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: नहीं दे पाईं MLA 10वीं का पर्चा: BJP विधायक सुमित्रा कास्डेकर बजट सत्र के चलते परीक्षा में नहीं हो सकीं शामिल

News Desk / Tue, Feb 28, 2023


भाजपा की विधायक सुमित्रा कास्डेकर इस बार फिर 10वीं की परीक्षा में शामिल नहीं हो सकीं।

भाजपा की विधायक सुमित्रा कास्डेकर इस बार फिर 10वीं की परीक्षा में शामिल नहीं हो सकीं। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मध्यप्रदेश के बुरहानपुर जिले की नेपानगर विधानसभा से भाजपा की विधायक सुमित्रा कास्डेकर इस बार फिर 10वीं की परीक्षा में शामिल नहीं हो सकीं। उन्होंने अपनी अधूरी पढ़ाई पूरी करने के लिए 10वी परीक्षा का फॉर्म भरा था। विधानसभा बजट सत्र में शामिल होने के कारण वे पर्चा नहीं पाईं।

बता दें कि प्रदेश में  1 मार्च से दसवीं की परीक्षाएं शुरू हो गई हैं वहीं मध्यप्रदेश विधान सभा में भी बजट सत्र चल रहा है। भाजपा विधायक कास्डेकर भी बजट सत्र में शामिल हो रही हैं। इस वजह से अपनी दसवीं की परीक्षा के पेपर नहीं दे पाईं। बता दें कि भाजपा विधायक ने करीब 21 साल पहले अपनी पढ़ाई अधूरी छोड़ दी थी और पढ़ाई पूरी करने के लिए ही उन्होंने इस बार दसवीं का फॉर्म भरा था।

नेपानगर से भाजपा विधायक सुमित्रा कास्डेकर ने देडतलाई के शासकीय मॉडल हायर सेकंडरी स्कूल से अपनी अधूरी पड़ाई पूरी करने का सपना लिए दसवीं की परीक्षा का फॉर्म भरा था। उन्हें परीक्षा केंद्र बुरहानपुर का शासकीय सुभाष उत्कृष्ट हायर सेकंडरी स्कूल मिला है। यहां वे अन्य विद्यार्थियों के साथ सामान्य छात्रा के रूप में परीक्षा में शामिल होने वाली थीं। परीक्षा में उनके विषय हिंदी, सामाजिक विज्ञान, गणित, संस्कृत, अंग्रेजी और विज्ञान थे। 

गांव में स्कूल नहीं होने के कारण आगे नहीं पढ़ पाईं
सुमित्रा कास्डेकर का जन्म महाराष्ट्र के अमरावती जिले के सेमाडोह में 15 अगस्त 1983 को हुआ था। स्कूल के दस्तावेजों में उनका नाम बाली सेमलकर दर्ज है। सुमित्रा उनका जन्म का नाम है। उन्होंने 8 वीं तक शिक्षा प्राप्त की। गांव में स्कूल नहीं होने के कारण इसके आगे नहीं पढ़ पाईं। 1999 में उनकी शादी देड़तलाई के वेटनरी डॉक्टर राजेश कास्डेकर से हुई। राजेश गायत्री परिवार बुरहानपुर के ट्रस्टी भी हैं। शादी के बाद भी उनकी पढ़ने की इच्छा रही, लेकिन जिम्मेदारियों के कारण वे इसे पूरा नहीं कर पाईं। इस बार कक्षा 10वीं की परीक्षा देने जा  रहीं थी। 


विधायक बोलीं- अगली बार देखेंगे 
परीक्षा नहीं दे पाने को लेकर  विधायक सुमित्रा कास्डेकर का कहना है कि अभी  विधानसभा सत्र है, इसलिए परीक्षा नहीं दे पाए, क्या करें। अगली बार देखेंगे। यहां बजट सत्र में रहना भी काफी जरूरी है। यह एक महीने का सत्र होता है। 27 मार्च तक चलेगा, हालांकि बीच में मैं नेपानगर आऊंगी।

सुमित्रा कास्डेकर का राजनीतिक सफर 
सुमित्रा कास्डेकर के भाई साबूलाल सेमलकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे। शादी के बाद सुमित्रा ने 2009 में सरपंच का चुनाव लड़ा, लेकिन जीत नहीं पाई। इसके बाद 2018 में जनपद सदस्य का चुनाव लड़ा और जीतीं। 2019 में कांग्रेस के टिकट पर नेपानगर विधानसभा चुनाव लड़ा और जीत कर विधायक बनीं। बाद में वे भाजपा में शामिल हो गईं और 2020 भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़कर विधायक चुनीं गईं।


 

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