Logo
Breaking News Exclusive
हीरा सिंह Vs फुंदेलाल मार्को की बोल-बम यात्रा, शिव ने किसकी भरी झोली; जानिए 2 यात्राओं की 10 सीक्रेट कहानी मौहारी-जरही-परसेल के ग्रामीणों का हल्लाबोल, 7 दिन में रोड नहीं तो आंदोलन; सांसद-विधायक के खोखले विकास की खुली पोल ग्रामीणों का गुस्सा फूटा, मौहारी-देवरा मार्ग के लिए खुद उठाई कुदाली, 15 हजार वोटर करेंगे चुनाव बहिष्कार और आंदोलन अनूपपुर के मौहारी समेत 4 पंचायतों में सड़क आज भी सपना; 15 हजार वोटर बोले- अब चक्काजाम, चुनाव बहिष्कार की चेतावनी 23 दिन 100% उपस्थिति के कुछ घंटे बाद तबादला, रणबीर शर्मा होंगे नए कलेक्टर, जानिए कहां भेजे गए ? महाकाल में क्या चिता की भस्म चढ़ती है, रात में नेता क्यों नहीं रुकते, क्या कुर्सी चली जाती है; जानिए सच्चाई ? तारापीठ में होटल धधका, 7 लोग जिंदा जले, मां और 2 बच्चों समेत कई लापता नागचंद्रेश्वर मंदिर दर्शन के लिए भीड़, 13 श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ी; अस्पताल में भर्ती Ashok Dham Temple में भगदड़, 7 महिलाओं की मौत; 23 से ज्यादा घायल, 3 की हालत नाजुक MP के NCC कैंप में सोलो सिंगिंग में पहला स्थान, 17+ वाद्य यंत्रों के उस्ताद; पढ़िए देवभोग के बेटे की कहानी ? हीरा सिंह Vs फुंदेलाल मार्को की बोल-बम यात्रा, शिव ने किसकी भरी झोली; जानिए 2 यात्राओं की 10 सीक्रेट कहानी मौहारी-जरही-परसेल के ग्रामीणों का हल्लाबोल, 7 दिन में रोड नहीं तो आंदोलन; सांसद-विधायक के खोखले विकास की खुली पोल ग्रामीणों का गुस्सा फूटा, मौहारी-देवरा मार्ग के लिए खुद उठाई कुदाली, 15 हजार वोटर करेंगे चुनाव बहिष्कार और आंदोलन अनूपपुर के मौहारी समेत 4 पंचायतों में सड़क आज भी सपना; 15 हजार वोटर बोले- अब चक्काजाम, चुनाव बहिष्कार की चेतावनी 23 दिन 100% उपस्थिति के कुछ घंटे बाद तबादला, रणबीर शर्मा होंगे नए कलेक्टर, जानिए कहां भेजे गए ? महाकाल में क्या चिता की भस्म चढ़ती है, रात में नेता क्यों नहीं रुकते, क्या कुर्सी चली जाती है; जानिए सच्चाई ? तारापीठ में होटल धधका, 7 लोग जिंदा जले, मां और 2 बच्चों समेत कई लापता नागचंद्रेश्वर मंदिर दर्शन के लिए भीड़, 13 श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ी; अस्पताल में भर्ती Ashok Dham Temple में भगदड़, 7 महिलाओं की मौत; 23 से ज्यादा घायल, 3 की हालत नाजुक MP के NCC कैंप में सोलो सिंगिंग में पहला स्थान, 17+ वाद्य यंत्रों के उस्ताद; पढ़िए देवभोग के बेटे की कहानी ?

: राजस्व विभाग का कारनामा: एमपी में जीवित किसान को रिकॉर्ड में बताया मृत, जिंदा होने की गवाही दे-देकर थका पीड़ित

News Desk / Mon, Nov 28, 2022


जिंदा किसान रिकॉर्ड में मृत

जिंदा किसान रिकॉर्ड में मृत - फोटो : अमर उजाला

ख़बर सुनें

मध्यप्रदेश गजब है, यहां आये दिन हर विभाग की अजीबोगरीब लापरवाहियां देखने को मिलती रहती हैं। हाल ही में सतना जिले में राजस्व विभाग की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। विभाग ने एक जीवित किसान को रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया है, पीड़ित किसान बीते चार साल से खुद के जिंदा होने की गवाही दे-देकर थक चुका है। 

रिश्वत न देने पर पटवारी ने घोषित किया मृत
मामला सतना जिले के सहिजना गांव का है। यहां रामसुजान चौधरी सीमांत किसान हैं। सरकार ने 2018 में इन्हें किसान सम्मान निधि दी थी। किसान को योजना के तहत चार किश्तें भी मिली, लेकिन एक साल बाद उन्हें योजना का लाभ मिलना बंद हो गया। दरअसल पटवारी गणेश कोल ने योजना का लाभ अनवरत मिलते रहने के एवज में किसान से पांच हजार रुपये की मांग की थी। किसान ने किसी तरह 2000 रुपये पटवारी को दिए, लेकिन पटवारी को ये बात ठीक नहीं लगी, पटवारी ने  किसान को 2019 में राजस्व रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया, जिसके चलते पीड़ित को किसान सम्मान निधि की राशि मिलना बंद हो गई।

कई आवेदनों के बाद भी नहीं हुई सुनवाई
पीड़ित किसान ने खुद को रिकॉर्ड में जीवित दर्ज कराने के लिए कई आवेदन भी दिए लेकिन विभाग ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। वहीं विभाग की इस बड़ी गलती का खामियाजा किसान को उठाना पड़ रहा है। सरकारी राजस्व रिकॉर्ड में डेड घोषित होने के कारण किसान को प्रदेश और केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाली किसान सम्मान निधि का लाभ नहीं मिल पा रहा है। किसान रामसुजान ने सीएम हेल्पलाइन और जिला कलेक्टर से भी इसकी शिकायक की लेकिन अब तक रिकॉर्ड में सुधार नहीं हुआ। किसान बीते चार साल से खुद को जिंदा होने की गवाही दे-देकर हार गया लेकिन अधिकारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। वहीं, मामले पर जिले के आलाधिकारी कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं, हालांकि जिले के प्रभारी मंत्री ने मामला सामने आने के बाद राजस्व अधिकारियों द्वारा रिकॉर्ड में जल्द सुधार करने की बात कही है।
 

विस्तार

मध्यप्रदेश गजब है, यहां आये दिन हर विभाग की अजीबोगरीब लापरवाहियां देखने को मिलती रहती हैं। हाल ही में सतना जिले में राजस्व विभाग की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। विभाग ने एक जीवित किसान को रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया है, पीड़ित किसान बीते चार साल से खुद के जिंदा होने की गवाही दे-देकर थक चुका है। 

रिश्वत न देने पर पटवारी ने घोषित किया मृत
मामला सतना जिले के सहिजना गांव का है। यहां रामसुजान चौधरी सीमांत किसान हैं। सरकार ने 2018 में इन्हें किसान सम्मान निधि दी थी। किसान को योजना के तहत चार किश्तें भी मिली, लेकिन एक साल बाद उन्हें योजना का लाभ मिलना बंद हो गया। दरअसल पटवारी गणेश कोल ने योजना का लाभ अनवरत मिलते रहने के एवज में किसान से पांच हजार रुपये की मांग की थी। किसान ने किसी तरह 2000 रुपये पटवारी को दिए, लेकिन पटवारी को ये बात ठीक नहीं लगी, पटवारी ने  किसान को 2019 में राजस्व रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया, जिसके चलते पीड़ित को किसान सम्मान निधि की राशि मिलना बंद हो गई।

कई आवेदनों के बाद भी नहीं हुई सुनवाई
पीड़ित किसान ने खुद को रिकॉर्ड में जीवित दर्ज कराने के लिए कई आवेदन भी दिए लेकिन विभाग ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। वहीं विभाग की इस बड़ी गलती का खामियाजा किसान को उठाना पड़ रहा है। सरकारी राजस्व रिकॉर्ड में डेड घोषित होने के कारण किसान को प्रदेश और केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाली किसान सम्मान निधि का लाभ नहीं मिल पा रहा है। किसान रामसुजान ने सीएम हेल्पलाइन और जिला कलेक्टर से भी इसकी शिकायक की लेकिन अब तक रिकॉर्ड में सुधार नहीं हुआ। किसान बीते चार साल से खुद को जिंदा होने की गवाही दे-देकर हार गया लेकिन अधिकारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। वहीं, मामले पर जिले के आलाधिकारी कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं, हालांकि जिले के प्रभारी मंत्री ने मामला सामने आने के बाद राजस्व अधिकारियों द्वारा रिकॉर्ड में जल्द सुधार करने की बात कही है।
 


Source link

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन