और डॉ. मिर्जा मौजीज बेग को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। वहीं, तीन अन्य गेस्ट टीचर को फालेन आउट किया है।

जांच कमेटी में डॉ. मधुरा प्रसाद अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा भोपाल, डॉ. किरण सलूजा प्रभारी अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा इंदौर, डॉ. अनूप कुमार व्यास प्राचार्य श्री अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय इंदौर, डॉ. कुंभल खंडेलवाल प्राध्यापक श्री अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय इंदौर, डॉ. आरसी दीक्षित प्राध्यापक शासकीय होलकर विज्ञान स्व-शासी महाविद्यालय इन्दौर और डॉ. संजय कुमार जैन प्राध्यापक शासकीय बाबूलाल गौर शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय भेल भोपाल को शामिल किया गया था। 

शासकीय नवीन लॉ कॉलेज की लाइब्रेरी में कथित हिंदुओं के खिलाफ भड़काने वाली विवादित किताब मिलने के बाद एबीवीपी ने कार्रवाई की मांग की थी। बता दें डॉ. फरहत खान की किताब सामूहिक  हिंसा और दांडिक न्याय पद्धति शीर्षक से प्रकाशित किताब में आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद को अल्पसंख्यकों पर बल पूर्वक गुलाम बनाने की बात कही गई है। इसके बाद गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने मामले में पुलिस को किताब की जांच कर एफआईआर करने के निर्देश दिए थे। पुलिस ने मामले में  कॉलेज के प्राचार्य डॉ. इनामुर्रहमान, सहायक प्राध्यपक डॉ. मिर्जा मौजीज बेग, किताब की लेखिका डॉ. फरहत खान और अमर लॉ पब्लिकेशन के खिलाफ केस दर्ज किया था।

एफआईआर दर्ज होने के बाद किताब की लेखिका डॉ. फरहत भरार हो गई थी। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें बनाई गई थी। गुरुवार को गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि पुलिस ने  डॉ. फरहत को पुणे से गिरफ्तार किया है। वह पुणे के अस्पताल में अपना इलाज करा रही है। उनकी दोनों किडनी फेल है। वहां उनका डायलिसिस चल रहा था। पुलिस ने उनको मौके पर गिरफ्तार कर जमानत दे दी और उनको पूछताछ के लिए कोर्ट में पेश होने के लिए कहा है। साथ ही गृहमंत्री ने बताया कि लेखिका की एक अन्य किताब भी सामने आई है। उसकी जांच की जा रही है। यदि उसमें विवादित सामग्री पाई गई तो उसमें भी केस दर्ज किया जाएगा।

विस्तार

इंदौर शासकीय नवीन लॉ कॉलेज मामले में प्रदेश सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। सात सदस्यीय रिपोर्ट पर उच्च शिक्षा मंत्री ने प्राचार्य और सहायक प्राध्यापक को सस्पेंड कर दिया है। वहीं, तीन गेस्ट टीचर को भी बाहर का रास्ता बता दिया गया है।

उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव ने पूरे मामले की जांच के लिए 4 दिसंबर को सात सदस्यीय समिति गठित की थी। इस कमेटी ने जांच कर रिपोर्ट विभाग को सौंप दी। जिसके बाद पर उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव ने प्राचार्य डॉ. इनामुर्रहमान और डॉ. मिर्जा मौजीज बेग को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। वहीं, तीन अन्य गेस्ट टीचर को फालेन आउट किया है।

जांच कमेटी में डॉ. मधुरा प्रसाद अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा भोपाल, डॉ. किरण सलूजा प्रभारी अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा इंदौर, डॉ. अनूप कुमार व्यास प्राचार्य श्री अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय इंदौर, डॉ. कुंभल खंडेलवाल प्राध्यापक श्री अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय इंदौर, डॉ. आरसी दीक्षित प्राध्यापक शासकीय होलकर विज्ञान स्व-शासी महाविद्यालय इन्दौर और डॉ. संजय कुमार जैन प्राध्यापक शासकीय बाबूलाल गौर शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय भेल भोपाल को शामिल किया गया था। 

शासकीय नवीन लॉ कॉलेज की लाइब्रेरी में कथित हिंदुओं के खिलाफ भड़काने वाली विवादित किताब मिलने के बाद एबीवीपी ने कार्रवाई की मांग की थी। बता दें डॉ. फरहत खान की किताब सामूहिक  हिंसा और दांडिक न्याय पद्धति शीर्षक से प्रकाशित किताब में आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद को अल्पसंख्यकों पर बल पूर्वक गुलाम बनाने की बात कही गई है। इसके बाद गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने मामले में पुलिस को किताब की जांच कर एफआईआर करने के निर्देश दिए थे। पुलिस ने मामले में  कॉलेज के प्राचार्य डॉ. इनामुर्रहमान, सहायक प्राध्यपक डॉ. मिर्जा मौजीज बेग, किताब की लेखिका डॉ. फरहत खान और अमर लॉ पब्लिकेशन के खिलाफ केस दर्ज किया था।


एफआईआर दर्ज होने के बाद किताब की लेखिका डॉ. फरहत भरार हो गई थी। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें बनाई गई थी। गुरुवार को गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि पुलिस ने  डॉ. फरहत को पुणे से गिरफ्तार किया है। वह पुणे के अस्पताल में अपना इलाज करा रही है। उनकी दोनों किडनी फेल है। वहां उनका डायलिसिस चल रहा था। पुलिस ने उनको मौके पर गिरफ्तार कर जमानत दे दी और उनको पूछताछ के लिए कोर्ट में पेश होने के लिए कहा है। साथ ही गृहमंत्री ने बताया कि लेखिका की एक अन्य किताब भी सामने आई है। उसकी जांच की जा रही है। यदि उसमें विवादित सामग्री पाई गई तो उसमें भी केस दर्ज किया जाएगा।

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