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: Damoh: जब तक वो झोपड़ी में पहुंचते...तब तक उनकी मासूम बेटी जलकर मर गई, पुलिस जांच कर रही

News Desk / Sun, Nov 20, 2022


मासूम बच्ची की जलकर मौत

मासूम बच्ची की जलकर मौत - फोटो : अमर उजाला

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दमोह जिले के बटियागढ़ थाना अंतर्गत ग्राम पंचायत लुकायन के ग्राम बरक्वाइन में दिल-दहलाने वाला घटनाक्रम सामने आया है। यहां खेत में बनी एक झोपड़ी में अचानक आग लग गई, जिससे झोपड़ी में सो रही ढाई साल की मासूम बालिका आग की चपेट में आ गई और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मामला जांच में लिया है।

बताया जा रहा है कि छतरपुर जिले के बक्सवाहा के गुगवारा गांव निवासी हल्ले लोधी अपने परिवार के साथ बरक्वाइन गांव में एक किसान के खेत पर लकड़ी की झोपड़ी बनाकर रहता था और कृषि कार्य करता था। रविवार दोपहर झोपड़ी में किसान की चार साल की बेटी के साथ उसकी दूसरी ढाई साल की बेटी प्रियांशी लोधी सो रही थी और माता-पिता समीप ही लकड़ियां काट रहे थे। तभी अज्ञात कारणों से अचानक झोपड़ी में आग लग गई और आग से चार साल की बेटी झुलसने लगी तो वह बाहर भागी और माता-पिता को घटना की जानकारी दी। तत्काल माता-पिता मौके पर पहुंचे तब तक पूरी झोपड़ी आग की लपटों में घिर गई और उन्होंने ग्रामीणों को मदद के लिए बुलाया। जब तक ग्रामीणों ने पानी डालकर आग को बुझाया, पूरी झोपड़ी आग में जलकर खाक हो गई और अंदर सो रही ढाई साल की बेटी की आग में झुलसने से मौके पर मौत हो गई।

घटना की जानकारी लगते ही मौके पर बटियागढ़ थाना प्रभारी मनीष मिश्रा पुलिस बल के साथ पहुंचे और जांच पड़ताल कर पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। झोपड़ी में आग कैसे लगी, यह सबसे बड़ा सवाल है। क्योंकि बच्ची के पिता के बताए अनुसार, झोपड़ी के अंदर चूल्हा भी नहीं था। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। अपनी ढाई साल की बेटी को अपनी आंखों के सामने इस तरह झोपड़ी में जलते हुए देख उसकी मां सहम गई और बेसुध हो गई। दंपत्ति के तीन बच्चे हैं, जिसमें एक बेटा जो बड़ा है और एक चार साल की बेटी और दूसरी ढाई साल की प्रियांशी थी, जिसकी झोपड़ी में जलने से मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले को जांच में लिया है।

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दमोह जिले के बटियागढ़ थाना अंतर्गत ग्राम पंचायत लुकायन के ग्राम बरक्वाइन में दिल-दहलाने वाला घटनाक्रम सामने आया है। यहां खेत में बनी एक झोपड़ी में अचानक आग लग गई, जिससे झोपड़ी में सो रही ढाई साल की मासूम बालिका आग की चपेट में आ गई और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मामला जांच में लिया है।

बताया जा रहा है कि छतरपुर जिले के बक्सवाहा के गुगवारा गांव निवासी हल्ले लोधी अपने परिवार के साथ बरक्वाइन गांव में एक किसान के खेत पर लकड़ी की झोपड़ी बनाकर रहता था और कृषि कार्य करता था। रविवार दोपहर झोपड़ी में किसान की चार साल की बेटी के साथ उसकी दूसरी ढाई साल की बेटी प्रियांशी लोधी सो रही थी और माता-पिता समीप ही लकड़ियां काट रहे थे। तभी अज्ञात कारणों से अचानक झोपड़ी में आग लग गई और आग से चार साल की बेटी झुलसने लगी तो वह बाहर भागी और माता-पिता को घटना की जानकारी दी। तत्काल माता-पिता मौके पर पहुंचे तब तक पूरी झोपड़ी आग की लपटों में घिर गई और उन्होंने ग्रामीणों को मदद के लिए बुलाया। जब तक ग्रामीणों ने पानी डालकर आग को बुझाया, पूरी झोपड़ी आग में जलकर खाक हो गई और अंदर सो रही ढाई साल की बेटी की आग में झुलसने से मौके पर मौत हो गई।

घटना की जानकारी लगते ही मौके पर बटियागढ़ थाना प्रभारी मनीष मिश्रा पुलिस बल के साथ पहुंचे और जांच पड़ताल कर पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। झोपड़ी में आग कैसे लगी, यह सबसे बड़ा सवाल है। क्योंकि बच्ची के पिता के बताए अनुसार, झोपड़ी के अंदर चूल्हा भी नहीं था। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। अपनी ढाई साल की बेटी को अपनी आंखों के सामने इस तरह झोपड़ी में जलते हुए देख उसकी मां सहम गई और बेसुध हो गई। दंपत्ति के तीन बच्चे हैं, जिसमें एक बेटा जो बड़ा है और एक चार साल की बेटी और दूसरी ढाई साल की प्रियांशी थी, जिसकी झोपड़ी में जलने से मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले को जांच में लिया है।


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