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: MP News: डीजीपी ने सीपीआर करके पुलिस कर्मियों को सीखाया, प्रदेश भर में 22 हजार कर्मियों ने लिया प्रशिक्षण

News Desk

News Desk / Fri, Feb 24, 2023

MP News: डीजीपी ने सीपीआर करके पुलिस कर्मियों को सीखाया, प्रदेश भर में 22 हजार कर्मियों ने लिया प्रशिक्षण

डीजीपी ने सीपीआर करके पुलिस कर्मियों को सीखाया

डीजीपी ने सीपीआर करके पुलिस कर्मियों को सीखाया - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रदेश में शनिवार को एक साथ 250 स्थानों पर पुलिसकर्मियों और पुलिस अधिकारियों को सीपीआर का प्रशिक्षण दिया गया। हर जिले के पुलिस लाइन के साथ अन्य स्थानों पर आयोजन हुए। डीजीपी सुधीर सक्सेना नेहरू नगर पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे और खुद सीपीआर करके पुलिसकर्मियों को सिखाया। प्रदेश के सभी आईजी, डीआईजी, पुलिस अधीक्षक, कमांडेंट व अन्य अधिकारी भी प्रशिक्षण में उपस्थित रहे। बता दें पिछले महीने ग्वालियर में एक महिला उप निरीक्षक ने राहगीर की सीपीआर देकर जान बचाई थी। इसके बाद प्रदेश में पुलिस कर्मियों के लिए सीपीआर प्रशिक्षण का आयोजन किया गया।   
 
22 हजार पुलिस कर्मियों ने लिया सीपीआर का प्रशिक्षण
स्वास्थ्य विभाग, रेडक्रॉस और निजी अस्पतालों के सहयोग से प्रदेश में 250 स्थानों पर आयोजित कार्यक्रम में प्रशिक्षकों ने पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों और उनके परिजनों का सीपीआर का महत्व बताया गया और सीपीआर की प्रक्रिया डमी के माध्यम से समझाई गई। इसके साथ ही चिकित्सकों ने सभी जिलों और वाहिनी मुख्यालयों में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सावधानीपूर्वक सीपीआर देने का प्रशिक्षण दिया। प्रदेश भर के 250 से अधिक स्थानों पर आयोजित इस सीपीआर प्रशिक्षण कार्यक्रम में 22,000 से अधिक पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया है।
 
आरआई को सीपीआर देने वाले सम्मानित
पिछले दिनों भोपाल के रक्षित निरीक्षक दीपक पाटिल को सीपीआर देकर जान बचाने वाले अमन और दो पुलिस आरक्षकों सोनू सिंह और भीम सिंह को पुलिस महानिदेशक सुधीर सक्सेना ने प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए गए। डीजीपी को रेडक्रॉस के डॉ. एसके शर्मा ने प्रशिक्षण दिया। इसके बाद डीजीनी ने पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दिया।
 
क्या है सीपीआर, क्यों है इसकी महत्ता
सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटैशन) एक बहुत महत्वपूर्ण प्रारंभिक उपचार प्रक्रिया है, जो किसी भी घटना/दुर्घटना में पीडि़त व्यक्ति को राहत पहुंचाने अथवा अमूल्य जीवन को बचाने में सहायक सिद्ध हो सकती है। सीपीआर वह प्रक्रिया है, जिसे हृदय गति रुक जाने पर अपनाया जाता है। इस प्रक्रिया में ऑक्सीजन फेफड़ों तक पहुंचती है, जिससे हृदय गति पुन: शुरू हो सकती है। सीपीआर के प्रयोग से हार्ट अटैक आने पर, हाइपोवॉल्मिक शॉक होने पर, बेहोश होने पर या बिजली का झटका लगने पर या कमजोर दिल वाले व्यक्ति को बचाया जा सकता है। सीपीआर जैसी महत्वपूर्ण प्रारंभिक प्रक्रिया के इस प्रशिक्षण से समय रहते पीडि़त व्यक्ति की सहायता कर उनका जीवन बचाया जा सकेगा।
 

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